ट्रेन से सफर करने वालों के लिए मज़ेदार जानकारियाँ

पिछले दिनों मित्र मंडली में इस बात पर बड़ी ही हिकारत से बहस शुरू हुई कि भारतीय रेलों में कभी बदलाव नहीं हो सकता और ये किसी तरह भी सुविधाजनक यात्रा का पर्याय नहीं हो सकता. रेलवे रिज़र्वेशन की दुश्वारियों से अलग अधिकतर मित्र नाक भौं इसीलिए आड़ी तिरछी कर रहे थे कि यात्रियों को जानकारियाँ देने वाली किसी भी तरह की प्रणाली कारगर नहीं है. कुछ का यह कहना था कि बिना आरक्षण के कहीं जाने की तो सोच भी नहीं सकते क्योंकि उतनी सीटें ही नहीं होती और सीट मिल भी जाए तो इतना सारा सामान कैसे ले जाया जाए?

सामान वाली बात पर तो एक नई बहस छिड़ गई. एसी हो या स्लीपर, रिज़र्वेशन वाले कम्पार्टमेंट में भी लम्बे चौड़े, भारी भरकम सामानों से होने वाले असंख्य झडपों के बीच हवाई जहाज की सुविधा की तारीफ़ ही तारीफ़ हो रही थी कि किस तरह सामान की चिंता छोड़ कर सफ़र किया जाता है आदि आदि.

हवाई यात्रा की सुनहरी बातें करते मित्रों के साथ मैंने पहले तो उन्हें रेल जानकारियों से भरी अनोखी वेबसाईट के बारे में बताया. फिर रिज़र्वेशन करवाने में होने वाली असफलतायों पर कम्प्यूटर इंटरनेट के अलावा GPRS आधारित साधारण मोबाइल से भी आरक्षण करवाने वाले IRCTC के विकल्प बताए.

सामान वाली बात पर उन्हें जानकारी दी गई कि भारतीय रेल भी सामान के स्वामी को अपने साथ ट्रेन में ले जाने वाले सामान को निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले तक सामान बुकिंग स्टेशन में प्रस्तुत कर रसीद ले सकता है और फिर वह सामान उसी ट्रेन में ले जाया जाएगा. जहाँ वह यात्री उतरेगा वहाँ वह रसीद दे कर अपना सामान ले सकता है.

इस पर खिल्ली उड़ाते एक मित्र ने दसियों ऐसे किस्से सुना डाले जिसमे ट्रेन में ले जाया गया सामान गुम गया या किसी और स्टेशन पर पहुंचा गया. मैं कुछ कहता कि दूसरे मित्र ने दसियों ऐसे किस्से बता डाले जिसमें हवाई यात्रा के दौरान गया सामान दूसरे किसी देश पहुँच गया या फिर मिला ही नहीं.

इस तरह ट्रेन में सामान ले जाने के आधिकारिक नियम, क़ानून, शर्तं, हिंदी में यहाँ पढ़े समझे जा सकते हैं

अब जब मैंने अगली जानकारी देनी शुरू की तो सभी के कान खड़े हो गए. हुआ यह है कि उत्तर रेलवे के दिल्ली डिविजन ने हाल ही में ट्रेनों में करंट रिजर्वेशन के तहत खाली सीटों का हाल बताना शुरू किया है। करंट रिज़र्वेशन में वह सीटें होती हैं जिसके तहत रिजर्वेशन चार्ट बनने के बाद जो खाली सीटें होती हैं, उन्हें आबंटित किया जाता है। लेकिन इसका रिजर्वेशन इंटरनेट पर नहीं होता और इसके लिए उस स्टेशन पर बने करंट रिज़र्वेशन काउंटर पर खुद जाना ही पड़ता है।

इस समय रेलवे द्वारा, सभी श्रेणियों के लिए, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, आनंद विहार और सराय रोहिल्ला स्टेशनों से शुरू होने वाली ट्रेनों में रिज़र्वेशन चार्ट बनने के बाद उपलब्ध खाली सीटों की स्थिति बताने की व्यवस्था शुरू की गई है. जिसे संबंधित स्टेशन का चुनाव कर हिंदी या अंग्रेजी में देखा जा सकता है.

नई दिल्ली स्टेशन पर इस वक्त करंट रिज़र्वेशन की स्थिति

नई दिल्ली स्टेशन पर इस वक्त करंट रिज़र्वेशन की स्थिति

दो मित्र तो उछल ही पड़े इस जानकारी से. एक असमंजस में थे तब उन्हें समझाया गया कि करंट और तत्काल रिजर्वेशन में अंतर होता है। तत्काल का टिकट आप ट्रेन रवाना होने से एक दिन पहले बुक करा सकते हैं, वहीं करंट के लिए आपको उस ट्रेन के चार्ट बनने का इंतजार करना होगा। चार्ट बनने के बाद जो सीटें खाली रह जाती हैं, उनका करंट रिजर्वेशन होता है। करंट की सीटों का मतलब तत्काल टिकट से नहीं है। करंट टिकट के लिए अलग खिडकी होती है और इस कोटे की सीटें वहीं से बुक कराई जा सकती हैं। हाँ, करंट रिजर्वेशन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता।

दरअसल लोग चार्ट तैयार होने के बाद मान लेते हैं कि अब उस ट्रेन में आरक्षण का कोई मौक़ा नहीं है। आम तौर पर रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन के रवाना होने से चार घंटे पहले तैयार होता है। इसके बाद भी यदि करंट सीटों की स्थिति ऑनलाइन पता चल जाए तो लोग समय पर स्टेशन जाकर सीट बुक करा सकते हैं। इससे चलती ट्रेन में टीटीई की मनमानी पर लगाम लग सकती है.

बात यहीं रूक जाती कैसे? यह भी बताना पड़ा कि दिल्ली के अलावा भारत के बाक़ी रेलवे स्टेशनों पर करंट रिज़र्वेशन कैसे पता चलेगा! भारतीय रेल की इस कड़ी पर जा कर स्टेशन का नाम लिखते ही उभरे पहले से निर्धारित नाम वाले इच्छित स्टेशन को चुन कर पर क्लिक किए जाने पर उस स्टेशन पर अगले 4 घंटों में छूटने वाली, चार्ट बनने के बाद, खाली सीटों की जानकारी मिल सकती है.

अब बात आगे बढ़ी तो मित्रगण हैरान हो गए. आपकी ट्रेन किस प्लेटफार्म से रवाना हो रही है या आने वाली है, इसकी ताज़ा जानकारी भी अब रेलवे ने इंटरनेट पर देनी शुरू कर दी है.



फिलहाल यह सुविधा राजधानी दिल्ली के तीन बड़े स्टेशनों नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से गुजरने वाली रेल गाड़ियों के लिए है जिसे ज़ल्द ही अन्य स्थानों के लिए शुरू किया जा रहा है. इंटरनेट वाले मोबाइल पर भी यह सुविधा ली जा सकती है।

एक बात जो मैं उस मित्र मंडली में नहीं बता पाया वह यह है कि अब यात्रियों को ट्रेन की स्थिति की सटीक जानकारी रेल जानकारियों से भरी अनोखी वेबसाईट सरीखे ही महज एक एसएमएस से मिल सकेगी। यह सुविधा साधारण मोबाईल पर भी ली जा सकती है.

करना सिर्फ इतना है कि SMS भेजते समय ट्रेन का नंबर लिखें .जैसे कि 12004 और भेज दीजिए उसे मोबाईल नंबर 9415 139 139 पर. एकाध मिनट में ही पलट कर एस एम एस मिलेगा कि 13 मई 2012 को ट्रेन नंबर 12004 नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस टुंडला से 7 किमी पहले चल रही है। इटावा से इसकी दूरी XXX किमी है और निर्धारित समय से पांच मिनट लेट यह ट्रेन 98 .22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है।

139 की सफलता के बाद भारतीय रेल की पूछताछ सेवा की यह एक अलग सी सुविधा है. इसे सेटेलाइट इमेजिन फॉर रेल नेवीगेशन (SIMRAN) वाले महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट द्वारा वर्तमान में इलाहाबाद मंडल से संचालित राजधानी, दूरंतों और शताब्दी ट्रेनों में लागू किया जा रहा है जिसे 2013-14 के अंत तक सारे देश में फैलाया जाएगा.

बस फिर क्या था मित्रों ने इन लाभदायक जानकारियों के एवज़ में शानदार दावत कर डाली और अगली बार के लिए भी कुछ नया बताते रहने का अनुरोध किया.

आपका क्या विचार है इन जानकारियों को देखते हुए?

ट्रेन से सफर करने वालों के लिए मज़ेदार जानकारियाँ
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ट्रेन से सफर करने वालों के लिए मज़ेदार जानकारियाँ” पर 18 टिप्पणियाँ

  1. सर आपकी अदभुत जानकारियों से तो मैं पहले भी खूब लाभ उठाता रहा हूं । आपने अच्छा किया जो इसे पाठकों के लिए भी साझा कर दिया । मैं भी लिए जा रहा हूं अन्य दोस्तों के साथ साझा करने के लिए आपकी इस पोस्ट को
    टिप्पणीकर्ता अजय कुमार झा ने हाल ही में लिखा है: कोल्ड-बोल्ड ब्लॉगिंग और फ़ास्ट फ़्युरियस फ़ेसबुकMy Profile

  2. बहुत अच्छी जानकारी सर. इस पर एक बार और आपसे बात करूँगा . कुछ बाते सम्जः नहीं आई , मुझे मार्केटिंग के चक्कर में बहुत घूमना पढता है ,. ये मेरे लिए लाभदायक है .

    विजय

  3. इस जानकारीपरख आलेख के लिये बहुत बहुत शुक्रिया. किसी जमाने में रेलव्यवस्था बडी लचर थी. अब उसमें पूर्णता नहीं तो कम से कम काफी बदलावा आ चुका है.

    सस्नेह — शास्त्री

    हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
    http://www.IndianCoins.Org
    टिप्पणीकर्ता Shastri JC Philip ने हाल ही में लिखा है: बोलो तो मुसीबत, चुप रहो तो मुसीबत!!My Profile

    • Heart
      आपको पुन: सक्रिय देख प्रसन्नता हुई शास्त्री जी

  4. एक बार फिर रेल का चिट्ठा सबके लिए।
    टिप्पणीकर्ता दिनेशराय द्विवेदी ने हाल ही में लिखा है: विक्रेता के नाम नामान्तरण न होने पर भी क्या उस से मकान खरीदने का अनुबंध किया जा सकता है ?My Profile

  5. बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी दी आपने. खासकर कर्रेंट रिजेर्वेशन और तत्काल रिज़र्वेशन में जो अंतर बताया.वह बहुत ही अच्छी जानकारी है…… Approve

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