अरे दीवानों, इसे पहचानो, ये है डॉन

पाबला जी, नमस्कार। यह रहा डॉन और उसके बचपन का फोटो!

कल, 28 सितम्बर की सुबह जब मुझे यह ई-मेल दिखी तो दिल की धड़कन बढ़ गई। उधर अयोध्या की खबर आने वाली थी इधर यह डॉन की फोटो आ रही! कांपते हाथों से पूरी ईमेल खोल कर देखी तो और घबड़ा गया। ये तो ज़नाब बचपन से ही चाकू-छुरी से खेल रहे। अब क्या करूँ? सोचा आपसे ही पूछ लूँ कि यह हैं कौन?

ये तो बचपन से ही टोपी पहनने पहनाने लग गए थे!

महाशय के हाथ में चाकू देख रहे हैं? और चेहरे का गुस्सा …

मजनूँ बन जाने का समय भी आया 🙂

और यह रहा डॉन
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अरे दीवानों, इसे पहचानो, ये है डॉन” पर 13 टिप्पणियाँ

  1. पता नहीं कितने देशों की पुलिस इन्हे ढूंढ रही है?
    और ये यहां पाए जाते हैं। रेड कार्नर भी जारी हो चुका है इस डॉन का—हा हा हा
    बढिया फ़ोटो ढूंढ कर लाए हैं आप।

  2. डॉन आजकल कवि हो गया है..समय जो न करवा दे…

    कहते हैं कि:

    मुख्य रूप से कविता लिखता हूँ ।कभी कभी कहानी,व्यंग्य,लेख और समीक्षाएँ भी । एक कविता संग्रह "गुनगुनी धूप में बैठकर " और "पहल" में प्रकाशित लम्बी कविता "पुरातत्ववेत्ता " के अलावा सभी महत्वपूर्ण साहित्यिक पत्रिकाओं में कवितायें व लेख प्रकाशित । संगीत सुनना अच्छा लगता है और मित्र बनाना । झोपड़पट्टियों में जाकर उनके दुखदर्द बाँटता हूँ जिनके पास दुख ही दुख हैं । अपनी तरह से ज़िन्दगी जीने का शौक है इसलिये स्टेट बैंक की नौकरी छोड़कर अपनी फाकामस्ती के रंग लाने के इंतज़ार में हूँ

  3. जो जानते हैं, वो भी इनका नाम लेने में हिचक रहे हैं जी
    जबरदस्त दहशत है इनकी तो

    प्रणाम

  4. डॉन से मिलवाने के लिए
    आपका धन्यवाद!

  5. क्या ये वही हैं जो हम सोच रहे हैं ?
    यदि ऐसा है तो अद्भुत है ।

  6. डॉन……
    अरे बाप रे,,,,,,,,,,,मेरे तो पसीने छुट गए.
    बचाओ—–बचाओ.
    मैं डॉन के बिलकुल सामने ही बैठा (लैपटॉप के) हूँ और अब ये डॉन मुझे मारने वाला ही हैं.
    बचाओ——बचाओ.
    हाहा हाहा हाहा.
    बहुत अच्छा लिखा आपने और चित्र भी लाज़वाब हैं.
    धन्यवाद.
    http://WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

  7. अरे कोई बताने का नाम नहीं लेता..बस सब लोग हिलेले हो रहे हैं…
    शरद कोकास जी हैं क्या ?
    मजनूँ वाली शक्ल आज कल की शक्ल से मिल तो रही है…
    हाँ नहीं तो..!

  8. अरे यह कौन है ? यह तो बिलकुल मेरे जैसा दिख रहा है … जो भी हो लगता तो बहुत खतरनाक है ?

  9. अरे ये तो विपुल जैन लग रहे हैं । चिठ्ठाजगत वाले ।

  10. ओह ये डान तो मेरे ब्लाग पर भी आये थे! अच्छा है आजकल पब्लिसिटी तभी अधिक होती है अगर डान साथ हो। धन्यवाद पावला जी। मेरी आज की मेल का जवाब जरूर दें।

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