एक-दो-तीन गुनगुनाने वाले ‘रेडियोनामा’ के युनूस खान जी को बधाई

आपको शायद याद होगा कि अपनी मुंबई यात्रा कड़ी में मैंने जिक्र किया था कि ममता जी से बात करवाने के उपक्रम में, युनुस जी ने मोबाइल की और हाथ बढाते हुए कहा था ‘भोजन के बाद ममता जी आराम कर रही होंगी, लेकिन आपकी मुलाकात करवा ही देता हूँ’।

मेरा माथा ठनका, जब इसी बात के साथ-साथ वे लगभग गाने के अंदाज में एक-दो-तीन करने लगे! पहले तो मैने सोचा कि ‘तेज़ाब’ के गाने की शुरूआती पंक्तियाँ हैं, लेकिन फिर समझ आया कि ये तो ‘अमर अकबर एंथोनी’ के गाने की अंदरूनी पंक्तियाँ हैं!

इतना समझ में आते ही मैंने उन्हें रोका कि रहने दीजिए, अब तो हम खास तौर पर तब मुम्बई आकर ममता जी सहित आपसे तब मिलेंगे, जब आपकी गिनती, ममता जी के साथ वास्तविकता में दिखेगी।

yunus-khan
इस प्रसंग पर युनूस जी की टिप्पणी आई थी कि ममता जी को आपका कमाल का ब्‍यौरा पढ़कर मज़ा आ गया । इसे कहते हैं ऐसे अपनी बात कहना कि कह भी दिया जाए और ना भी कहा जाए।

दरअसल युनूस जी ने आग्रह किया था कि यह बात किसी से साझी न की जाए। इसलिए हमने भी कूट भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिख ही दिया कि ‘अमर अकबर एंथोनी’ का गीत गुनगुनाते हुए वे कह रहे थे कि ‘एक से भले दो, दो से भले तीन!’

अभी थोड़ी देर पहले ही उन्होंने सूचित किया कि उनके परिवार को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है।

विविध भारती से जुड़े युनूस जी और रेडियो सखी ममता जी को ढ़ेर सारी बधाईयाँ।

एक-दो-तीन गुनगुनाने वाले ‘रेडियोनामा’ के युनूस खान जी को बधाई
5 (100%) 1 vote

एक-दो-तीन गुनगुनाने वाले ‘रेडियोनामा’ के युनूस खान जी को बधाई” पर 18 टिप्पणियाँ

  1. वाह, बहुत बहुत बधाई यूनुस-ममता को जी!!!

  2. वाह जी वा बड़े कमाल दी खबर सुनाई है तुसी…ममता जी ते युनुस भाई नु लख लख वधाईयां …

    नीरज

  3. युनुस जी को फोनिया लिये और बधाई भी दे दिये.. 🙂
    ममता जी और बिटवा, दोनों ही ठीक-ठाक है.. 🙂

  4. हम भी आप के माध्यम से यूनुस जी और ममता जी को पुत्र रत्न की बधाई भेजते हैं।

  5. वाह, वाह खुशखबरी है जी… यूनुस जी और ममता जी को हमारी हार्दिक शुभकामनायें और अभिनन्दन पहुँचायें…

  6. अच्छी खुशखबरी। युनूस जी और ममता जी को बधाई।

  7. ( न्यु मोम 🙂 सौ. ममता जी तथा हमारे युनूस भाई को बहुत बहुत बधाईयाँ

    -राजा बेटे को आशीर्वाद और ढेर…सारा प्यार पहुँचवा दीजियेगा पाबला जी …
    आभार इस खुशखबर के लिये जी ..

    – लावण्या

  8. यूनुस भाई हमारी तरफ से भी १ और २ को बहुत बहुत बधाई और ३ को ढेर सारा प्यार

  9. युनूस-ममता को नन्हे मुन्ने की एक फिर बधाई ..आज तो हम ममताजी का ब्लॉग़ ‘मोरे पिछवरवा चंदन गाछ, अवरो से चंदन हो’
    भजन सुनते सुनते पढ़ लिया जिसके माध्यम से उनके मधुर सरल सहज व्यक्तित्त्व से परिचय भी हो गया.

इस लेख पर कुछ टिप्पणी करें, प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ