ज़रूरी है अब, ब्लॉगिंग के लिए सरकारी लाइसेंस!!


अब शुरूआत हो चुकी है ब्लॉगिंग के लिए सरकारी लाइसेंस लेने की! संभवत: विश्व में पहली बार ऐसा हो रहा है।

ताज़ा समाचारों के अनुसार सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्रालय द्वारा अब ब्लॉग, ऑनलाइन समाचार पत्र या देश में किसी भी तरह के ई प्रकाशन के लिए लाइसेंस की जरूरत अनिवार्य कर दी गई है।
इसके अनुसार आवेदक की राष्ट्रीयता सऊदी, उम्र 20 साल से अधिक, उचित व्यवहार/ आचरण का अच्छा रिकॉर्ड तथा शिक्षा हाई स्कूल या इससे अधिक होनी चाहिए।
यह उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में, अरब जगत की दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉगर जनसंख्या है और हाल के समय में 240 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
(इस वाक्य में संशोधन, घुघूती बासूती जी के ध्यानाकर्षण के बाद 6 जनवरी को किया गया)
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18 comments

  • अजय कुमार झा says:

    हा हा हा बहुत बढिया सर , बस इतना और पता चल जाता कि चालान भी काटा जाएगा क्या ?

  • ललित शर्मा says:

    बढिया समाचार है।
    अच्छे आसार हैं।

    आभार

  • वन्दना says:

    ओह!अब ये भी जरूरी हो गया ……… इससे आय तो होती नही आम ब्लोगर को तो इसका क्या अर्थ रह गया?हा हा हा।

  • सुज्ञ says:

    यह खबर ब्लॉगिंग के महत्व को रेखांकित कर रही है।
    और वहां से जहां ब्लॉगर विश्व में दूसरे नम्बर पर है।

  • 'उदय' says:

    … gambheer maslaa … saarthak pahal … prasanshaneey post … jay ho !!

  • Shah Nawaz says:

    Wah ji wah!!! 🙂

  • shikha varshney says:

    क्या न्यूज़ दी है …मतलब कि ब्लोगिंग को गंभीरता से लेने की शुरुआत हो गई है.

  • वन्दना says:

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (6/1/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

  • सतीश पंचम says:

    अभी तक शायद इसकी ही कमी थी 🙂

  • bilaspur property market says:

    शुरुवात तो हो गई है देखो यह आग हम तक कब तक पहुचेगी

  • rashmi ravija says:

    बड़ी नायाब खबर दी…और उस से ज्यादा अनोखी खबर तो ये है कि सऊदी अरब में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉगर आबादी है।

    वे लोग अंग्रेजी में भी लिखते हैं क्या??…अब तो उनके ब्लोग्स पढने की इच्छा हो रही है कि आखिर वे लोग लिखते क्या हैं?

  • अविनाश वाचस्पति says:

    ब्‍लॉगिंग के लिए लाईसेंस लेने के लिए तुरंत आवेदन करें। पहले से ब्‍लॉग चला रहे ब्‍लॉगरों को लाईसेंस फीस में 25 प्रतिशत की रियायत दी जायेगी। 31 जनवरी 2011 तक आवेदन ओपन हैं।

  • वन्दना says:

    दोस्तों
    आपनी पोस्ट सोमवार(10-1-2011) के चर्चामंच पर देखिये ……….कल वक्त नहीं मिलेगा इसलिए आज ही बता रही हूँ ………..सोमवार को चर्चामंच पर आकर अपने विचारों से अवगत कराएँगे तो हार्दिक ख़ुशी होगी और हमारा हौसला भी बढेगा.
    http://charchamanch.uchcharan.com

  • ZEAL says:

    बढ़िया सूचना दी पाबला जी।

  • Swarajya karun says:

    ब्लॉगिंग के लिए किसी अरब देश में सरकारी लायसेंस का फरमान स्वाभाविक है,लेकिन भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में अगर ऐसा होगा तो यह लोकतंत्र और आम नागरिकों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ होगा. हम लोग अब 'सूचना के अधिकार 'और पारदर्शिता के युग में पहुँच गए है, जो वास्तव में लोकतंत्र की बुनियाद है. इसलिए जिस दिन भी ब्लॉगिंग जैसे सूचना और विचारों के अत्याधुनिक साधन पर लायसेंस प्रणाली भूल से भी लागू हो जाए तो वह लोकतंत्र और नागरिक आज़ादी का आख़िरी दिन होगा. बहरहाल आपने एक गंभीर सूचना देकर ब्लॉग-जगत को सावधान तो कर ही दिया है. आभार .

  • Swarajya karun says:

    ब्लॉगिंग के लिए किसी अरब देश में सरकारी लायसेंस का फरमान स्वाभाविक है,लेकिन भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में अगर ऐसा होगा तो यह लोकतंत्र और आम नागरिकों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ होगा. हम लोग अब 'सूचना के अधिकार 'और पारदर्शिता के युग में पहुँच गए है, जो वास्तव में लोकतंत्र की बुनियाद है. इसलिए जिस दिन भी ब्लॉगिंग जैसे सूचना और विचारों के अत्याधुनिक साधन पर लायसेंस प्रणाली भूल से भी लागू हो जाए तो वह लोकतंत्र और नागरिक आज़ादी का आख़िरी दिन होगा. बहरहाल आपने एक गंभीर सूचना देकर ब्लॉग-जगत को सावधान तो कर ही दिया है. आभार .

  • Swarajya karun says:

    ब्लॉगिंग के लिए किसी अरब देश में सरकारी लायसेंस का फरमान स्वाभाविक है,लेकिन भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में अगर ऐसा होगा तो यह लोकतंत्र और आम नागरिकों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ होगा. हम लोग अब 'सूचना के अधिकार 'और पारदर्शिता के युग में पहुँच गए है, जो वास्तव में लोकतंत्र की बुनियाद है. इसलिए जिस दिन भी ब्लॉगिंग जैसे सूचना और विचारों के अत्याधुनिक साधन पर लायसेंस प्रणाली भूल से भी लागू हो जाए तो वह लोकतंत्र और नागरिक आज़ादी का आख़िरी दिन होगा. बहरहाल आपने एक गंभीर सूचना देकर ब्लॉग-जगत को सावधान तो कर ही दिया है. आभार .

  • Swarajya karun says:

    ब्लॉगिंग के लिए किसी अरब देश में सरकारी लायसेंस का फरमान स्वाभाविक है,लेकिन भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों में अगर ऐसा होगा तो यह लोकतंत्र और आम नागरिकों की अभिव्यक्ति की आज़ादी के खिलाफ होगा. हम लोग अब 'सूचना के अधिकार 'और पारदर्शिता के युग में पहुँच गए है, जो वास्तव में लोकतंत्र की बुनियाद है. इसलिए जिस दिन भी ब्लॉगिंग जैसे सूचना और विचारों के अत्याधुनिक साधन पर लायसेंस प्रणाली भूल से भी लागू हो जाए तो वह लोकतंत्र और नागरिक आज़ादी का आख़िरी दिन होगा. बहरहाल आपने एक गंभीर सूचना देकर ब्लॉग-जगत को सावधान तो कर ही दिया है. आभार .

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