इंटरनेट मर गया: आईये ‘द ग्रिड’ का स्वागत करें, १०००० गुना रफ्तार से!

हर चीज पर कुछ सेकंड में जानकारी मुहैया कराता इंटरनेट सही मायनों में लाइफलाइन है। लेकिन कई बार इसकी धीमी रफ्तार खीज पैदा करती है। मसलन अगर कोई डॉक्युमेंट लोड करना है तो कुछ मिनट का इंतजार करना पड़ता है। इसी तरह किसी फिल्म को डाउनलोड करने में घंटे भी लग सकते hएन। अभी कुछ दिन पहले ही तो ख़बर आयी थी, इंटरनेट के १०० गुना होने की, लेकिन अपना दिल थाम लीजिये, क्योंकि इंटरनेट की एक ऐसी तकनीक पर काम पूरा होने को है, जिससे डाउनलोड की रफ्तार मौजूदा ब्रॉडबैंड से 10 हजार गुना तक बढ़ जाएगी। ‘द ग्रिड’ नाम की इस तकनीक से पूरी की पूरी फिल्म महज कुछ सेकंड में मेल की जा सकेगी

द ग्रिड को भी वेब वर्ल्ड की शुरुआत करने वाले पार्टिकल फिजिक्स सेंटर सर्न ने ही बनाया है। द ग्रिड से होलोग्राफिक इमेज का प्रसारण किया जा सकता है। ग्रिड पर एक साथ लाखों लोग लाइव गेम खेल सकते हैं। सूदूर देशों में बैठे लोगों के साथ बेहतर विडियो क्वॉलिटी के साथ कॉन्फ्रेंसिंग भी की जा सकती है।

इस प्रोजेक्ट से जुड़े ग्लासगो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डेविड ब्रिटन के मुताबिक यह टेक्नॉलजी, समाज का नक्शा बदल सकती है। इतनी तेज रफ्तार कंप्यूटिंग पावर के साथ भविष्य में लोग वो सब कुछ कर सकते हैं, जिसके बारे में हमने कल्पना भी नहीं की है। ग्रिड का असली इम्तिहान भी जल्द ही होने वाला है। रेड बटन डे यानी अब तक के सबसे बड़े पार्टिकल एक्सीलिरेटर लार्ज हैड्रन कॉलीडेर (एलएचसी) के चालू किए जाने के दिन इससे पैदा होने वाले डेटा को इकट्ठा करने के लिए ग्रिड को भी सक्रिय किया जाएगा।

सर्न कंपनी ने ग्रिड सिस्टम पर सात साल पहले काम करना शुरू किया। दरअसल कॉलीडेर एक्सीलिरेटर पर काम करने के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि इससे एक साल में इतना डेटा निकलेगा, जो सीडी की 40 मील लंबी कतार लगा सकता है। यानी उस वक्त इस डेटा को संभालने के लिए कोई सिस्टम नहीं था और ऐसे में कॉलीडेर को चालू करने का कोई खास मतलब भी नहीं था, क्योंकि ऐसा करने पर पूरी दुनिया के इंटरनेट सिस्टम में गड़बड़ी पैदा होने की आशंका थी।

ग्रिड को उम्दा क्वॉलिटी के फाइबर ऑप्टिकल केबल से बनाया गया है। इसमें डेटा को धीमा करने वाले किसी भी तरह के पुराने रूटिंग सेंटर या मशीन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ग्रिड के आने से एक बड़ा बदलाव यह आ सकता है कि लोग अपने डेस्क टॉप पर कुछ भी स्टोर करना बंद कर देंगे। उन्हें जो भी चाहिए होगा उसके लिए इंटरनेट मौजूद रहेगा। कंप्यूटर साइंस की भाषा में इसे क्लाउड कंप्यूटिंग कहते हैं, जहां हर जानकारी ऑनलाइन ही स्टोर की जाती है

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इंटरनेट मर गया: आईये ‘द ग्रिड’ का स्वागत करें, १०००० गुना रफ्तार से!” पर 2 टिप्पणियाँ

  1. इंतजार है कि ग्रिड कब तक पहुंचेगा हम तक।

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