इंटरनेट की धीमी रफ़्तार से छुटकारा कैसे पाएं

ब्रॉडबैंड इंटरनेट की गति बढाने के उपाय बतलाता लेख

आजकल घर, ऑफिस सहित बहुतेरे कार्यों के लिए इंटरनेट पर निर्भरता बढ़ गई है. यात्रा कार्यक्रम, टिकटों की बुकिंग, पढ़ाई लिखाई, वैवाहिक रिश्ते तलाशना, ऑनलाइन बैंकिंग, प्रशासन कार्य, स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां, नौकरी की तलाश, ऑनलाइन शॉपिंग, बच्चे का होमवर्क प्रोजेक्ट, किसी कॉलेज छात्र का प्रोजेक्ट वर्क वगैरह सब इंटरनेट वाले कंप्यूटर से आसान हो जाता है.

कई मित्रों की परेशानियां सामने आती रहती हैं कि इंटरनेट बहुत धीरे चलता है. ज़्यादातर मित्र डेस्कटॉप के ब्रॉडबैंड पर निर्भर हैं. अच्छे प्लान लेने के बावजूद दिक्कत रहती है.

दरअसल, इंटरनेट की गति केवल उसके प्लान पर निर्भर नहीं रहती. कंप्यूटर पर इसके बहुत से कारक हैं जो इसे बढ़ा सकते हैं. आइए देखा जाए कुछ आवश्यक तकनीकी उपायों से होते हुए सामान्य प्रयासों को भी.

तरीके इंटरनेट के

विश्वसनीयता और गति के लिए DNS बदलें

मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि ब्रॉडबैंड देने वाली कंपनी कोई भी हो, सुरक्षित – भरोसेमंद – ज्यादा तेज गति के लिए कंप्यूटर के लोकल एरिया कनेक्शन या वायरलेस नेटवर्क कनेक्शन में Preffered या Primary DNS सर्वर, 8.8.8.8 और Alternate DNS सर्वर, 8.8.4.4 होना चाहिए. यह सेवा गूगल द्वारा मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही है.

आम तौर पर उपरोक्त DNS, IPv4 वाले कम्प्यूटर्स के लिए है अगर आप विशेष तौर पर IPv6 के DNS बदलना चाहते हैं तो क्रमश: 2001:4860:4860::8888 और 2001:4860:4860::8844 का प्रयोग करें.

वैसे तो यह काम खुद ही करना चाहिए, लेकिन ‘झंझट’ से मुक्ति पाने का सरल तरीका है कि इस लिंक पर क्लिक कर एक छोटा सा सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें. उसे क्लिक करें, Switch to Google DNS बटन पर क्लिक करें. किस्सा ख़त्म 🙂

DNS Cache हटाएँ

flush-dnsजो साइट्स आपने, अपने कंप्यूटर पर खोली है, दुबारा खोलने पर वो जल्दी खुल जाएँ इसलिए DNS cache को ऑपरेटिंग सिस्टम स्वतः ही इकट्ठा करता रहता है.

समय-समय पर इसे हटाना बहुत जरुरी है।

इसका साधारण तरीका है –

अपने कीबोर्ड से विंडो Key के साथ R दबाएँ, सामने आए बॉक्स में टाइप करें CMD और ओके करें, जो कमांड प्रॉम्प्ट खुलेगा, इसमें टाइप करें ipconfig /flushdns और इंटर Key दबा दें. फिर वहीँ Exit लिख, एंटर दबा बाहर हो जाएँ

SNR मान जाँचें

SNR मतलब Signal to Noise Ratio. इसका मान, ब्रॉडबैंड लाइन पर लागू होता है. डाउनलोड के वक्त एक अच्छी लाइन के लिए यह 13 dB से अधिक होना चाहिए. टेलीफोन लाइन पर इसका मापदंड, मॉडेम के आधुनिक इंटरफ़ेस पर देखा जा सकता है. इंटरफ़ेस के लिए ब्राउज़र के एड्रेस बार में 192.168.1.1 या 192.168.1.2 टाइप करें, एंटर दबाएं, यूजर के लिए admin और पासवर्ड के लिए admin का उपयोग करें

वैसे तो, ब्रॉडबैंड 13 dB से कम पर भी चलता है, लेकिन इस कारण गति कम होना, बार बार कनेक्शन कटना, टाइम आउट जैसी समस्याएँ आती हैं.

13 dB से कम मान पाए जाने पर टेलीफोन की तारें बदलना, तारों के जोड़ ठीक करना, टेलीफोन एक्सचेंज से टेलीफोन तक आने वाले वर्टिकल/ कैबिनेट/ पिलर/ डीपी आदि में लाइन पेयर का बदलाव, स्थिति में सुधार ला सकता है.

व्यवहारिक तौर पर किसी निश्चित SNR मान के लिए टेलीफोन लाइन उपलब्ध करवाना मुश्किल है. यह तो बदलावों की कोशिशों से ही पाया जा सकता है.

धीमा इंटरनेट

Attenuation मान जाँचें

Attenuation बोले तो क्षीणता, कमजोर होते जाना. इसका मान, ब्रॉडबैंड लाइन पर लागू होता है. डाउनलोड के वक्त एक अच्छी लाइन के लिए यह 45 dB से कम होना चाहिए. टेलीफोन लाइन पर इसका मापदंड, मॉडेम के आधुनिक इंटरफ़ेस पर देखा जा सकता है. वैसे तो, ब्रॉडबैंड 45 dB से कम पर भी चलता है, लेकिन इस कारण गति कम होना, बार बार कनेक्शन कटना, टाइम आउट जैसी समस्याएँ आती हैं.

45 dB से अधिक मान पाए जाने पर टेलीफोन की तारें बदलना, तारों के जोड़ ठीक करना, टेलीफोन एक्सचेंज से टेलीफोन तक आने वाले वर्टिकल/ कैबिनेट/ पिलर/ डीपी आदि में लाइन पेयर का बदलाव, स्थिति में सुधार ला सकता है. व्यवहारिक तौर पर किसी बदलावों की कोशिशों से ही यह मान, पाया जा सकता है.

सही MTU आकार

लगभग सभी MTU (Maximum Transmission Unit) आकार, जैसे कि 1500, 1492 या 1480 वेबसाईट्स विचरण और डाउनलोडिंग के लिए बढ़िया इंटरनेट गति का प्रदर्शन करते हैं लेकिन मेरा अनुभव है कि अगर कोई बहुत ही ख़ास समस्या ना आए तो मॉडेम में MTU आकार 1492 रखा जाना बेहतर है. इसे मॉडेम इंटरफ़ेस में परिभाषित किया जा सकता है.

हमेशा ADSL स्प्लिटर का उपयोग करें

इंटरनेट ADSL
ADSL-Splitter

जहाँ भी टेलीफोन लाइन के सहारे ब्रॉडबैंड चलाया जाता है वहाँ हमेशा ADSL स्प्लिटर का उपयोग किया जाना चाहिए. क्योंकि टेलीफोन एक्सचेंज से ब्रॉडबैंड की तरंगें और आवाज़ की तरंगें एक साथ भेजी जाती हैं जिन्हें यह ADSL स्प्लिटर अलग अलग कर देता है. आवाज़ फोन में भेज दी जाती है और ब्रॉडबैंड को मॉडेम/ राऊटर में.

यह याद रखें कि ADSL स्प्लिटर के पहले कोई भी टेलीफोन, फैक्स मशीन, इंटरकॉम जैसे उपकरण ना लगे हों. इससे ब्रॉडबैंड की क्षमता पर बहुत गलत असर पड़ता है. इन उपकरणों का प्रयोग करना भी हो तो हरेक के लिए अलग अलग ADSL स्प्लिटर होना चाहिए.

इसके अलावा टेलीफोन डीपी से तार सीधे ADSL स्प्लिटर में आनी चाहिए, बिना किसी जोड़ के. दीवारों के भीतर छिपा/ दबा कर लाई गई तारें भी रफ़्तार पर गलत असर डालती हैं.

इंटरनेट के झंझट

अच्छी तारों का प्रयोग करें

बिजली के लिए प्रयोग की जाने वाली साधारण तारें और ऎसी ही तारों का प्रयोग कदापि ना करें. इसके बदले तांबे वाली ऎसी मानक तारें होनी चाहिएं जो विशेष तौर पर टेलीफोन जैसे संचार उपकरणों के लिए बनाई जाती हैं.

अच्छी गुणवत्ता वाली तारें होने के बावजूद भी कई बार इंटरनेट की गति में कमी देखी जाती है. कोशिश की जानी चाहिए कि बाहर से स्पिलटर तक आती तारें किसी भी तरह बिजली के तारों के साथ साथ ना आएं और ना ही टीवी, स्टेबलाईज़र, फ्रिज जैसे बिजली के उपकरणों के पास से गुजरें.

इसके अलावा, तारें जोड़ता कोई भी टर्मिनल धूल/ जंग/ कार्बन से मुक्त रहे, इसकी जांच समय समय पर करते रहें. तारों में किसी भी तरह की दरार, कटाव जब भी पाया जाए उसे बदल देना चाहिए. बिना किसी तरह के जोड़ वाली तार ही उपयोग में लाएं

शोर रहित टेलीफोन लाइन

टेलीफोन लाइन में किसी भी तरह का शोर या खड़खड़ाहट नहीं होनी चाहिए. इसकी जांच के लिए टेलीफोन हैंडसेट उठाएं, कोई भी नंबर वाला बटन दबाएं (जैसे कि 2 ) और फिर ध्यान से सुनें कि कोई शोर या खड़खड़ाहट तो नहीं? हैंडसेट उठाना, बटन दबाना, सुनना, 10 सेकेंड्स के भीतर हो जाना चाहिए. उसके बाद तो एक्सचेंज टोन आने लग जाती है.

सही Modulation का उपयोग

इंटरनेट मॉडेम मोडुलेशन अगर, टेलीफोन एक्सचेंज से आपके मॉडेम/ राऊटर तक कई जगहों घूम फिर कर आने वाली तारों की लम्बाई :2.5 किलोमीटर से अधिक हो तो मॉडेम/ राऊटर की DSL सेटिंग में केवल G.dmt Modulation का प्रयोग करें. और यदि ज़रूरी ना हो तो बाक़ी सारे मॉडुलेशन विकल्प हटा दें.

ध्यान रखिए कि टेलीफोन एक्सचेंज से मॉडेम/ राऊटर तक आने वाली भूमिगत तारों की लम्बाई का एक्सचेंज से मॉडेम तक की हवाई दूरी या सड़क की दूरी का कोई लेना देना नहीं होता.

टेलीफोन तारों से संबंधित इन सभी उपायों के बाद भी मापदंडों पर फर्क पड़ता ना दिखे तो स्पिलटर बदल कर देखें. कई बार स्पिलटर का अंदरुनी सर्किट भी खराब हो जाता है जो क्षमता पर बुरा प्रभाव डालता है.

सही और उच्च गुणवत्ता वाले मॉडेम का उपयोग करें

बाजार में बिखरे पड़े सैकड़ों मॉडेम/ राऊटर में से हरेक का अंदरुनी सर्किट अलग अलग होता है जो स्थापित मानदंडों को अलग अलग तरीके से परिभाषित करता हैं. सब कुछ ठीक होने के बाद भी अगर इंटरनेट की गति में कोई उल्लेखनीय वृद्धि ना दिखे तो मॉडेम बदलने में ही समझदारी है. Teracom, Huawei, UT-Star, TP-link, D-link और Link Sys जैसे कई मॉडेम, असाधारण रूप से तब भी बढ़िया परिणाम देते हैं जब SNR -Signal to Noise Ratio उचित ना हो.

अगर आपका घर/ ऑफिस, टेलीफोन एक्सचेंज से अच्छी खासी दूरी पर है तो गुणवत्ताहीन सस्ते मॉडेम, सुधार की आपकी सभी कोशिशों पर पानी फेर सकते हैं.

इस वक्त मेरे पास D-Link का DSL-2750U मॉडेम है जिसने मुझे कभी निराश नहीं किया.

इंटरनेट मॉडेम

सही पावर सप्लाई

बिजली के उतार-चढ़ाव से भी मॉडेम की कार्यक्षमता प्रभावित होती है. मॉडेम के एडाप्टर के लिए अच्छे यू पी एस (UPS -Uninterrupted Power Supply) का प्रयोग करें. सामान्य इन्वर्टर का प्रयोग तो कतई ना करें.

मॉडेम का एडाप्टर भी, मॉडेम के लिए निर्धारित वोल्टेज और करंट का हो. कई बार मॉडेम के साथ दिया गया एडाप्टर खराब हो जाता है तो हम बाजार से, बिना देखे भाले, दुकानदार के कहने पर सस्ता सा एडाप्टर ले आते हैं, जो मॉडेम और इंटरनेट गति के लिए हानिकारक सिद्ध होता है.

PPPoE सेटिंग का प्रयोग

मोटे तौर पर कहा जाए तो PPPoE मतलब Always on. डायल-अप के मुकाबले PPPoE -Point-to-Point Protocol over Ethernet का प्रयोग कहीं ज़्यादा स्थिर, सुरक्षित और तेज होता है.

यहाँ तक कि ऊंचे Attenuation और कम SNR जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी ब्रॉडबैंड बढ़िया काम करता है. हैकर्स भी आपके कंप्यूटर तक सीधी पहुँच नहीं बना पाते क्योंकि मॉडेम खुद ही डायल कर कर सर्वर से जुड़ता है और कंप्यूटर – इंटरनेट के बीच आता है. सुरक्षा की दृष्टि से भी यह विकल्प ठीक है.

लाइन प्रोफाइल पर ध्यान दें

आम तौर पर टेलीफोन एक्सचेंज में लगे इलेक्ट्रॉनिक कार्ड, DSLAM –Digital Subscriber Line Access Multiplexer द्वारा लाइन प्रोफाइल 2 Mbps (2048kbps) पर रखी जाती है. कई बार धीमी ब्रॉडबैंड गति की दिक्कत तो इसलिए आ जाती है कि हमने प्लान तो 4 Mbps का ले रखा है लेकिन लाइन प्रोफाइल तो 2 Mbps पर अटकी हुई है. इस स्थिति की जांच के लिए संबंधित विभाग से संपर्क कीजिए.

उपरोक्त तमाम उपायो, जांचों, प्रयासों के बाद भी अगर गति कम है और आपका प्लान 256kbps या 512kbps या 1Mbps है तो संबंधित एक्सचेंज अधिकारियों से लिखित/ मौखिक अनुरोध करें कि वे आपकी लाइन प्रोफाइल को 2 Mbps से घटा कर लाइन 1 Mbps कर दें. इससे SNR. में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ब्रॉडबैंड अधिक स्थिर होगा जो गति बढ़ाने में सहायक है

व्यर्थ PVC हटाएं

मॉडेम में PVC –Permanent Virtual Circuit का मान 0/35 ही रखें बाक़ी सभी PVC मान हटा दें. कुछ मान, जैसे कि 0/100, 0/32, 8/35 क्रमश: IPTV, VPN और VoIP के लिए प्रयोग किए जाते हैं. अगर आप इन विशेष सेवाओं का उपयोग नहीं करते तो इन्हे हटा देना ही बेहतर है.

कहीं सीमा पार तो नहीं हो गई?

कई बार देखा गया है कि एक समय के बाद इंटरनेट की गति धीमी हो गई है जबकि पहले ठीक थी. ऐसा, उन ब्रॉडबैंड प्लान्स में हो सकता है जो एक निश्चित डाउनलोड सीमा तक हाई स्पीड देते हैं और फिर स्पीड कम कर दिए जाने का प्रावधान होता है. कहीं ऐसा ही तो नहीं होता आपके द्वारा चुने गए प्लान में?

सॉफ्टवेयर के आटोमेटिक अपडेट बंद करें

संभव हो तो तमाम सॉफ्टवेयर के आटोमेटिक अपडेट बंद कर दें. कहीं ऐसा ना हो कि आप रेलवे टिकट बुक कर रहे हैं और उसी समय कोई सॉफ्टवेयर अपना अपडेट डाउनलोड करने के लिए इंटरनेट पर कब्जा कर ले. इससे बेहतर है कि सॉफ्टवेयर को ‘समझाएं’ कि जब भी कोई अपडेट हो तो आपको सूचित करे वह. और फिर आप अपनी सुविधानुसार उसे अनुमति दें डाउनलोड की.

आसपास के उपकरणों से मुठभेड़

अगर आप पूरे तौर पर वाई फाई पर निर्भर है तो ध्यान दीजिए कि मॉडेम/ राऊटर किस फ्रीक्वेंसी पर काम करता है? (जैसे मेरा मॉडेम 2.4 Ghz पर काम करता है) और अगर 2.4 Ghz का मॉडेम और आसपास कोई कार्डलेस टेलीफोन हो 2.4 Ghz का, तो गड़बड़ होगी ही. ऐसा ही वायरलेस सिक्यूरिटी कैमरा से भी हो सकता है. अगर सभी उपकरणों की फ्रीक्वेंसी, मॉडेम की फ्रीक्वेंसी से अलग है तो कोई चिंता नहीं

इंटरनेट

कुछ और उपाय

  • वेब टूलबार, ब्राउज़र एडऑन, ब्राउज़र एक्सटेंशन, स्क्रीनसेवर, मौसम के अपडेट, गैजेट हटा दें जो इंटरनेट से जुड़े रहते हैं.
  • ऎसी अच्छी फ़ायरवॉल का इस्तेमाल करें जिसमें इंटरनेट सुरक्षा के साथ साथ Malware से जूझने की क्षमता हो.
  • पारंपरिक इंटरनेट एक्स्प्लोरर की बजाए मोज़िल्ला फायरफॉक्स, ओपेरा, गूगल क्रोम का प्रयोग करें.
  • अगर असली विन्डोज़ है आपके कंप्यूटर में, तो उसके सभी आवश्यक अपडेट समय समय पर स्थापित करते रहें.
  • ब्राउज़र या कंप्यूटर की पारंपरिक डाउनलोडिंग सुविधा की बजाए किसी अच्छे डाउनलोड मैनेजर का प्रयोग करें. ये आपके ब्रॉडबैंड प्लान की गति का आधुनिक तकनीक से प्रयोग करते हैं.
  • अगर वाई-फाई का प्रयोग करते हैं तो इसे पासवर्ड सहित प्रयोग करें और उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की संख्या, मॉडेम में निश्चित कर दे. लैपटॉप अगर वाई फाई से चलता है तो LAN केबल के मुकाबले कम ही स्पीड मिलेगी. अच्छी गति के लिए हमेशा LAN केबल से ही काम करें.
  • किसी टोरेंट सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं तो काम हो जाने के बाद उसे बंद कर दें. वरना पृष्ठभूमि में वह चलता रहेगा आपके ब्रॉडबैंड स्पीड को हड़पते हुए.
  • मौसम का भी असर होता है. बारिश के दिनों में नमी/ पानी के कारण तारों के जोड़ में जंग/ कार्बन आ जाए तो गए काम से 😀
  • पुराना कंप्यूटर, पुराना मॉडेम, पुराना ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर (जैसे XP), इंटरनेट को अपनी पूर्ण क्षमता देखने का मौक़ा नहीं देते.

यह सभी उपाय, मेरिट के आधार पर क्रमित कर लिखे गए हैं. मतलब जो बहुत ज़रूरी है वह सबसे पहले और फिर सबसे आखिर में कम ज़रूरी. और मूलभूत जानकारियां ही दी गईं है. इसके अलावा भी मॉडेम/ कंप्यूटर के बहुत से तकनीकी विस्तृत उपाय/ समाधान हैं. उसके लिए तो ब्लॉग मंच पर आएं

और बताएँ, कि कैसे लगे यह उपाय?

© बी एस पाबला

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49 comments

  • बाप रे! इत्ता लंबा। इसे पढ़ने के लिए तो ग्यारहवीं क्लास के फिजिक्स स्टूडेंट का कलेजा चाहिए।

  • Vijay Mirchandani says:

    वाह मज़ा आ गया
    इतना तो मेरे दोस्त जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहलाते है वो भी न बता पाते

  • मज़ा आ गया जी.
    बहुत ही काम की जानकारी दी हैं आपने.
    धन्यवाद.
    चन्द्र कुमार सोनी

  • उपयोगी और ज्ञानवर्धक लेख ।
    टिप्पणीकर्ता Raj Shekhar Sharma ने हाल ही में लिखा है: Saturn transit in Scorpio | Horoscope ReadingsMy Profile

  • Kajal Kumar says:

    मि‍ठाई है लेख. फि‍र खाने आउंगा. 🙂
    टिप्पणीकर्ता Kajal Kumar ने हाल ही में लिखा है: कार्टून :- काली टोपी लाल रूमालMy Profile

  • Ratan singh says:

    शानदार जानकारी !
    टिप्पणीकर्ता Ratan singh ने हाल ही में लिखा है: जब कानून पर भारी पड़ी ईमानदारीMy Profile

  • Ashutosh Shukla says:

    धीमी गति की गर्मी में तेज़ गति अपनाने के उपाय बारिश की फुहार जैसे हैं धन्यवाद सर जी जानकारी से सराबोर करने के लिये

  • फ्लश डीएनएस पहले भी आपकी वेबसाइट पर देखकर ही किया था, इस बार भी पढ़ते हुए पहले उसे ही इस्‍तेमाल किया। इसका असर दिखाई देता है… मेरे जैसे आलसी को तो अधिक ही, जो महीनों तक कैच साफ नहीं करता 🙁

    हृदय से आभार इस लेख के लिए… (Y)
    टिप्पणीकर्ता Astrologer Sidharth Jagannath Joshi ने हाल ही में लिखा है: Planet, combination and Mental qualitiesMy Profile

    • बी एस पाबला says:

      Heart
      जब जागो तभी सबेरा

      शुक्रिया सिद्धार्थ जी

  • Nishant says:

    ये तो खजाना है स्पीड बढ़ाने का. मुझे इक्का-दुक्का बातें ही पता थीं.
    टिप्पणीकर्ता Nishant ने हाल ही में लिखा है: कार्यक्षमता : EfficiencyMy Profile

  • ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन विश्व हास्य दिवस – ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है … सादर आभार !
    टिप्पणीकर्ता ब्लॉग बुलेटिन ने हाल ही में लिखा है: विश्व हास्य दिवस – ब्लॉग बुलेटिनMy Profile

  • पा जी! बहुत ही काम की जानकारी है. पिता जी की सेवा से अवसर निकालकर आपने अपने पाठकों की जो सेवा की है वही आपकी पहचान है!! शुक्रिया!!
    टिप्पणीकर्ता सलिल वर्मा ने हाल ही में लिखा है: वर्मा फ़िल्म्सMy Profile

    • बी एस पाबला says:

      Smile

      पास बैठे बैठे ऊँघने से बेहतर है कुछ रचनात्मक कर लिया जाए

      स्नेह बनाए रखिएगा सर जी

  • बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (05-05-2014) को “मुजरिम हैं पेट के” (चर्चा मंच-1603) पर भी होगी!

    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर…!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’

  • Padm Singh says:

    पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें !! … अच्छा है … पर कुछ बातें सिर के ऊपर से गुज़र गयी हैं दुबारा पढ़ेंगे तब समझेंगे

  • shiv sagar yadav says:

    वास्तव में बहुत ही सुन्दर जानकारी सबसे बड़ी बात काफी कुछ एक साथ। सुन्दर बहुत सुन्दर

  • बॉप रे, इसे पढने के लिए ही अच्‍छा खासा हौसला जुटाना पडेगा, फिर अपनाने की बात कौन करे।
    टिप्पणीकर्ता Dr. Zakir Ali Rajnish ने हाल ही में लिखा है: अपना वोट किसे दें ?My Profile

  • हमारा तो कार्डलेस ई वीडियो है, उसके लिए तो आपने कोई सेटिंग बताई ही नहीं 🙂
    टिप्पणीकर्ता ललित शर्मा ने हाल ही में लिखा है: किल्ला बंदर: वसई फ़ोर्ट की सैर -2 vasai fortMy Profile

  • indu puri says:

    कुछ समझ में आया है और बहुत कुछ नही ……… कोशिश करूँ ????
    क्यों करूँ???? आप हैं न. जब भी समय मिले बता दीजियेगा टीम व्यूअर चला दूंगी. स्पीड तो सचमुच बहुत कम है मेरे नेट की.
    अब मुझे क्या मालुम क्यों है ??? :p .

  • indu puri says:

    लो जी अपनी तो एप्लीकेशन ही टर्मिनेट हो गई Wink आपका बताया सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हुआईच नही . बच्ची एग्जाम में फेल
    Cry

  • बी एस पाबला says:

    Tounge-Out
    सब बोर्ड की बदमाशी है, कंप्यूटर बोर्ड की

    • indu puri says:

      बोर्ड भी बदमाशी करता है क्या??? तो फिर हो जाये एक पोस्ट पर ‘बोर्ड की बदमाशियां’ पर

  • बढिया जानकारी
    टिप्पणीकर्ता विकास गुप्ता ने हाल ही में लिखा है: भीमाशंकर ज्योतिर्लिंगMy Profile

  • ऐसा लगा मानो क्लास में लेक्चर सुन रहा होऊं 🙂


    आपको तो बहुत ही जबदस्त जानकारी है ,,,, ग्रेट

    आपने बहुत ही विस्तार और सहजता से सब कुछ समझाया है
    मैंने तो बुकमार्क कर ही लिया ,,,
    आशा है अन्य सभी पाठकों को भी इस पोस्ट से बहुत मदद मिलेगी !

    आपका बहुत आभार
    टिप्पणीकर्ता prakash govind ने हाल ही में लिखा है: जिन्होंने जन्म दियाMy Profile

  • bsnl के फोन WLL कनेक्शन वालो के लिए भी कुछ लिखें .
    टिप्पणीकर्ता raghunath singh ranawat ने हाल ही में लिखा है: तनावMy Profile

  • sudhir says:

    किसी अच्छे डाउनलोड मैनेजर के बारे में बताये | फ्री होना अनिवार्य शर्त है

    • बी एस पाबला says:

      Smile
      आजकल के स्मार्ट ब्राउज़र के चलते अब तो डाउनलोड मैनेजर की ज़रूरत ही नहीं
      फिर भी FlashGet ठीक है

  • Janakisharan says:

    पाबला जी, इस लेख को तो पूरा पढने के लिये भी “जिगरा” चाहिये… और समझने के लिये तो आपसे मदद की गुजारिश भी… फिर भी इस लेख को पढ कर लैपटोप से काफी कचरा साफ कर दिया…. इंटरनेट स्पीड भी कुछ तरोताजा लग रही है. बहुत कुछ समझ में आया…बहुत कुछ नहीं आया… पर बहुत ही उम्दा और उपयोगी जानकारी दी है आपने.

    चलते चलते………. वाई-फाई मॉडेम में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की संख्या निश्चित कैसे करे? इसका भी विशेष ज्ञान दे दीजिये। (यहां मेरे वाई-फाई मॉडेम को चूसने वाले बहुत हैं)

  • बी एस पाबला says:

    THANK-YOU
    शुक्रिया जानकीशरण जी

    वाई-फाई मॉडेम में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की संख्या निश्चित करने के लिए
    मॉडेम डैशबोर्ड में वायरलेस क्लिक करें,
    बेसिक पर जाएँ
    Max Clients बताएं

  • vijay mirchandani says:

    मेरा लैपटॉप बैकग्राउंड से ही डाटा खींच रहा है. कोई प्रोग्राम चालू नहीं है. कनेक्ट होते ही डाटा कटने लगता है. क्या किया जाये?

  • chander kumar soni says:

    very useful article.
    thanks ji.

  • chander kumar soni says:

    very nice and useful article.
    thanks ji.

  • Kavita Rawat says:

    स्पीड के लिए सभी परेशान हैं. मैंने तो आपके बताएं डंस लिंक बदलने वाले लिंक पर क्लिक कर ठीक किया है। .
    उपयोगी जानकारी देने के लिए आभार!

  • Ajay says:

    पाबला जी मोबाइल में 2g सही चलता ह लेकिन 3g चालु करते ही सिग्नल बार कम हो जाती ह कोई समाधान

  • बहुत अच्छी जानकारी धन्यवाद्

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