आ तो गई वो, लेकिन अब तांडव पर उतारू है

आ तो गयी वो आखिर. स्वागत तो हमने भी किया. तस्वीरें देख ही चुकें है आप. लेकिन यह उम्मीद नहीं थी उससे, कि हमारे भाई-बन्धुओं की ओर आंख उठा कर भी ना देखे. इतनी भी क्या अकड़ रखनी भई! आखिर कितना तरसाया है उसने. अब भी रहम ना आया तो क्या फायदा आने का!

(दुर्ग बायपास पर बने पुल से नदी का नज़ारा)

हमसे भी जब देखा ना गया तो ज़रा सी गुजारिश कर दी कि इतनी बेरुखी ठीक नहीं. बस फिर क्या था हो गया शुरू तांडव उसका.

(मेरे सरकारी निवास के पास वाला मैदान व चहारदीवारी)
सिवाय कसमसाने के कुछ कर भी नहीं सकते थे.

(शिवनाथ नदी के पुराने पुल वाले ऊपरी दो चित्र 24 घंटे के अंतराल के हैं, बाकी दोनों अपनी कहानी खुद कह रहे)

सोचा आप लोगों से साझा कर लिया जाए ये सब.


(शिवनाथ नदी के तट पर ‘मुक्तिधाम’ के पास एनीकेट के दृष्य)

हमें मालूम था कि आप सबूत के तौर पर तस्वीरें मांगेंगे. इसीलिए तस्वीरें भी ले लीं.

(इसी राह पर एक शव वाहन खड़ा दिखा)

(उफनती नदी का एक नज़ारा)

अब आप खुद ही चित्रों पर क्लिक से बड़ा कर देख लीजिए, वीडियो चला कर देख लीजिए . . .


आ तो गई वो, लेकिन अब तांडव पर उतारू है
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आ तो गई वो, लेकिन अब तांडव पर उतारू है” पर 16 टिप्पणियाँ

  1. पाबला जी बेहतरीन पोस्ट , वन ओफ़ योर बेस्ट, लाजवाब तस्वीरें और शववाहिनी के तो क्या कहने , मजा आ गया। अब पता चल गया कि वो आप की बात सुनती है तो उसे जरा कहिए कि एक चक्कर उत्तर भारत का भी लगा ले, आखिर सब मिल बांट के खाना चाहिए न

  2. छायांकन से सजे चित्रों ने मन तो मोह लिया़,
    परन्तु नदी का विकराल रूप भयावह भी लगा।
    आपके श्रम को नमन!

  3. यहाँ दिल्ली में तो बस नाम के लिए ही बूंदा-बांदी हो रही है कि कहीं भूल से भी ऐबसैंट ना लग जाए

  4. ये शव वाली गाडी का सन्देश तो कमाल का है …

  5. Delhi is very humid but without any proper rain !I wish u could send some clouds here!

  6. बहुत सुंदर चित्र और पोस्ट। प्रकृति अपने हिसाब से चलती है। हम ही उसे गड़बड़ करते रहते हैं। न जाने कितने जंगल काटे हैं। न जाने कितने आग उगलने वाले थर्मल खड़े किए हैं। बादल देख कर निकल जाते हैं। उन्हें भी हरियाली चाहिए बरसने को।

  7. खतरनाक संदेश है गाड़ी के पीछे…हमें बक्शो…हम यहीं ठीक हैं. 🙂

  8. एक जानकारी लिखना भूल गया था – स्थानीय समाचार पत्रों का दावा है कि इस बार बरसात ने पिछले 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है।

    एक वीडियो लगाना भूल गया था। उसे लगा दिया है, पोस्ट अपडेट हो गयी है।

    वैसे बारिश रूक-रूक कर अभी भी हो रही है। सूरज देखे हुये एक सप्ताह से अधिक हो रहा है 🙂

  9. बढ़िया तस्वीरे ..दिल्ली में न जाने कब बरसेंगे मेघा ..:(

  10. बढ़िया तस्वीरे ..दिल्ली में न जाने कब बरसेंगे मेघा ..:(

  11. बढ़िया तस्वीरे ..दिल्ली में न जाने कब बरसेंगे मेघा ..:(

  12. ये मुई बड़ी खराब है …वहाँ तांडव कर रही है..यहाँ दिल्ली में ठुमका लगाने को भी राजी नहीं है..लगता है इसका भी स्वयाम्बर रचाना पडेगा राखी सावंत के बाद…

  13. हमे मालूम था पाबला जी फोटो खींच लायेंगे इसलिये हम घर से निकले ही नही लेकिन लाईव का मज़ा तो पाबला जी ने ही लिया .हाँ थोडा पानी और बढ जाता तो शायद वह शव वाहन वहाँ खडा नही दिखाई देता , अच्छा हुआ ऐसा नही हुआ.

  14. शव वाहन तो बड़ा जबरदस्त संदेश दे रहा है!

  15. न आये तो परेशानी, आ जाए तो भी परेशानी.किसी ने कहा है-
    हम रोने पे आ जाएँ तो दरिया ही बहा दें
    शबनम की तरह से हमें रोना नहीं आता.

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