कार्टूनिस्ट इरफ़ान खान को मिला काका हाथरसी सम्मान: मुझे भी हुआ गुमान

कल जब अखबारों में मशहूर कार्टूनिस्ट इरफ़ान खान को हिंदी अकादमी द्वारा वर्ष 2008-09 के लिए काका हाथरसी सम्मान दिए जाने की खबरें देखीं तो इरफ़ान जी का खिलखिलाता चेहरा नज़रों के आगे तैर गया। एक मुस्कुराहट भी आई चेहरे पर लेकिन अफ़सोस भी हुआ उस मौके पर उपस्थित न रह पाने का। इरफ़ान जी ने निमंत्रित तो किया था कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किन्तु दो बार स्थगित हो चुके इस आयोजन की सूचना चंद दिनों पहले मिलने से रेल्वे आरक्षण की दुश्वारियों के कारण, मेरा जाना नहीं हो सका।

नवभारत टाइम्स, इकोनॉमिक टाइम्स, फाइनेंशियल एक्सप्रेस, एशिएन ऐज के स्टाफ कार्टूनिस्ट रह चुके इरफ़ान दुनिया की प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन के लिए अपनी सेवाएं दे चुके हैं। टाइम के चीफ कार्टूनिस्ट रैनन आर ल्यूरी अपने कार्टून न्यूज़ में प्रकाशित इरफ़ान के कार्टून की दिल खोल कर तारीफ कर चुके हैं। फार इस्टर्न इकोनॉमिक रिव्यू ऑफ हांगकांग में प्रकाशित होने के साथ इरफ़ान एशिया के श्रेष्ठ कार्टूनिस्ट के तौर पर जापान फाउंडेशन के न्योते पर 2005 में टोक्यो का दौरा कर चुके हैं।
इरफ़ान जी से मेरा परिचय कोई ज़्यादा पुराना नहीं है। उनके कार्टून ब्लॉग इतनी सी बात पर यदा-कदा टिप्पणी करता रहा था। लगभग एक वर्ष पहले संक्षिप्त सी ई-मेल में उन्होंने मेरा मोबाईल नम्बर चाहा। एक बार बातचीत हुई तो सिलसिला चल निकला। मृदुभाषी इरफ़ान जी की चहकती आवाज़, मेरी आवाज़ के उफ़ान को भी धीमा कर देती रही।
लम्बी चली बातों में मुझे बड़ी हैरानी होतीजब वे बेहिचक किसी तकनीकी समस्या का समाधान चाह्ते हुए उसका निदान समझने की कोशिश में कई प्रश्न कर लेते। हैरानी इसलिए कि मैंने अच्छे-अच्छों को कम्प्यूटर संबंधी तकनीकी ज्ञान को जानने की कोशिश से बचते हुए देखा है।उनकी जिज्ञासा का सबसे बड़ा क्षेत्र रहा गूगल के एडसेंस कार्यक्रम का। इस बारे में वे अक्सर इतने प्रश्न पूछते थे कि मैं कई बार झल्ला ही जाता था। अगले ही पल उनकी निर्मल हंसी सुनता तो मेरे भी ठहाके गूँज उठते। मुझे संतोष है कि मैं उनकी जिज्ञासाओं को शांत कर पाया।

फिर जब मेरा दिल्ली जाना हुआ तो रूबरू होने का मौका मिला। वैसा ही हंसमुख चेहरा, जैसा मैंने सोचा था। एक गीत यकायक याद हो आया -हंसता हुआ नूरानी चेहरा … । तमाम सामाजिक मुद्दों, वैश्विक हलचलों, राजनैतिक मामलों पर तीक्ष्ण निगाह रखने की उनकी क्षमता तथा तमाम बड़ी हस्तियों से व्यक्तिगत परिचय के बावज़ूद उनकी विनम्रता ने मुझे खासा प्रभावित किया।

उसी दिल्ली यात्रा में इरफ़ान जी के निवास स्थान पर दोपहर भोजन के दौरान, उनके परिवार से मिलने का मौका भी मिला। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर कार्टून बना कर न्यायपालिका का कोप झेल रहे, अंतर्राष्ट्रीय ख्याति पाने वाले, ग्वालियर में पलने-बढ़ने वाले, संप्रति जनसत्ता में कार्टूनिस्ट इरफ़ान ने न्यायपालिका में उठे विवाद वाले उस घटनाक्रम का विस्तारपूर्वक ब्यौरा दिया था जिसके कारण उन्हें जेल की सज़ा सुनाई गई थी और अब भी वह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
वह मुलाकात और बातें एक अविस्मरणीय याद है मेरे लिए।
इरफ़ान जी को हिंदी अकादमी द्वारा वर्ष 2008-09 के लिए काका हाथरसी सम्मान दिए जाने पर बधाई व शुभकामनाएँ। उम्मीद करता हूँ कि जुलाई की संभावित यात्रा में उनके साथ फिर मुलाकात होगी।
लेख का मूल्यांकन करें

कार्टूनिस्ट इरफ़ान खान को मिला काका हाथरसी सम्मान: मुझे भी हुआ गुमान” पर 18 टिप्पणियाँ

  1. यह तो बड़े गर्व की बात है। इरफ़ान भाई को बधाई।

  2. हमारी तरफ से भी इरफ़ान भाई को बधाई!!

  3. वाह जी बल्ले ब्ल्ले
    मुबारकां.

  4. मेरी भी बधाई
    स्‍वीकार लो
    इरफान भाई।

    खबर हमें भी
    कार्यक्रम की
    नहीं लग पाइ्र।

  5. इरफान भाई को बधाई!
    पाबला जी को आभार!

  6. वाह ये इरफ़ान भाई के साथ हम सबके लिए बहुत ही फ़ख्र और सम्मान की बात है । इरफ़ान भाई को बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं

  7. हिन्दी अकादमी में अशोक चक्रधर के आने की वज़ह से हिन्दी सहित्य जगत में बहुत विवाद हुआ था लेकिन इससे यह तो हुआ कि अन्य विधाओं के अन्य राज्यों के रचनाकारों को भी अब पुरस्क्रत किया जा रहा है । यह अच्छी शुरुआत है ।
    इरफान भाई को बधाई ।

  8. इरफान जी को एक बार फिर से बधाई. चित्र में वाह मीडिया – http://wahmedia.blogspot.com/ के बालेंदु दाधीच भी दिख रहे हैं उन्हें भी बधाई!

  9. बधाइयां जी बधाइयां
    इरफ़ान भाई को
    सारे ब्लागजगत को भी

  10. बहुत,बहुत बधाई इरफ़ान जी को,और पावला जी को आभार ।

  11. पाबला जी,
    यह टिप्पणी जाँच परख के लिए है. क्या इसमें जो आईपीपता अंकित हो रहा है वो क्या सही है या FAKE है? कृपया बताएँ.

    सादर,
    RaviRatlami

इस लेख पर कुछ टिप्पणी करें, प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ