उसकी इतनी हिम्मत! मुझे पानी की टंकी में ढ़केल दिया!!

इस बार की होली पर, सुबह ही सुबह कुनमुनाया तो बहुत। लेकिन कर कुछ नहीं पाया। वैसे तो कई कारणों से मैं सुबह 4:30 पर बिस्तर छोड़ ही देता हूँ। लेकिन होली की सुबह, अपने राम तो सो कर ही उठे 7 बजे। तब तक हलचल शुरू हो चुकी थी। आस-पड़ोस के बच्चे एक दूसरे को रंग चुके थे। पहला काम याद आया कि नल से आने वाले अतिरिक्त पानी को इक्कठा करने के लिये जमीन पर बनायी गयी टंकी (हौद) में हमेशा की तरह रंग घोलना है।

लेकिन उसके पहले, उसमें विचरण करने वाली मछलियों को निकालना भी था। पैरों के बल बैठ कर अभी मैं जायजा ही ले रहा था कि पीछे से हमारी पालतू Daisy ने, मेरी पीठ पर अपने दोनों पंजे से वो धक्का दिया कि हम औंधे मुँह पानी में।
:nggaya: जब संभल कर देखा तो मैडम दूर खड़ी तमाशा देख रही थी। जब डांट पड़ी तो डरते डरते पास आयी, तब तक बिटिया उसे आगोश में ले चुकी थी। सब हँस हँस कर मज़े ले रहे थे और मैं बनावटी क्रोध का प्रदर्शन करते हुये इतना ही कह सका “उसकी इतनी हिम्मत! कि मुझे पानी की टंकी में ढकेल दिया।”

daisy-bspabla

आपकी होली कैसी रही, बताईयेगा।

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उसकी इतनी हिम्मत! मुझे पानी की टंकी में ढ़केल दिया!!” पर 16 टिप्पणियाँ

  1. इतनी हिम्मत उसी में थी 😀

  2. लो जी, कौन कहता है कि अन्य प्राणियों में ‘ह्यूमर का सेंस’ नहीं होता।

  3. वाह क्या हिम्मत दिखाई है घर में किसी की हिम्मत होनी चाहिये न ।

  4. वीर जी…एन्नी जुरत ते अपना ही कर सकदा है…..
    फेर डेजी कोई paraee ते नहीं n

  5. डेजी तो गजब का है… जो आप को भी नहीं छोडा. ये होली तो आपको यादगार रहेगी . होली की शुभकामना .

  6. हिम्‍मत तो आपने ही बढायी होगी उसकी … खैर उसके कारण सुबह सुबह ही आपकी होली अच्‍छी मन गयी ।

  7. पाबला जी, डेजी तो सिर्फ़ देख रही होगी कि आप अकेले ही मछ्लियों पर हाथ साफ़ तो नहीं कर रहे हो,अब आप खुद ही न संभल पाए हो तो—–बेचारी डेजी!!!!खामखां ही डाँट पड गई ,और वो भी होली के दिन!!!

  8. इसे कहते हैं सौ सुनार की एक लुहार की…अब डेजी से पंगा मत लेना कभी…
    नीरज

  9. एक तो देर से उठे, डेजी कब से इंतजार कर रही होगी उठने का। उस के साथ का समय गया। फिर तुरंत ही टंकी जा सम्हाली। वह तो प्यार जताने आई थी। आप ही होली की हौद में कूद पड़े। और अब सावधान रहिएगा, डेजी आप की खुशी जान गई है। दुबारा आप के साथ होली खेल सकती है।

  10. बढिया रही होली पाब्ला जी,आपका इंतज़ार भी करते रहे।

  11. भाई जी

    डेजी ही तो ऐसी हिम्मत कर सकती है. आपकी लाड़ली जो है. 🙂

    होली मुबारक!!

  12. इसको कहते हैं होली की मस्ती…जो सब पर चढ़ती है 🙂

  13. हा हा , बहुत खूब, डेजी को हमारी तरफ़ से होली कि ढेर सारी शुभकामनाएं और आप सब को भी

  14. पाबला साहब,
    आप बुरा मत मानियेगा और ये भी मत सोचोयेगा कि हम आपको भड़का रहे हैं….लेकिन इसमें मुझे तो बहुत बड़े षडयंत्र कि बू आ रही हैं ….कहीं ये सब मालकिन के इशारे में तो नहीं हुआ था……सोच के देखिये……हा हा हा हा

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