क्या 10 सितम्बर को हमारी दुनिया ख़तम हो जायेगी!?

कुछ वैज्ञानिकों ने 10 सितंबर से फ्रांस और स्विट्जरलैंड की सीमा पर जमीन के 100 मीटर नीचे शुरू होने जा रहे लार्ज हेड्रान कोलाइडर (एलएचसी) को बंद करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

उनका कहना है कि इससे ब्लैक होल बनेंगे जो पूरी धरती को तबाह कर सकते हैं। एलएचसी मशीन यानी दुनिया का सबसे बड़ा कण त्वरक (पार्टिकल एक्सेलरेटर) जमीन के 100 मीटर अंदर 27 किलोमीटर के वृत्ताकार क्षेत्र में बनाया गया है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग से निर्मित इस मशीन पर लगभग साढ़े चार अरब पौंड का खर्च आया है।

 

वैज्ञानिक इस त्वरक के जरिये ब्रह्मांड के निर्माण की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा करना चाहते हैं। 10 सितंबर को जब इसका बटन दबाया जाएगा तो यह टाइम मशीन में परिवर्तित हो जाएगी और बताएगी कि 14 अरब साल पहले ‘बिग बैंग’ यानी महाविस्फोट से सृष्टि के निर्माण के बाद दरअसल क्या हुआ था। इस महाविस्फोट का प्रयोगशाला में सृजन किया जा रहा है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि यहदैत्याकारमशीनहमारीधरतीकोहीलीलजाएगी।

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विशेषज्ञों का तो यहाँ तक कहना है कि इससे करोड़ों छोटे-छोटे ब्लैक होल्स पैदा होंगे। ये उन ब्लैक होल के छोटे रूप होंगे जैसे क‍ि आकाश गंगा में पहले से मौजूद हैं। ये ब्लैक होल धरती के लिए घातक हो सकते हैं। इसीलिए वैज्ञानिक इस प्रयोग को बंद कराने के अंतिम प्रयास के तौर पर अदालत की शरण में जा रहे हैं। उनका कहना है कि इसप्रयोगकेपरिणामोंकाअभीकिसीकोअंदाजानहींहैऔरइसतरहपूरीमानवजातिऔरपृथ्वीखतरेमेंहै।

इस मशीन के कुछ बेहतरीन चित्र यहाँ देख सकते हैं। इस प्रयोग की वेबसाईट भी देखी जा सकती है। इस प्रयोग का सीधा प्रसारण इन्टरनेट पर भारतीय समयानुसार 10 सितम्बर को, दोपहर 12:30 से रात 9:30 तक यहाँ देखा जा सकता है। सम्बंधित ताजा जानकारियाँ यहाँ उपलब्ध हैं।

क्या 10 सितम्बर को हमारी दुनिया ख़तम हो जायेगी!?
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क्या 10 सितम्बर को हमारी दुनिया ख़तम हो जायेगी!?” पर 9 टिप्पणियाँ

  1. मुझे इश्तिहार सी लगती हैं ये मुहब्बतों की कहानिया
    जो कहा नहीं सुना करो जो सुना नहीं कहा करो
    यह तो एक सनसनी है -विगत के अनुभव तो बताते हैं कि ऐसा प्र्रयाह नहीं होता और हो भी गया तो क्या कर लेंगे हम ?पर विज्ञान के अनुसन्धान तो रोके नहीं जा सकते केवल अटकलों पर !

  2. ऐसी बातें बहुत समय से सुनते आ रहे हैं लेकिन आज तक कुछ हुआ तो नही।

  3. बलविंदर जी ऐसा होना होता तो ये विश्व आज जैसा है वैसा नहीं होता। अरबों ब्लेक होल्स के बावजूद भी विश्व का विकास हुआ है। वे भी हैं इस विश्व में और विकसित विश्व भी।
    इसी तरह इन ब्लेक होल्स के बाद भी पृथ्वी कायम रहेगी वैसे ही। हो सकता है और सुंदर हो सके।

  4. अजब बात है!!!

    ५ दिन की लास वेगस और ग्रेन्ड केनियन की यात्रा के बाद आज ब्लॉगजगत में लौटा हूँ. मन प्रफुल्लित है और आपको पढ़ना सुखद. कल से नियमिल लेखन पठन का प्रयास करुँगा. सादर अभिवादन.

  5. मजा आ जाएगा क्यो की जीतने भी मैने हालीवूड के फीलमे देखे है। उसको सच मे देखने मे कीतना मजा आएगा।

    ऎसे ही नाम के लीये झूठ मूठ का बोलते रहते हैं।
    अब भला ब्लैक होल बनने मे एक दीन थोडी नही लगगे तब तक करोडो साल बीत जाएगा।

  6. दुनिय खत्म होना कुह जिश को जीना हा वोह जीओ अपना कर्म करो जीश को मरना हँ वोह आज हे मरेह उष के लिय दुनिय आज ही कतम हँ

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