गूगल की नई ‘सुविधा’ से परेशान हैं कई ब्लॉगर

ब्लॉगिंग के लिए ब्लॉगस्पॉट जैसा मुफ़्त मंच देने वाले गूगल ने अब धीरे धीरे पंख कतरने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में उसने एक सुविधा शुरू की है जिससे दावा है कि ब्लॉग ज़ल्दी खुलने लगेंगे। इसे नाम दिया गया है आटो पेजीनेशन (Auto Pagination)। यदि मैं गलत नहीं हूँ तो इसे हिन्दी में कहा जाएगा स्वत: पृष्ठांकन!

गूगल की यह सुविधा, इस अवलोकन के बाद आई है कि संबंधित लेबल वाली पोस्टों तथा पुरानी पोस्टों को खोलते समय ब्लॉग देर से लोड होता है। अब ब्लॉग देर से खुलेगा तो पाठक तंग आ कर या तो चलते बनेगा या फिर अपने इंटरनेट की सीमा व गति की चिंता में घुलते हुए ब्लॉग बंद कर देगा। फलस्वरूप पाठक कम होते जाएंगे, पाठक कम होंगे तो गूगल के विज्ञापनों का क्या होगा!
इसी बात को ध्यान में रखते हुए गूगल ने अब खुद ही यह निर्णय करना शुरू किया है कि एचटीएमएल की मात्रा व चित्रों की संख्या को ध्यान में रखते हुए कितनी विषयवस्तु मुख्य पृष्ठ पर दिखे। इसके बाद पाठक पुरानी पोस्ट्स या नई पोस्ट पर क्लिक कर बाकी ब्लॉग पढ़े।
अब हो यह रहा है कि कई ब्लॉगों के मुख्य पृष्ठ पर प्रदर्शित होने वाली पोस्ट्स की संख्या कम दिख रही। एक सामान्य ब्लॉगर शायद इस तरफ ध्यान न दे पाए किन्तु इससे वह ब्लॉगर अचंभित हैं जिन्होंने अपने पृष्ठ की रूप रेखा को संतुलित व खूबसूरत दिखाने की मंशा से स्वय निश्चित किया हुआ था कि कितनी पोस्ट दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने चुना हुआ है कि मुख्य पृष्ठ पर 20 पोस्ट्स दिखाई जाएँ, दिख रहीं हैं 7! दिखनी चाहिए 10 तो दिख रहीं है 3!! अब साईडबार दिख रहा लम्बे से डंडे जैसा और पोस्ट दिख रहीं झंडे जैसीं!! कई ब्लॉगरों ने हड़बड़ाहट में टेम्प्लेट भी बदल लिए और चैन की सांस ली, कुछ अभी भी सोच रहे कि यह सब क्या और क्यों हो रहा?
हिन्दी ब्लॉगरों के लिए यह और भारी पड़ रहा क्योंकि देवनागरी लिखे जाने पर वर्ण संख्या बढ़ जाती है, फलस्वरूप पोस्ट का वज़न (किलोबाईट में) बढ़ जाता है।
हो सकता है यह एकाएक दृष्टिगत न हो किन्तु उन अधिकांश सजे-धजे चित्रमय ब्लॉगों पर इसका प्रभाव स्पष्ट नज़र आ रहा है जिन्होंने आगे पढ़े/ Read More का विकल्प चुना हुआ है।
हालांकि गूगल यह कह रहा है कि इन दुष्प्रभावों पर नज़र रखी जा रही है लेकिन तात्कालिक रूप से इसका निदान दिख नहीं रहा।
आपका ब्लॉग तो इसकी चपेट में नहीं आया?
गूगल की नई ‘सुविधा’ से परेशान हैं कई ब्लॉगर
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गूगल की नई ‘सुविधा’ से परेशान हैं कई ब्लॉगर” पर 15 टिप्पणियाँ

  1. बिलकुल आया जी,
    पिछले महीने इसी से जुझ रहे थे।
    बार-बार टेम्पलेट बदल रहे थे।
    HTML से पंगा ले रहे थे लेकिन
    अब सब ठीक है। हां पृष्ठ संख्या पर
    अभी ध्यान नही गया है।
    जानकारी देने के लिए
    धन्यवाद

  2. बहुत दिनों से ब्लाग स्वरूप में कुछ नया ट्राई नहीं किया। सब कुछ संतोषजनक चल रहा है। ब्लाग जितनी जल्दी खुले उतना अच्छा। पाठक उतने ही अधिक होंगे। हम कितने ही विजेट लगा लें। पाठक आते हैं ब्लाग कंटेंट के कारण। ब्लागीर उसी पर ध्यान दें तो सही।

  3. हम देखते हैं, आपकी पोस्ट से पता चला कि कुछ समस्या है।

  4. अब साईडबार दिख रहा लम्बे से डंडे जैसा और पोस्ट दिख रहीं झंडे जैसीं!
    लेकिन यह डंडा हमे तो दिख नही रहा, चारो तरफ़ हाथ पांव मार लिये जी

  5. kuchh blog to bahut der me khulte hain. maine to widget kam kar diye aur lagbhag sada template liya hai.

  6. वन सुविधा ..विद वन असुविधा फ़्री ..हा हा हा आखिर ये गूगल बाबा भी तो बाबा ही ठहरे न….और बाबाओं का हाल तो आपको पता ही है …हा हा हा ..शुक्रिया सर बताने के लिए
    अजय कुमार झा

  7. शुक्र है कि हमारा ब्लोग अभी इसकी चपेट में नहीं आया है।

  8. hame to puranee suvidha se bhi pareshanee thee…kyunki is takneekee maamle me ham zero hain.

  9. मुझे दिक्कत आरही टिप्पणी करने में दो तीन बार टाइप करना पड़ता है दूसरी बार तो यही कहता है कि हम असमर्थ है फिर बैक में जाकर दुबारा पोस्ट करना पढ़ती है

  10. देर से ही सही मगर जानकारी में इजाफा हुआ
    अब समझ में आया ……

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