आग की लपटों वाली बेल और मेरा निवास

पारिवारिक कारणों से की गयी मुम्बई यात्रा से लौटा तो बाहर नुचे, बिखरे फूलों को देखकर याद आया कि एक पोस्ट लिखी पड़ी है जिसे ऑनलाईन नहीं कर पाया था। वह पोस्ट थी मेरे सरकारी निवास की चहारदिवारी पर लगी flame vine (आग की लपटों वाली बेल!?) Pyrostegia venusta  के बारे में। जिसके फूल अब अपनी बहार पर हैं और मेरी नींद हराम है।

कथित मॉर्निंग वाक पर निकलने वाले श्रद्धालु, पूरी श्रद्धा व अधिकार से इन बेचारे फूलों को ऐसे नोचते हैं कि हमारी डॉगी बेचैन होकर धरती-आकाश एक कर देती है।

इन श्रद्धालुयों को कई बार समझा चुका हूँ कि वे हमारे घर के किसी भी सदस्य को बोलकर, अंदरूनी हिस्सों के सीमित फूल, प्रतिकात्मक तौर पर हमारी भेंट समझ कर अपने इष्टदेव के चरणों में समर्पित करने के लिए ले जा सकते हैं। जिससे चहारदिवारी की बाहरी खूबसूरती बरकरार रहे। किन्तु किसी झिझक/ अकड़/ शर्मिंदगी/ झेंप के चलते वे ऐसा नहीं कर पाते।

कई बार तो मैने, रात के दो बजे के आसपास भी, अपनी डॉगी की शानदार चौकसी के कारण,  इन महानुभावों को आग भड़काते खूबसूरत फूलों पर हमला करते पकड़ा है। शायद आपको भी आश्चर्य हो कि इनमें महिलायों की तादाद ज़्यादा रहती है। जो यह कहने से नहीं चूकती कि ‘कैसे-कैसे लोग हैं भई, रात के दो बजे भी घर के बाहर बैठे रहते हैं!’ वैसे इन फूलों की कलम लगाने के बहाने भी कई लोग तोड़-फोड़ मचा देते हैं।

bignonia venusta-bspabla

यह बेल मूल रूप से दक्षिणी ब्राज़ील, उत्तरी अर्जेन्टाईना व पैरागुवे की पैदाईश है। एक बेल 25 मीटर (80 फीट) से भी अधिक लम्बी हो सकती है तथा इसके फूल लगभग 3 इंच के होते हैं। इसके फूल खिलने का समय वैसे तो नवम्बर तथा फरवरी में है किन्तु मौसम चक्र गड़बड़ाने के कारण यह आजकल दिसम्बर व मार्च में अपनी आभा बिखेरते नज़र आते हैं। बाकी समय यह बेल हरीभरी बनी रहती है। आप देख ही रहे हैं कि चहारदिवारी पर इनकी रौनक देखते ही बनती है।

दुआ कीजिए कि बहार खत्म होने के पहले यह रौनक लुप्त ना हो जाये मेरे निवास से।

आग की लपटों वाली बेल और मेरा निवास
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आग की लपटों वाली बेल और मेरा निवास” पर 11 टिप्पणियाँ

  1. flame vine (आग की लपटों वाली बेल!) के बारे में अपने बढ़िया जानकारी फोटो के साथ दी है बेहद आकर्षित करता है फूल . ईश्वर ने प्रकृति को सुंदर फूलो के रूप में अनमोल खजाने दिए है जिन्हें देखकर तबियत खुश हो जाती है . जानकारी के लिए आभार.

  2. आपने flame vine (आग की लपटों वाली बेल!) के बारे में अच्‍छी जानकारी दी….पता नहीं इतने सुंदर फूलों को लोग कैसे बर्वाद कर देते हैं।

  3. इसे देखा तो है, पर लातीनी अमरीकी मूल की है – यह आज पता चला।
    काम की जानकारी।

  4. सुंदर चित्रों के साथ सुंदर जानकारी. बेहद खूबसूरत लग रहे हैं. आभार.

  5. आप के यह सुंदर फ़ूल देख कर ओर बेल देख कर दिल खुश हो गया, मै तो भगवान से यही प्राथान करुगां की यह सारा साल रहे,
    ओर यह छिना झपटी का सुन कर दिल बहुत दुखी हुआ, करनी पुजा है उस मे भी चोरी के फ़ूल….
    दुख की बात है मुझे भी बहुत शोक है ओर जानता हु, कितना प्यार हो जाता है, इन पोधो से, ओर लोग जब बेशर्मी ओर बेरहमी से तोडते है तो… दुख भी होता है…

    एक राय आप एक बोर्ड पर लिख कर लगा दे कि चोरी के फ़ूल से पुजा करनी क्या सही है, उस से भगवान खुश होगे??? ओर साथ ही एक छोटी सी टोकरी मे कुछ फ़ूल तोड कर बाहर रख दे, ओर साथ मे लिख दे पुजा के लिये आप यहां से फ़ूल चुन सकते है यह चोरी नही, हमारी तरफ़ से आप की पुजा के लिये.
    फ़िर देखे लोग एक तो चोरी कम करेगे,आप का बोड पढ कर , दुसरा जिन्हे चाहिये वो उस टोकरी से ही उठायेगा. लेकिन कुछ वेबकुफ़ फ़िर भी बच जायेगे जिन का इलाज कोई नही कर सकता

  6. चित्र अत्‍यन्‍त नयनाभिराम (आई केचिंग) हैं। देर तक नजर नहीं हटती। लगता है, आग आखों में आ बसने को मचल रही हो।

    बहुत-बहुत ही सुन्‍दर।

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