टिप्पणियों में लिंक देने वाले हो जाएं सावधान !!

अभी अभी ऐसा कुछ हुआ कि अपने एक ब्लॉग लेख के लिए बेहद सामान्य सी टिप्पणी मुझे अपने ई-मेल में दिखी। यूँ ही मैंने वह ब्लॉग पोस्ट खोल ली। वहाँ यह टिप्पणी नहीं दिखी!

हैरान होने की बजाए मेरा ध्यान वर्डप्रेस वाली वेवसाईटों की टिप्पणी व्यवस्था की ओर गया तो ब्लॉगस्पॉट द्वारा टिप्पणियों के लिए स्वचालित स्पैम पहचान सक्षम किए जाने की सुविधा भी याद हो आई। झट से जब उस ब्लॉग के डैशबोर्ड पर टिप्पणी लिंक देखी तो उस नकार दी गई टिप्पणी को वहाँ स्पैम की श्रेणी में देखा।

अब आप जाने कि आखिर उस सामान्य सी टिप्पणी को ब्लॉगस्पॉट ने अवाँछित /शरारती/ स्पैम क्यों माना? वजह थी उस टिप्पणी में टिप्पणीकार द्वारा अपने ब्लॉग के प्रचार प्रसार हेतु छोडी गई दो लिंक्स!

तुरंत ही मैने एक प्रयोग किया और पाया कि ब्लॉगस्पॉट अभी अपनी स्वचालित स्पैम पहचान प्रक्रिया में एक लिंक वाली टिप्पणी को सामान्य मानता है जबकि दो या उससे अधिक लिंक्स वाली टिप्पणी को अवांछित मान कर उसे कूड़े के ढ़ेर में भेज देता है जिसके कारण उनकी टिप्पणी गायब हो जाती है और फिर वह परेशान रहता है कि आखिर उसकी टिप्पणी गई कहाँ!?.

उम्मीद है अब इस बात की ओर टिप्पणीकार ध्यान देंगे।

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टिप्पणियों में लिंक देने वाले हो जाएं सावधान !!” पर 22 टिप्पणियाँ

  1. ये तो बहुत बढिया जानकारी दी है………………आभार्।

  2. वैसे सर मैंने काफी लोगो को २ लिंक्स भी एक साथ देते देखा है और वह सीधा मेरे कमेन्ट बाक्स में ही आती है … तो क्या यह प्रणाली पूरी तरह से असरदार नहीं है ?

  3. @ शिवम् मिश्रा जी,

    मर्जी है आपकी,
    आखिर ब्लॉग है आपका,
    सेटिंग्स है आपकी 🙂

    यह प्रणाली पूरी तरह से असरदार है!

  4. @ Arvind Mishra जी

    समझदार को इशारा काफ़ी होता है 🙂

  5. सर मैं यही तो जानना चाहा रहा हूँ … सेटिंग है क्या ?

  6. mujhe to link dena bhee naheen aataa , so ham khtkaa se pare thahre 🙂


  7. लीजिये हम फिर आ गए … और साथ में लिंक भी है … 😉

    बेहतरीन पोस्ट लेखन के लिए बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है – पधारें – मेरे लिए उपहार – फिर से मिल जाये संयुक्त परिवार – ब्लॉग 4 वार्ता – शिवम् मिश्रा

  8. हमारे मित्र पूछ रहे हैं कि क्‍या अब दो लिंक देने के लिए दो टिप्‍पणियां देने का कायदा बना है, क्‍या जवाब दूं उन्‍हें.

  9. फालतूफंड में लिंक फेंक कर जाने वालों की टिप्पणीयां तो मैं खुद ही स्पैम में डाल देता हूँ। 🙂

    वैसे बढिया किया गूगल ने
    टिप्पणी में लिंक देना कभी-कभार के लिये ठीक है और जबकि उक्त लिंक पोस्ट के मैटर से सम्बन्धित हो।

    प्रणाम

  10. पाबला जी, मेरी टिप्‍पणी के बहाने आपकी एक पोस्‍ट तैयार हो गई, इसके लिए आपको मेरा शुक्रिया अदा करना चाहिए;)

    वैसे मुझे आपसे शिकायत है, आपने पोस्‍ट में मेरा जिक्र नहीं किया। अरे, इसी बहाने चर्चा तो हो जाती।

    ह ह हा।

    वैसे, मैं सुधरने वाला नहीं, क्‍योंकि अभी भी दो लिंक वाली टिप्‍पणियां प्रकाशित हो रही हैं। हॉं, आपके ब्‍लॉग में यह स्‍पैम घोषित हुईं, लगता है कि इसके लिए आपने कोई आंतरिक सेटिंग कर रखी है। सही कहा क्‍या?
    मधुबाला के सौन्‍दर्य को निरखने का अवसर।

  11. ये लीजिए पाबला साहब, फिर से प्रकाशित हो गयी दो लिंक वाली टिप्‍पणी। लेकिन पिछली गल्‍ती मुझे समझ में आ गयी। अब आप इसका कारण मुझसे मत पूछिएगा। मैं नहीं बताने वाला।

    ह ह हा।

  12. अभी-अभी सोच रही थी..कि आपसे ही इसकी तकनीकी जानकारी लूँ…कि कोई लिंक कैसे दी जाती है टिप्पणी में (अपनी नहीं..कई बार कोई रेफेरेंस देना होता है )

    पर अब तो टिप्पणी ही गायब हो जाने का डर है :(:(

  13. ये लो… जाकिर भाई ने तो गूगल को भी धता बता दिया 🙂

  14. Thank you for another essential article. Where else could anyone get that kind of information in such a complete way of writing? I have a presentation incoming week, and I am on the lookout for such information.

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