चिट्ठाचर्चा डॉट कॉम से शुरू हो कर, वृहद ब्लॉगर सम्मेलन पर खत्म होती बैठक की बातें

मकर संक्राति के कुछ दिन पहले, लगभग सूख चुके लॉन पर धूप का आनंद ले रहा था कि राजकुमार ग्वालानी जी ने मोबाईल पर सम्पर्क किया। हमेशा की तरह गर्मजोशी से बातें शुरू करते हुए कहने लगे कि लगभग एक माह होने को आया, अपनी बैठक नहीं हुई अभी तक। तात्कालिक रूप से 17 जनवरी का दिन तय कर लिया गया। कुच्छेक ब्लॉगरों की सहमति पा कर रायपुर में मुलाकात का समय व स्थान भी तय कर लिया गया। इसी सिलसिले में राजकुमार जी ने एक सूचनात्मक पोस्ट भी लिख दी। लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि 16 जनवरी की शाम होते होते एक आकस्मिकता के कारण यह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। नई तारीख की घोषणा हुई, 24 जनवरी

17 जनवरी का दिन हमने गुजारा भिलाई में हुए एक शानदार डॉग शो का जायज़ा लेते हुए। इसकी विस्तृत चर्चा अगली किसी पोस्ट पर।
इस बीच उत्साह बढ़ चुका था। डॉ महेश सिन्हा, संजीत त्रिपाठी, संजीव तिवारी के सहयोग तथा गूगल डॉक्स की सहायता से छत्तीसगढ़ के सभी हिन्दी ब्लॉगरों का डाटाबेस बना कर, लगातार अपडेट किया जाता रहा, जिस पर कतिपय ब्लॉगर, व्यवस्था की सुविधा हेतु नज़र रखे हुए थे। कोशिश की गई कि सभी ब्लॉगरों के मोबाईल या ई-मेल पर सम्पर्क कर उनको दो चरणों के कार्यक्रम की जानकारी दी जाए तथा उनसे आने-न आने की सूचना ले, डाटाबेस में डाल दी जाए। अनिल पुसदकर जी भी समयानुसार प्रगति की जानकारी लेते रहे।
बैठक वाले दिन, 24 जनवरी की सुबह एक अनोखी बात पता चली कि इस ब्लॉगर्स बैठक के किन्ही प्रशासनिक हल्कों द्वारा प्रायोजित होने के बारे में अफ़वाह फैल रही है! हालांकि बैठक के दौरान ही यह स्पष्ट हो गया कि यह अफ़वाह भी प्रायोजित थी 🙂
भिलाई से अन्य साथी, अपने अपने कार्यों की वज़ह से अलग अलग रवाना होने की बात कह चुके थे। मैं बड़े आराम से अपनी मारूति वैन चलाते हुए ठीक डेढ़ बजे प्रेस क्लब पहुँच गया। सम्पर्क करते ही अनिल पुसदकर जी तुरंत पहुँचे, थोड़ी देर बाद ही संजीत त्रिपाठी भी हमारे साथ थे। कॉन्फ़्रेंस हॉल में बैठे कुछ ही देर हुई थी कि बिलासपुर से आए उत्साह से लबालब अंकुर गुप्ता ने प्रवेश किया। फिर तो जो सिलसिला शुरू हुआ, वह बैठक के शुरू होने के बाद भी जारी रहा।
अधूरा सा रह गया उपस्थिति पत्रक दर्शाता है कि सक्रिय ब्लॉगर साथियों में नवीन प्रकाश, सूर्यकांत गुप्ता, अंकुर गुप्ता, अरविन्द झा, अनिल पुसदकर, गगन शर्मा, जी के अवधिया, डॉ महेश सिन्हा, राजकुमार ग्वालानी, संजीत त्रिपाठी, विभाष कुमार झा, अभिषेक प्रसाद, डॉ निर्मल साहू, विनोद डोंगरे, राजकुमार सोनी, रीतेश केशरवानी, त्र्यम्बक शर्मा, पंकज अवधिया, अहफ़ाज रशीद, अजय सक्सेना, संजीत कुमार, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ साइबेल फरिश्ता, शैलेष नितिन त्रिवेदी, श्याम कोरी ‘उदय’, भारत योगी, अभिषेक दुबे, जितेन्द्र सोनकर, दिलीप कुमार साहू, कौशल स्वर्णब

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चिट्ठाचर्चा डॉट कॉम से शुरू हो कर, वृहद ब्लॉगर सम्मेलन पर खत्म होती बैठक की बातें” पर 22 टिप्पणियाँ

  1. वाह जी . पूरी जानकारी पढ़ कर अच्छा लगा.

  2. जानकारी से परिपूर्ण बढ़िया रिपोर्ट

  3. पाबला जी,
    बातें तो बहुत थीं कहने को
    पर अब मन ही नहीं लिखने को
    जब परवाह ही नहीं अपनों को
    तो दोष क्या दें हम गैरों को

  4. आभार इस जानकारी का लेकिन अगली पोस्ट की प्रतिक्षा है जी!!

  5. 36गढ़ ब्लॉगर..सबसे बड़ा संघ हो।

    प्यार की धुन और मोह रंग हो।

    दिल दिया है..जाँ भी देंगे।

    तुम आगे बढ़ों..साथ हाँ भी देंगे।

  6. िस सफल आयोजन हेतु बधाई मगर राज कुमार गवलानी जी की पोस्ट मे कुछ निराशा की झलक दिख आज्।

  7. मुझे लगता है कि आपसी असहम्ति को सार्वजनिक न कर आपस मे बैठ कर सर्व सम्मति से सुलझाना चाहिये ब्लागवुड अभी अपने शैशवकाल मे है हर भविश्य की योजना को सुचारू रूप देने मे मुश्किलें भी आयेंगी मगर उन का निपटारा मिल बैठ कर ही होना चाहिये। ताकि बाकी लोगों की ऊर्जा बनी रहे। शायद राज कुमार जी कुछ हताश हैं। हर अच्छा काम करने से पहले अगर मुश्किलें न आँयें तो वो और अच्छा कैसे होगा? शुभकामनायें

  8. चिट्ठा चर्चा का डोमेन व्यर्थ मुद्दा बन रहा है। वह एक वेब साइट है। उस का बहुत विस्तार हो सकता है। जिस में बहुत कुछ समा सकता है। चिट्ठा चर्चा जैसी चीज अपने डोमेन पर जाए और एक वैबसाइट में परिवर्तित हो जाए यह अच्छी बात है। और भी बहुत कुछ हो सकता है। पहले अगली पोस्ट में आप की राय जान ली जाए।

  9. बहुत सुंदर रही यह चर्चा, अगली कडी का इंतजार है, इंतजार तो आप से मिलने का भी है,"चिट्ठाचर्चा डॉट कॉम से लोगो को क्या ओर क्यो दिक्कत है यह समझ मै नही आया…. चलिये अब क्या कहे, मिलने पर बहुत सी बाते होगी

  10. दिल्ली में आपसे मिलने का इंतज़ार रहेगा। शुभकामनायें।

  11. पाबला जी,
    बहुत अच्छी रिपोर्ट आपकी..
    ख़ुशी हुई देख कर लोग ब्लॉग्गिंग को गंभीरता से ले रहे हैं…
    दूसरी तरफ…
    हैरान हूँ…:):)

  12. अभी तो एक पारी ही खेली गई है , हम मैच के बीच में कुछ नहीं बोलते , अभी तो सिर्फ़ देख रहे हैं जब बोलेंगे .तब..?????? देखिएगा

  13. बहुत बढ़िया लगी यह रिपोर्टिंग….

    देरी से आने के लिए माफ़ी चाहता हूँ….

  14. बहुत बढिया रिपोर्टिंग, आगे और इंतजार है।

  15. इस रिपोर्ट ने बहुत कुछ बेहतर होने का आश्वासन-सा दिया । अगली पोस्ट की प्रतीक्षा । आभार ।

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