फैलते जा रहा है इंटरनेट पर झूठ का पिटारा

अब तक आप पढ़ देख चुके हैं कि किस तरह किसी अन्य स्थान, घटना की तस्वीर या वीडियो को किसी दूसरी ही घटना से जोड़ कर इंटरनेट पर झूठ फैलाया जा रहा है . पिछला भाग यहाँ क्लिक कर पढ़ा जा सकता है

उस लेख को लिखे जाने के बाद लगातार ही कई और झूठ सामने आते जा रहे जिन्हें यहाँ उपडेट किये जाने का प्रयास है.

अपडेट @ 11 मई 2015: इस लेख को लिखे जाने के दो दिन बाद मुझे व्हाट्सएप्प पर मित्रों द्वारा दिन भर में तीन बार ‘एलियन के परिवार’ के नर-मादा और तीन संतानों को स्तनपान कराती मादा वाले कुछ चित्र भेजे गए.

इन्हें दिखा कर बताया गया कि यह एलियन परिवार महाराष्ट्र के अक्कलकुवा के जंगली क्षेत्र से मिला है, जिसे सरकार द्वारा किसी अज्ञात जगह पर ले जाया गया है, जहां इनकी जांच की जा रही है.

लेकिन असल में यह ऑस्ट्रेलिया की विख्यात आर्टिस्ट पेट्रिसिया पेसिनिनी द्वारा बनाए गए कम्प्यूटर ग्राफिक्स हैं. उन्हें 2014 में ‘मेलबर्न आर्ट फाउंडेशन’ द्वारा ‘बेस्ट विजुअल आर्टिस्ट’ के अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है.

इनकी आधिकारिक वेबसाइट पर सारी कलाकृतियाँ मौजूद हैं जिन्हें यहाँ क्लिक कर देखा जा सकता है. पेट्रिसिया पेसिनिनी का विकीपीडिया पृष्ठ यहाँ क्लिक कर देखा जा सकता है.

इंटरनेट पर झूठ का एलियन परिवार


अपडेट @ 13 मई 2015: 9 लाख में खरीदे कुत्ते के अपने ही मालिक को मार डालने वाले चित्र एक बार फिर घूम रहे हैं फेसबुक, व्हाट्सएप्प पर. कोई इसे चिकमगलूर की घटना बताता है कोई इसे देहरादून की बात कहता है. एक ने तो इसे लुधियाना के मॉडल टाउन का बता डाला

इंटरनेट पर झूठ वाला कातिल कुत्ता

जानबूझ कर धुंधले दिखाए हैं मैंने चित्र

इन चित्रों में खून से लथपथ एक कुत्ते का चेहरा  है, सड़क पर पड़े सिर-विहीन धड के पास विलाप करती महिला है और दूर कहीं पड़े सिर को देखती भीड़ है.

खून से सने कुत्ते वाले चित्र की वास्तविकता है कि इसने 22 अप्रैल 2015 को सुदूर देश सल्वाडोर के एक घर में घुस आये अज्ञात व्यक्ति पर हमला कर उसकी जान ले ली. संभवत: वह व्यक्ति चोरी के इरादे से चहारदीवारी फांद कर घर में कूदा था.

विलाप करती महिला और भीड़ वाले चित्र उस घटना के हैं जिसमें 21 अप्रैल 2015 को तमिलनाडु के विल्लुपुरम में एक निगरानीशुदा बदमाश, पत्थरसेल्वम  की ह्त्या उसके विरोधी गैंग वालों ने कर दी, सर धड से अलग कर दिया.

राज टीवी द्वारा इस हत्याकांड की रिपोर्टिंग वाले वीडियो में इन चित्रों को देखा जा सकता है. वीडियो के लिए यहाँ क्लिक कीजिए

लेकिन शरारती तत्वों नें इन तीनों चित्रों को एक साथ दिखा कर यह जुगुप्सा जगाने की कोशिश की कि 9 लाख वाले कुत्ते ने मालिक को मार डाला. कम से कम भारत में तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है.


अपडेट @ 26 मई 2015: किसी कीड़े के काटने से बने निशानों जैसे चेहरा लिए एक शिशु का जो चित्र व्हाट्सएप्प पर किसी कीट के साथ दिखाया जा रहा. वह दरअसल दो अलग अलग चित्रों को मिला कर बना है.इंटरनेट पर झूठ का कीड़ा

इस में दिख रहे शिशु को एक दुर्लभ बीमारी है जिसकी संक्षिप्त जानकारी और दूसरे चित्र इस लिंक पर क्लिक कर देखे जा सकते हैं.

साथ दिखाया गया कीड़े वाला चित्र एक ऑफिस का है जिसे किसी कर्मचारी ने अपने बॉस को दिखाने के लिए लिया था. यहाँ क्लिक कर देखिये वह ट्विटर लिंक.

… और इस तरह दो अलग अलग फोटो को मिला कर बताया जा रहा कि सावधानी से रहिये… ये चूंटी की तरह दिखने वाला एक छोटा सा कीड़ा… काटने से इस तरह का… असर हो रहा… ये खबर सभी समाचार चैनल में दिखाई गयी….  ख़ास साफ़ सफाइ का ख़याल रखें… इसके (कीड़े) आने की वजह भीषण गर्मी भी बताई जा रही….

बेशक साफ सफाई का ख्याल रखने का आग्रह है लेकिन झूठी तस्वीरों के सहारे. 


अपडेट @ 28 मई 2015: इंटरनेट पर झूठ का एक और नमूना कई वर्षों से देखा जाता रहा है, आज फिर आया व्हाट्सएप्प पर. यह है किसी बहुत बड़े सांप को देखे जाने, फिर उसे मार डालने का.

इस संदेश में कई चित्र दिखाते हुए बताया जाता है …एक और विश्व का सबसे लंबा अनाकोंडा सांप… अफ्रीका महादीप की अमेजन नदी में रहता था… नरभक्षी होने के बाद सरकार द्वारा मार दिया गया… इसने पिछले वर्ष 257 आदमियों और 2325 जानवरो को निगल लिया था… ये आबादी के लिए जबरदस्त खतरा बन गया था… 134 फ़ीट लंबा और 2067 किलोग्राम वजनी यह अनाकोंडा सांप… 37 दिन के लगातार प्रयास के बाद अफ्रीका की रॉयल ब्रिटिश कमांडो टीम द्वारा मारा डाला गया…

इंटरनेट पर झूठ वाला सांप

लेकिन यह सब झूठ है! ना तो ऐसा कोई सांप मिला और ना ही किसी सेना ने ऐसा कुछ किया.

इतिहास में आज तक के सबसे बड़े सांप की लंबाई 28 फुट ही नापी गई है, जबकि अजगर 34 फुट का मिला है.  कभी कोई 40-50 फुट लंबा कंकाल मिला भी है तो वह प्रजाति लाखों वर्ष पहले ख़तम हो चुकी है.

झूठ फैलाने वाले जिन चित्रों का उपयोग कर रहे वह दरअसल किसी दो तीन फुट वाले मृत सांप को बच्चों के खिलौनों और प्लास्टिक के छोटे छोटे सैनिकों के ऊपर या बीच लिटा कर, रख कर खास कोणों से ली गई तस्वीरें हैं.

यह ‘शरारत’ सबसे पहले एक वियतनामी वेबसाइट पर मजे के लिए डाली गई थीं. जिन्हें यह विश्वास न हो कि ये खिलौनों वाले चित्र हैं वे उस वेबसाइट की इस लिंक पर क्लिक कर बड़े आकार वाले चित्रों को देख वास्तविकता जान सकते हैं.

इसके अलावा नदी के जो दो चित्र साथ में दिखाए जा रहे हैं आजकल, वे प्राकृतिक दृश्य हैं. पहला तो हवा के तेज बहाव से उत्पन्न लहर सदृश्य है और दूसरा जल की सतह तैरते किसी कचरे से बनी रेखा सरीखी गहरे रंग की स्वाभाविक आकृति है.


देखा आपने! इन झूठ को फैलाने वाले लोग कितने निर्मम और रूखे हैं!!

फैलते जा रहा है इंटरनेट पर झूठ का पिटारा
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मेरी वेबसाइट से कुछ और ...

फैलते जा रहा है इंटरनेट पर झूठ का पिटारा” पर 37 टिप्पणियाँ

    • Smile
      सर जी ग्रेट तो एक ही है दुनिया में
      वो ऊपर वाला

  1. पाबला जी, दक्षिण भारत में सड़क के किनारे दर्शन देनेवाला शेषनाग और हिमालय में फलनेवाला नारीलता फूल भी दावेदार हैं. वैसे तो आयुर्वेदिक इलाजों के नाम पर भी बहुत ऊटपटांग चीजें रोज देखने में आती हैं.
    टिप्पणीकर्ता Nishant Mishra ने हाल ही में लिखा है: बच्चों को जिम्मेदार व स्वावलंबी बनाने के लिए ज़रूरी 10 बातेंMy Profile

    • Heart
      निशांत जी, वो तस्वीरें तो फोटोशॉप्ड हैं मॉरफ़्ड हैं वे इस लेख वाली बिना छेड़खानी की गयी तस्वीरों की कसौटी पर नहीं लाई जा सकती हैं

  2. सर जी!
    फेसबुक पर तिरंगे को गैर हिंदु लोगो द्वारा पैरो कुचलते/ जलाते दिखाया जाता है !
    कृपया ऐसे फेक फोटो की सच्चाई से रूबरू कराने का कष्ट करें!

  3. Smile
    सूर्य प्रताप जी! उस तस्वीर को मूल तस्वीर से छेड़खानी कर बनाया गया है, वह फोटोशॉप्ड हैं मॉरफ़्ड हैं.
    ऐसी छेड़खानी कर बनाई गई फोटोज के बारे में अलग से लिखता हूँ

    आभार आपका

  4. बहुत जरूरी है लोगों को सचेत करना,लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है झूठे लोगों को पकड़ना…..अखबार का विश्वास ख़त्म होने में कोई कसर नहीं रखी…..

    मैं इस कार्य के लिए आपका अभिनन्दन करती हूँ..

  5. बहुत गहरा अध्ययन किया है आपने। बहुत काम की जानकारियां दी हैं। बेशक तस्वीरें झूठ नही बोलती लेकिन मनुष्य झूठ बोलता है। ऐसे ही लोगों को गुमराह कर भ्रमित कर मन में अंध विश्वास , अवमाननायें व गलत धारणाएं पैदा की जाती हैं , अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए।

    हैट्स ऑफ टू यू पाब्ला जी .

  6. बहुत अच्छी और पोल खोलती तस्वीरों के सबूत लगाए हैं आपने।
    दुनिया भर में चर्चित कई झूठों का पर्दाफ़ाश किया हैं आपने।
    आपने मेरा भी जिक्र किया उसके लिए आभार।
    धन्यवाद।
    चन्द्र कुमार सोनी

  7. धन्यवाद सर जी !!!
    तमाम जिज्ञासाओ को शांत करने का एकमात्र माध्यम आपका ब्लॉग!

  8. पाबलाजी, आपका अध्ययन एवं संशोधन महत्वपूर्ण है, जो समाजको सचेत, जागृत करने के लिए आवश्यक है. धन्यवाद सर….

  9. बेहतरीन लेख, इनमें से कई चित्रों की सच्चाई से वाकिफ थे, कुछ से आपने करा दिया।

    कई बार लोग लेख शेयर कर देते हैं जिसमें खबर तो सच्ची होती है पर तस्वीर मिलते-जुलते प्रसंग की कहीं और की लगा दी जाती है। एक बन्दे द्वारा शुरु किया गया यह सिलसिला चलता रहता है।

    नासा द्वारा दीवाली वाली तस्वीर जैसे मामलों में तो हँसी भी आती है कि लोग इतने सालों से हर दीवाली के बाद वही तस्वीर देखने के बाद भी उसे सच समझकर आगे शेयर कैसे कर देते हैं।

    मॉर्फ की गयी तस्वीरों की तो खैर लम्बी कहानी है। तीन सिरों वाला साँप याद होगा। 🙂

  10. बी एस पाबला जी, आपका बहुत बहुत शुक्रिया, हमें सच्चाई से रूबरू कराने का.
    इन गलतफहमियों की वजह से आज काल तो हिंसा भड़क उठती है.

    • Approve
      सही है, हमें झूठी बातों से भरसक बचना चाहिए

  11. bahut achha likha gya he…
    hm newspaper pdhte he,jankari hasil krne ke liye..Google pr jate he,jankari pane ke liye…….ydi kisi ghtna ka mzaq udaya jay..to bahut glt kam he…
    …….anjane log ise mnornjan ka sadhan bna lete he…….dharm se Judi afwahon ki to log puja bhi krne lgte he…….
    .hme jagruk hone ki jrurat he
    ………thanks to inform

  12. Heart
    अख़बारों पर विश्वास तो कम हुआ ही है

    आभार आपका

  13. Smile
    ग्रेट तो एक ही है, वो है दुनिया को बनाने वाला

  14. कमाल ही कर दिया आपने. कितने सारे भ्रमो का निवारण कर दिया, आपको धन्यवाद और आपकी इस अद्भुत सृजनशीलता के लिए बधाई और शुभकामनाएं

  15. अपने वकील मित्र द्विवेदी जी से सलाह लेकर एक पोस्ट डालियेगा की =
    इन झूठ के खिलाफ क्या और कैसे एक्शन लिया जा सकता हैं.??
    आप अधिकांशत: तकनीकी मुद्दे पर लिखते हैं, आप कानूनी मुद्दे पर ना लिख सकें तो उन्हें लिखने की सलाह दे दीजियेगा.
    थैंक्स.
    चन्द्र कुमार सोनी

    • Smile
      पोस्ट तो लिखी जा सकती है लेकिन द्विवेदी जी का लिखना ही ठीक माना जाएगा
      अनुरोध करता हूँ उनसे

  16. ये लेख बेहतरीन है। बोहत जरुरी है क कोई इन झूठ से पर्दा उठाये। आपने वो किया। आपको शुभकामनाये औए धन्यवाद।

  17. बड़े भैय्या पाब्ला जी,
    काफी समय के बाद मैंने आपका यह धाँसू और खोजबीन से भरपूर लेख पड़ा. बहुत अच्छा लगा यह जानकार की इंटरनेट की दुनिया और मीडिया की दुनिया में भी इस प्रकार के झूठ इस तरह से परोसे जाते हैं की वह सच लगने लगता है. कमाल की जानकारी और खोज आपने की है. ऐसे ही अगर आप झूठ पकड़ते रहे तो, आप झूठ पकड़ने वाले बन जाएंगे.

  18. चावला जी आपने सच में बहुत म्हणत की होगी इन धोकेबाजो की असलियत बताने के लिए आपको बहुत बहुत बधाई

  19. आप इन सब गलत समाचारों को एक जगह संकलित कर लिखा व लोगों को सही जानकारी दिया इसके लिए आपको बहुतों धन्यवाद। ……………
    इस तरह के गलत जानकारी व अफवाह फैलाना गलत बात है। ये लोग मीडिया व इंटरनेट का गलत उपयोग कर रहे हैं । ………………………..
    लोग इस तरह से इंटरनेट का गलत उपयोग करते हैं इससे आखिर बचने का क्या तरीका है? मीडिया वाले में भी लोग किस पर विश्वास करे कि कौन सही समाचार दे रहा है व कौन गलत?
    टिप्पणीकर्ता महेश कुमार वर्मा ने हाल ही में लिखा है: दुष्कर्म व बलात्कार बनाम हमारा समाजMy Profile

  20. वाह सर।जी
    सच।जानकर।बहुत ख़ुशी हुई
    धन्यवाद

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