क्या ऊपर वाला ‘सुपर प्रोग्रामर’ हैलो टेस्टिंग़-टेस्टिंग कहते मेरा इम्तिहान ले रहा?

कई बार ऐसा लगता है कि सारी दुनिया जिसके इशारे पर चलती है वह मेरा इम्तिहान ले रहा।

अभी कुछ अर्सा पहले ही धधकती आग लगी दौड़ती मारूति वैन से कूद कर, हम पिता-पुत्री ने जान बचाई थी। इस माह 10-11 नवम्बर की रात्रि, गति अवरोधक न दिख पाने के कारण, तेज गति वाली मोटर साईकिल के हवा में ‘उड़’ जाने से हमारे सुपुत्र गुरूप्रीत दुर्घटनाग्रस्त हो कर एक सप्ताह तक कोमा में रहे।

मैंने फैसला लिया कि जब तक उसे होश नहीं आएगा तब तक अपनी माताजी को उसके पास नहीं ले जाऊँगा। 17 नवम्बर की सुबह नहाते हुए जब नियत समय तक माताजी बाथरूम से बाहर नहीं आईं तो बिटिया ने उन्हें मूर्च्छित पाया। डॉक्टरों के भरपूर प्रयासों के बावज़ूद, ब्रेन हैमरेज का शिकार हुईं माताजी ने, अस्पताल में, बिना आँखें खोले ही 18 नवम्बर की संध्या इस संसार से विदा ले ली।

19 नवम्बर को अभी माता जी का अंतिम संस्कार चल ही रहा था कि एक चचेरे भाई ने सीने में तेज दर्द की शिकायत की। संस्कार स्थल से शरद कोकास जी दौड़े-भागे उसे लेकर अस्पताल आए। हार्ट अटैक का आक्रमण झेलते हुए वह चचेरा भाई अभी तक आईसीयू में है।

पैरों में छाले पड़ चुके होने के बावज़ूद भागमभाग में मुझे लगने लगा कि घुटने के नीचे मेरी टाँगें नहीं हैं। 21 नवम्बर की संध्या, कुछ देर के लिए अकेला बैठा तो पसीने छूट गए। महसूस हुआ, कुछ गड़बड़ है। चुपके से खुद ही कार ड्राईव कर अस्पताल पहुँचा तो डॉक्टरों ने मुझे भी आईसीयू भेजने की तैयारी कर ली।

परिस्थितियों का हवाला देते हुए मैं गिड़गिड़ाया कि एक घंटे के अंदर मेरी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जो आप कहोगे मान लूँगा। नीम बेहोशी में अजय कुमार झा को जाने क्या कह बैठा कि संजीव तिवारी व शरद कोकास, अन्य दसियों फोन कॉल्स द्वारा हुई पूछताछ का हवाला देते हुए, आनन-फानन में मेरे पास पहुँच गए। 40 मिनट के भीतर ही मेरी स्थिति सामान्य हो चुकी देख हैरान डॉक्टरों ने मुझे घर जाने की अनुमति दे दी।

कल, 22 नवम्बर की शाम, दूसरे चचेरे भाई की तबीयत गड़बड़ा गई। रात अस्पताल में उसके पास बिता कर अभी उसे लेकर लौटा हूँ और सोने जा रहा। बस एक ही बात याद आ रही कि माता जी के लिए अंतिम अरदास 27 नवम्बर की दोपहर को भिलाई के सेक्टर 6 वाले गुरूद्वारे में है।

सभी मौकों पर ढ़ाढ़स बंधाने वाले सैकड़ों साथियों के फोन, एसएमएस, ईमेल, पत्र आदि के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने वाले मित्रों, शुभचिंतकों, रिश्तेदारों, सहकर्मियों के अतिरिक्त ललित शर्मा, अल्पना देशपाँडे, स्वराज करूण ने भी मेरा हौसला बनाए रखा।

फोन पर नियमित रूप से, रोजाना मेरी हिम्मत बढ़ाने वालों में समीर लाल, दिनेश राय द्विवेदी, अजयकुमार झा, ललित शर्मा, शिवम् मिश्रा, के के मिश्रा, इंदु पुरी गोस्वामी के लिए क्या कहूँ? मेरे पास शब्द ही नहीं हैं।

उपरोक्त संदर्भों में कुछ और नाम भी हैं जो मुझे याद नहीं आ रहे।

संकट की इन घड़ियों से जूझते हुए कई बार ख्याल आया कि शायद ऊपरवाला वह ‘सुपर प्रोग्रामर’ लगातार मेरी परीक्षा ले रहा कि देखते हैं यह अदना सा मानव कब टूटता है!

मेरी हिम्मत बनाए रखने के लिए आप सभी का आभार।

क्या ऊपर वाला ‘सुपर प्रोग्रामर’ हैलो टेस्टिंग़-टेस्टिंग कहते मेरा इम्तिहान ले रहा?
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क्या ऊपर वाला ‘सुपर प्रोग्रामर’ हैलो टेस्टिंग़-टेस्टिंग कहते मेरा इम्तिहान ले रहा?” पर 45 टिप्पणियाँ

  1. पाबला जी, क्या कहें? हिम्मत बनाए रखें। सब हल कठिनाइयों से ही निकलते हैं।

  2. पाबला जी,
    जिस वक्त आप फोन पर अजय कुमार झा के साथ फोन पर बुदबुदाए थे, उस वक्त हम रोहतक से सतीश सक्सेना जी की कार से रोहतक से बहादुरगढ़ जा रहे थे…मैंने उसी वक्त अजय भाई से कहा था कि आज गुरूनानक देव जी का प्रकाशपर्व है, आज सब कुछ ठीक होगा…वाहेगुरु से मन ही मन अरदास भी की कि बस अब पाबला जी का इम्तिहान खत्म होना चाहिए…थोड़ी देर बात ही आपके भाई का फोन आया कि अब पाबला जी ठीक हैं…हम सबकी जान में जान आई…मेरा अब विश्वास है कि जो खोना था आपने खो दिया, अब सब कुछ ठीक होगा…बेबे जी के लिए अरदास कि वाहेगुरू उन्हें अपने चरणों में स्थान दे…

    जय हिंद…

  3. अब सबकुछ ठीक हो… यही प्रार्थना है…
    जिन्दगी के मेले हैं पाबला साहब…
    ऊपर वाले की प्रोग्रामिंग में तो कोई बग भी सेंध नहीं लगा सकता, केवल उस प्रोग्रामर से प्रार्थना ही कर सकते हैं और वह कर रहे हैं…

  4. पाबला जी,
    ईश्वर आप पर और आपके परिवार पर मेहर बनाए रखे… इस संकट की घड़ी में आपके धीरज और हौसले की जीत हो, ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं…

  5. पाबला जी सब्र कीजिये ! रब पे भरोसा रखिये ! मुश्किलों में हमें भी साथ जानिये !

  6. पाबला जी, अभी कुछ कहने का समय नहीं है, बस धैर्य से ही काम लें। प्रभु सभी कुछ ठीक करेगा।

  7. पाबला जी , आपके दुःख को मैं समझ सकता हूँ । स्वयं भी अभी इसी दौर से गुजरा हूँ । माताजी को वाहे गुरु अपने चरणों में स्थान दें , यही प्रार्थना है । बेटे के जल्दी स्वस्थ होने की दुआ करते हैं । इस दुःख की घड़ी में हम सब आपके साथ हैं । बस आप हौसला बनाये रखें ।

  8. पाबला जी ,
    मै भी वाहे गुरु जी से यही कहूँगा कि वो जल्द से जल्द सभी परिस्थितियों को सामान्य कर दे,
    आप हिम्मत बनाए रखियेगा, हम आपके साथ हैं

  9. सचमुच ऊपरवाला आपका इम्तिहान ले रहा होगा, लेकिन हमें विश्वास है कि आप उसकी भी हर परीक्षा में खरे हैं। आप उसे इतनी कठिनाईयों के बाद भी नहीं भूले हैं तो वो आपको कैसे भूल सकता है।
    आपके हौसलें, धैर्य, हिम्मत और मनोबल से हम प्रेरणा लेंगे।
    परमात्मा जल्द से जल्द सब ठीक करे यही प्रार्थना है।

    प्रणाम

  10. हिम्मत वालों के लिये बुरा वक्त अधिक समय नहीं रहता… धैर्य रखें…

  11. पाबला जी …. आप तो सवा लाख से एक को लड़ाने वालो में से है …. आप से क्या कहूँ !?
    बस ऐसे ही हम सब का मार्गदर्शन करते रहिये ! बेबे जी को शत शत नमन ! अपना ख्याल रखें !

  12. सर क्या कहूं आपने तो मुझे डरा ही दिया था , हिला ही दिया था , हां सर ये सच है कि वो जो ऊपर वाला है तो ऐसा करता तो है ही . धैर्य बनाए रखिए ..और हां मैं आ रहा हूं बहुत जल्दी आपसे मिलने के लिए ..इस साल के खत्म होने से पहले ही

  13. पावला जी सुरेश चिप्लुन्कर जी की बात बहुत उप्युक्त लगी,धैर्य बनायें,रक्खे,दिवंगत माता जी की आत्मा को शान्ति प्राप्त हो,और आपके सब कश्ट दूर हों,रब से यही प्रार्थना है ।

  14. बस इतनी ही दुआ है की इस परीक्षा में आप अच्छे नम्बरों से उत्तीर्ण हों .
    आपके परिवार की कुशलता की कामना है

  15. ह्रदय से सम्वेदनाएं!!

    यही जिन्दगी की वास्तविकताएं है।

    गुरुग्रंथ साहेब की गुरुवाणी पर श्रद्धा रखें वही मार्ग प्रशस्त करेगी।

  16. पावला जी क्या कहूँ? कई बार ऐसा होता है जिन्दगी मे मुसीबत अकेले नही आती लेकिन हमारी ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको ये सब सहन करने की शक्ति दे और आप कठिनाईयों से निकलें। शुभकामनायें।

  17. भगवान सच में आप की परी्क्षा ले रहा है। भगवान से प्रार्थना है कि आप की हिम्मत बनाये रखे

  18. सर, आप तो हम सभी के प्रेरणास्त्रोत हैं… और रही इन घड़ियों की बात, तो ऐसे पल आते ही सिर्फ चले जाने के लिए होते हैं…

  19. क्या कहूँ ! इतनी तकलीफ, इतना दुःख, किसी को न झेलनी पड़े …
    हिम्मत रखिये … ये दिन भी निकल जायेंगे …

  20. धैर्य बनाये रखें और ऊपर वाले से ये ही प्रार्थना कि बस अब और परीक्षा ना ले ।

  21. शायद वाकई उपरवाला आपके इन्तिहाँ ले रहा है .पर यकीन है आप धेर्य से पूरे नम्बरों से पास होंगे .

  22. एक साथ ऐसी परिस्थितियां निश्चित ही wदुखद !
    आपके हौसले को प्रणाम …
    ईश्वर सब कुशल करेगा !

  23. हालाँकि कहना बहुत आसान है, मगर फिर भी इसे एक बुरा सपना मानकर भूलने का प्रयास करें. ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वो आपको इस नाजुक वक्त में हिम्मत बख्शे और भविष्य का मार्ग प्रशस्त करे…

  24. आज तक यह समझ नही पाया मुसीबते एक साथ ही क्यो आती है .

  25. अभी आप से बात करी – और फिर से वही बोलूँगा कि धैर्य रखें, ख्याल रखें और प्रसन्न रहें – ये सब होगा क्यूंकि आप खुद समझदार हैं !

  26. हारिये न हिम्मत। यह दौर भी चला जाएगा।

  27. दुख की इस कठिन घड़ी में हमारी हार्दिक संवेदनायें और मंगलकामनायें।

  28. बस, हिम्मत बनाये रखिये. हम प्रार्थना कर रहे हैं. जल्द सब नियमित हो जायेगा.

  29. सिस्‍टम में शायद वायरस आ गया, परमानेन्‍ट डेटा लॉस हुआ, दुखद है. सुपर प्रोग्रामर सिस्‍टम को दुरुस्‍त करने में लगा होगा, हम धैर्य रख कर इंतजार करते हैं.

  30. Ittefaaqan ye post padhee…kuchh patahi nahi tha!Aapke bete aur bhaion ko sehat ke liye shubhkamnayen.
    Mataji ka bada afsos ho raha hai.Kya likhun kuchh samajh me nahee aa raha.

  31. वीरजी! फोन करने कि हिम्मत नही हो रही इसे अन्यथा न् ले.आप मुझे जानते हैं ,समझते हैं .फोन पर क्या बोलू?ईश्वर बीजी को अपने खास बन्दों में जगह दे और उनकी आत्मा को सुकून दे.
    आपका और बाबाजी अकेले हैं.बिजी के होते हुए घर घर था.मुझे आप लोगो के अकेलेपन का सोच कर……कौन ख़याल रखेगा? पर…'वो' बहुत बड़ा है 'उसे' हमसे ज्यादा हमारी चिंता है.कोई रास्ता निकालेगा 'वही'.
    क्या कहूँ ? आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान अब और भी ज्यादा रखना है क्योंकि बाबाजी,गुरुप्रीत और माऊ का ख़याल भी आपको ही रखना है.अभि दिल्ली दूर है भई चलते जाओ जब तक 'इन तीनो' की जिम्मेदारियों से हल्का ना हो जाओ.इस घड़ी में मुझे आपके साथ होना चाहिए था पर…बाकि कुछ कहना तो मात्र ओपचारिकता ही होगी.मैं इश्वर से प्रार्थना करुँगी कि… इतना ही खूब है.इतना भी इम्तिहान ना ले कि लोग तेरे इम्तिहान से घबरा जाये.
    पर मेरा वीर बहादुर और सच्चा सरदार है.

  32. माताजी को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि !!
    ईश्वर से प्रार्थना है की वे माताजी की आत्मा को शांति प्रदान करें एवं आपके सारे कष्टों को जल्द से जल्द दूर कर हमें वाही खुशमिजाज पाबला जी वापस करें |

  33. पाबला जी, बहुत दुःख और सदमा पहुंचा। ब्लॉगरों के जन्म दिन की सूचना 17 के बाद नहीं मिल रहे थी। तभी मुझे कुछ शक हुआ परंतु यह सोचकर कि आप कहीं सामाजिक कार्य में व्यस्त होंगे और मैं अपने कार्यक्रम में व्यस्त रहने के कारण भी आपसे संपर्क नहीं कर पाया। परंतु आज ब्लॉग खोला तो जानकर बहुत कष्ट हुआ। रात के दस बज चुके हैं अतः फ़ोन करना मुनासिब नहीं समझा। लेकिन संवेदना व्यक्त किए बग़ैर नींद भी नहीं आएगी। ईश्वर आपको इतनी शक्ति तो दी ही है कि आप ऐसे क्षण में संयत रहकर अन्य औपचारिकता पूरी सकते हैं। ईश्वर अपने प्यारों को कुछ ज़्यादा ही मज़बूत बनाने के विचार से वही देता है जो वह उचित समझता है। अरदास में तो पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है। वाहे गुरू से सच्चे मन से विनती करता हूं कि माता जी की आत्मा को शांति दे और आपको और भी शक्ति दे। आप धैर्यवान हैं। अतः सब सामान्य होने तक संयत रहेंगे।

  34. इन संकट की घड़ियों में मेरा हौसला बनाए रखने हेतु आप सभी का आभार

  35. सर जी, ये ऊपर वाले के खेल का एक अहम हिस्सा है, पर वह दुख देता हैं, तो उन्हे बर्दाश्त करने की ताकत भी, जंगल में विशाल हरी-भरी घास व दरख्तों में जब आग लगती है, और उस त्रासदी के बाद बारिश की फ़ुहारों से पल्लवित होती हरी कोपलें, जो उस वृक्ष को पहले से कही अधिक जीवनदायिनी शक्ति प्रदान करती है, और जिन्दगी के संघर्ष में वह वृक्ष प्रत्येक तकलीफ़ के बाद और अधिक मजबूत व विकसित होता है, यही तो जीवन का सत्य है, अच्छे-बुरे अनुभव जो हमें हर बार और अधिक साहस के साथ खड़े रहने की ताकद करते हैं।
    कृष्ण कुमार मिश्र

  36. ओह .. इतना कुछ झेला आपने !!
    जब भूकम्‍प से संबंधित अपडेट मुझे मिलने बंद हो गए .. तभी मैं समझ गयी कि कुछ गडबड है !!
    शिवम जी से माताजी की तबियत बिगडने और पुत्र के दुर्घटना ग्रस्‍त होने के बारे में जानकारी मिली .. पर मांगने पर भी उन्‍होने फोन नं देने से इंकार कर दिया .. यह सोंचकर कि आपको तंग न किया जाए !!
    ऊपरवाले के चाहने से भी आप टूट नहीं सकते .. ऐसा मुझे विश्‍वास है !!
    दिल्‍ली से आने के बाद आपके किसी पोस्‍ट पर भी नजर नहीं पडी .. आज आपको सामान्‍य देखकर अच्‍छा लगा .. आपके , आपके भाइयों और बेटे के लिए बहुत शुभकामनाएं और माता जी को हार्दिक श्रद्धांजलि !!

  37. सच है। जब मुसीबत आती है तो चारों तरफ से आती है। आपकी यह पोस्ट बहुत कुछ सोचने पर विवश करती है। बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना है कि आपके सभी कष्ट दूर हों। आप और आपका परिवार स्वस्थ व प्रसन्न हो।

  38. कृपया धैर्य बनायें रखें , इस दुःख की घड़ी में ईश्वर ही सहारा है .

  39. आपके लिखने का कोई जवाब नहीं, काफी समय से पढ़ रही हूं। आपकी पोस्ट भी ईमेल से मंगाती हूं और आज आपका ब्लॉग फॉलो भी कर रही हूं। ईश्वर आपको हर मुसीबत से बचाए…

    http://veenakesur.blogspot.com/.

  40. daddy dekh lo aapke sabhi shubh-chintkon ne aapse kaha hai ki keep trust on god. to ab to god o apne se great maan lo n keep trust on him.

    ab to aapo lag raha hoga na ki jab itne logon ne god ke baare me kaha hai to usme kuch to hoga jo sab unko itna maante hain.

    maanta hu ki god ko bohot jyada maan ne waale bhi khush nahi rehte, par jinko apne karmo k saath god se darr aur respect hain wo he sahi bande hote hain.

    aur dadi ki yaad se badi mushkil se khud ko shaant banaya tha, par ye post aur comment padh ke fir se rona aa gaya.

    aur aap sabhi ko shukriya aise mouke par daddy ka saath dene ka.


  41. पाबला जी,
    कभी कभी बुरे समय का दौर आता है मगर गुरुकृपा और अपनों के साथ देने से वह घडी हमेशा टल जाती है ! आप दोनों पिता पुत्र से वह बुरी घडी टल चुकी है अब सब कुछ अच्छा ही अच्छा मिलेगा ! मेरी कामना है कि आपको और परिवार को नव वर्ष मंगल मय हो…
    हार्दिक शुभकामनायें !

  42. इन सब बातों को अब दो महीने होने को आये हैं। उम्मीद है इन मुश्किल हालात से आप जल्द ही निकलें। बाकी सेहत एक ऐसी चीज है जिसके खोने पर ही पता चलता है कि उसकी कितनी महत्ता थी। रोज व्यायाम करना शुरू करें, ताकि शरीर स्वस्थ रहे। शरीरमाद्यंखलुधर्मसाधनम्!

  43. उन दिनों ब्लॉग़ जगत से जैसे नाता ही टूट गया था…अगस्त 2010 से मार्च 2011 तक हम यहाँ नहीं थे…लेकिन कहीं से खबर भी नहीं मिली..आपकी सेहत की कामना….माताजी को श्रद्धाजंलि और बच्चों को ढेरों आशीर्वाद…

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