इस बार सिर्फ मेरे घर ही नहीं, बल्कि कई देशों में इंटरनेट सेवा बाधित

कल 20 दिसम्बर की शाम को सुपुत्र ने जब शिकायत भरे अंदाज़ में बताया कि ब्रॉडबैण्ड की गति कम होते जा रही है तो तात्कालिक तौर पर मैंने कहा कि कभी-कभी हो जाता है। लेकिन आज इंटरनेट पर कार्य करते हुये मैंने भी कुछ महसूस किया, क्योंकि इसी माह की पहली तारीख़ से मैंने BSNL का प्लान बदलवा कर UL1350Plus करवा किया था और न्यूनतम 512kbps की गति तो मिल ही रही थी। एक बार तो लगा कि यह फिर किसी JCB की करतूत तो नहीं।

दोपहर सो कर उठा तो खबर लगी कि यूरोप और एशिया के बीच फोन और इंटरनेट कनेक्शन में गड़बड़ियां आ रही हैं। इसकी वजह ये है कि भूमध्यसागर यानी मैडिटेरिनियन सागर में, समुद्र के अंदर बिछी तारें कटने से यूरोप, मध्य पूर्व और एशिया में इंटरनेट और टेलीफ़ोन लाइनें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. ये तारें सिसली और ट्यूनीशिया के बीच समुद्र के अंदर तीन जगहों पर कटी हैं. अभी पता नहीं लग पाया है कि तारें कैसे कटीं लेकिन फ्रांसीसी टेलीकॉम का कहना है कि इस बात का कम ही अंदेशा हे कि इन्हें जान बूझ कर काटा गया हो. कंपनी ने कहा है कि तारों की मरम्मत के लिए वह एक जहाज़ भेज रहा है लेकिन इसमें अभी लंबा वक्त लग सकता है और इस काम में 31 दिसंबर तक का समय लग सकता है। तकनीकी जानकारों के मुताबिक तार समुद्र के नीचे कटे हैं, वो भी तीन अलग-अलग स्‍थानों पर इसलिए इस खराबी को ठीक करने में करीब दस दिन भी लग सकते हैं।

भारत को यूरोप से होने वाला 65 प्रतिशत संचार इस वजह से प्रभावित हुआ है। यूरोप का सिंगापुर, मलेशिया, सऊदी अरब, मिस्र और पाकिस्तान से फोन और नेट संपर्क पर भी असर पड़ा है। विशेषज्ञो की मानें तो संचार सेवा बाधित होने का असर संबंधित क्षेत्रों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा. मध्य पूर्व और एशियाई वित्त बाज़ार यूरोपीय बाज़ारों से जुड़े हुए हैं. लेकिन इंटरनेट और फ़ोन सेवा नहीं होने के कारण इन देशों के बीच शेयर बाज़ार में कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा. इसका कारण ये है कि केबल कटने से इंटरनेट की रफ़्तार प्रभावित होगी जिससे ताजा डाटा उपलब्ध नहीं हो पाएंगे.वैसे भारत का यूरोप को ज्यादातर संचार अमेरिका के जरिए होता है और वो काम कर रहा है।

केबल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। लेकिन आम तौर पर ऐसा तभी होता है जब भूकंप आए या किसी जहाज़ के लंगर डालने से तार कट जाए. अब इसे संदेह कहें या संयोग, पिछले वर्ष भी लगभग इसी सप्ताह, यही घटनाक्रम हुया था!

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इस बार सिर्फ मेरे घर ही नहीं, बल्कि कई देशों में इंटरनेट सेवा बाधित” पर 9 टिप्पणियाँ

  1. कल से मुझे भी परेशानी आ रही थी। लग रहा था कि किसी अनचाहा मेहमान ने घुसपैठ ना कर ली हो । आज सबेरे पेपर में पढा फिर आपकी पोस्ट ने तसल्ली बक्शी। धन्यवाद।

  2. वाह बाबला साहब आप ने तो मेरी परेशानी दुर कर दी मै जब भी भारत की कोई साईट पकडता था, तो मुस्किल होती थी, तभी तो कहते है ग्याणी के पास बेठने से ग्याण मिलता है, धन्यवाद

  3. खबर को पढ़ने के बाद यहाँ भी असर पड़ रहा है. पब्ला जी क्या आकाश मार्ग से यातायात संभव नहीं है? समाचार देकर हमारी खीज को कम कर दी. आभार.

  4. हम इतनी तरक्की कर गए किंतु केबिल पर अब भी निर्भर है। आज भी नेट का केबिल कटने पर आठ दस दिन इंतजार करना पड़े। यह अच्छा तो नही लगता।

  5. कल सुबह यहां चेन्नई में भी गती कुछ कम हुयी थी, मगर दोपहर से फिर से पुरानी गती पर दौड़ने लगी..

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