डॉ अमर कुमार की याद

Dr Amar Kumar

आज डॉ अमर कुमार का जन्मदिन था। मुझे रह-रह कर याद आ रही थी उनकी वह टिप्पणी जो उन्होंने अपने पिछलेजनमदिनवालीपोस्टपर की थी

बड्डीगॅल्तबातहै, पाबलाप्राजी !

मुझेखबरतकहुई, यहाँगुब्बारेशुब्बारेटँगगये

चुपकेसेमेराजन्मदिनमनवादियाऔरढेरोंबधाईंयाँभीगयीं !

मूडहीतोहै, अगरमैंआजपैदाहुआहोतातो ? चलिये, वहतोआपकीइज़्ज़तरखनेकोहोनाहीपड़ा

सभीमित्रोंसेअनुरोधहै, किवहपाबलासरसेअपनेअपनेहिस्सेकीमिठाईवसूलकरलें, जोमैंनें 31 अगस्तकोइन्हेंभेजदीथी, मिठाईहड़पनेकेमामलेमेंवीराँविश्वसनीयनहींहै

कबरहेहो, मेरामुर्ग़ाहुआज़वानहोवीराँतेरेलिये..

जबकिउससेपहले2009मेंउनकाकमेंटथा

दाईसेजरालँगोटीतोबँधवादेयार,

तबतोधन्यवाददेनेबाहरआऊँ !

जरामज़बूतवालाबँधवाना, ब्लागरतकआतेआतेमुईखिसकजायाकरेहै !

आपसबचिट्ठाप्रेमियोंकाअतिशयधन्यवाद

तुमहमेंजानो.. हमतुम्हेंजानें, मगरलगतायहाँआकरमेराहमदममिलगया

बड़ाभलालगरहाहै, सच्ची

डॉ सा’ब से सीधा परिचय और फोन पर पहली बातचीत शुरू हुई थी चिट्ठाचर्चा ब्लॉग पर एक फोटो को हटाने को ले कर । उन्होंने एक बार इसका ज़िक्र भी किया था

पहलापरिचयकिसीफोटोकोहटानेयालगानेकेविवादकेचलतेहुआथाऔरआजआजहालयहहैकिउनकीआवाज़सुनतेहीएकएनर्जीभरजातीहै

आज यह पंक्तियाँ याद आती है तो मेरा मन भर आता है।

पिछले बरस जब मैं दिल्ली में था तो 18 दिसम्बर की संध्या उनके मोबाईल से एक संदेश मिला

“मेरा ऑपरेशन बहुत अच्छा हो गया।

1-2 महीने बोल ना सकूँगा

बाकी सब ठीक है।”

मेरी कुछ समझ में ना आया। तुरंत ही पलट कर फोन किए जाने पर उनके सुपुत्र से बात होने पर पता चला कि कैंसर ग्रस्त जबड़े का ऑपरेशन हुआ है। लेकिन उसके बाद जब वह बात करने लायक हुए तो उनका कहा कभी समझ नहीं आने पर झल्ला जाता था और वे हंस देते थे।

दो विवादास्पद ब्लॉगों से मेरा और उनका नाम जोड़े जाने की अफवाहों पर ठेठ पंजाबी में हो रही हमारी बातचीत में ठहाके ज़्यादा होते थे बातें कम। ऐसे ही एक और मौके पर उनकी मेल-वार्तालाप में मैंने उन्हें लिख भेजा कि

अरे डॉ सा’ब इनको कोई समझाए तो

खामखवाह ही बात का बतंगड़ बनाए जा रहे

फिर यही कहेंगे कि सरदार को गुस्सा आता है पागल है

उनका ज़वाब आया

बतँगड़ … बनायें, बात बढ़े तो मैं इनकी फिरकी बनाता हूँ ।

सुगर-कोटेड पोस्ट लिख कर दँगा करवा दो..

ताकि टिप्पणी 80 से खींच खाँच कर 100 बना ले !

भुलाओं इन नामाकूलों को जो हर पोस्ट किसी नाम के सहारे पार लगाते हैं

हद है यार..

प्राजी, खैर छोड़ो इन बातों को

मई या जून में रायपुर आऊँगा तो मिल के बैठेगें तीन यार, कुक्कड़, अमर और साड्डा सरदार ।

मेरी बिटिया के लिये अच्छा मैच मिले.. तो भिलाई आना जाना लगा रहेगा

हमारे खानदान में दहेज़ नहीं चलता, न लेना.. न देना.. अब तो जाति बँधन भी टूट रहे हैं.. मैं खुद बँगालन के ज़ादू में आज से 29 वर्ष पहले गिरफ़्तार हो गया, सो उम्र-कैद भुगत रहा हूँ.. तब कायस्थ डॉक्टर लड़के का रेट 15 लाख हुआ करता था.. ठोकर मार दी । लोगॊं ने बड़ी बातें बनायी.. तू ही बोल, ज़माने के हिसाब से पागल कौन हुआ.. तू या मैं ?

मै सारी बात भूल कर बड़ा खुश हुआ कि डॉ सा’ब से रूबरू होने का एक मौक़ा मिला। लेकिन उनका आना टल गया। फिर एक बार बातचीत में उन्होंने सितंबर के दूसरे सप्ताह का समय बताया भिलाई आने का

लेकिन समय इतना निष्ठुर निकला कि उन्हें हमेशा के लिए दूसरी दुनिया में ले गया।

एक फिल्मी गीत याद आता है इस जिंदादिल यार के लिए

किसी नज़र को तेरा इंतजार आज भी है…

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डॉ अमर कुमार की याद” पर 27 टिप्पणियाँ

  1. डॉ. अमर कुमार की याद में बढिया पोस्ट। अब तो उन्हें जन्मदिन मुबारक भी तो नहीं कह सकते वर्ना उनका टेडी लकीरों वाला एक सटीक उत्तर मिलता:(

  2. बड़ी भाव-भीनी पोस्ट ,
    विन्रम श्रदांजलि!

  3. पढ़ कर मुझे भी अफसोस हो रहा है , ऐसा लग रहा है जैसे अपने कोई कहानी लिखी है .

  4. वे वाकई सबके सम्मान योग्य थे …उन्होंने जीना सिखा दिया हम लोगों को भाई जी !
    आभार आपका !

  5. तकनीक की दुनिया भी कुछ अजब सी है, निष्काम भाव से तटस्थ होकर काम करती है…

    सुबह उठकर फ़ेसबुक अकाउंट देखा, वह शान से बात रहा था "Dr. Amar Kumar has birthday today"…

    …मेरे साथ यह पहली बार हुआ था कि जिसे मैं जानता था पर ये भी जानता था कि वो अब नहीं रहा लेकिन… तकनीकि-तंत्र को इसकी जानकारी नहीं थी…अजीब सा लगा

  6. 31 अगस्त यानि डॉ अमर कुमार की जयंती…जन्मदिन की जगह जयंती कहना वाकई अजीब लग रहा है…लेकिन एक हफ्ता पहले दुनिया को अलविदा कह कर उन्होंने इसे हक़ीक़त बना दिया…डॉ अमर कुमार की याद में उनकी टिप्पणियों को संजोए पाबला जी की ये पोस्ट मर्मस्पर्शी है…

    जय हिंद…

  7. कुछ चिट्ठियाँ(Inspiring mails) ऐसे लिख कर भेंज गए हैं वो मुझे कि उन्हें भुलाया ही नहीं जा सकता ! उन्हें सँजो रहा हूँ, और उनके स्मरण से भींग रहा हूँ ।
    संवेदित प्रविष्टि ।

  8. डाक्टर साहब बहुत जल्दी साथ छोड़ गए।

  9. क्या कहें..इतनी प्रीत लगाई क्यूँ…हमेशा याद आओगे डॉक्टर!!!…..

  10. ब्लॉग जगत के एक आत्मतोषी भद्र ब्लॉगर ने अभी तक डॉ अमर की श्रद्धांजलि में एक शब्द भी नहीं कहें है -आपको पता है वे कौन हैं ?
    शायद वे अब यह कहते हुए नजर आयें मैं हूँ डान मैं हूँ डान ..डान ….डान 🙂

  11. आपकी पोस्‍ट दिल से निकली है। अमर कुमार जी को पुण्‍य स्‍मरण।

  12. आपने डा. अमर कुमार जी की यादों को बड़े सलीक़े से पिरोया है।
    हमने भी ‘ब्लॉगर्स मीट वीकली 6‘ में उनकी याद में लिखी गई कई पोस्ट्स का और उन्हें समर्पित भाई ख़ुशदीप जी के ब्लॉग का ज़िक्र किया है और उन सभी के लिंक भी दिए हैं लेकिन अंतर यह है कि यहां जो लोग आए हैं, हमारी पोस्ट पर उनसे मुख़तलिफ़ लोग आए हैं, बहरहाल आप भी पहुंचाएं उनकी यादें और हम भी बताएं उनकी बातें,
    देखिए ♥

    ‘ब्लॉगर्स मीट वीकली 6‘

  13. डॉ. अमर हमेशा 'अमर' रहेंगे, अपनी यादों के साथ… अपने लेखों में, टिप्पणियों में…

  14. @ Arvind Mishra जी

    पता है जी!

    मैं हूँ डॉन तो उन्हीं के सामने चलेगा जो उनके दीवाने हैं 🙂

  15. आप की पोस्ट ने एक बार फ़िर डा अमर जी को जीवंत कर दिया, मुझे यकीन है कि वो हम सबकी शुभकामनाएं पा कर खुश होगें और भगवान से कह रहे होगें मुझे जल्दी भेजो वापस, दोस्तों की पोस्टें मेरी टिप्पणी का इंतजार कर रहीं हैं।

  16. उनकी कितनी यादें हैं लोगों से जुड़ी हुई ये धीरे धीरे पढ़कर अब पता चल रहा है।

    डॉ. साहब को विनम्र श्रद्धांजली।

  17. ओह ! यह तो अभी पता चला कि कल डॉ साहब का जन्मदिन भी था ।
    वक्त भी बड़ा बेरहम होता है । उसके आगे किसी की नहीं चलती ।
    उन जैसा जिंदादिल इन्सान आसानी से नहीं मिलता ।

  18. अब सिर्फ़ यादें ही बची हैं, अब ऐसा खुशमिजाज इंसान कहां से आयेगा? विनम्र श्रद्धांजलि.

    रामराम.

  19. ऑंखें नम कर देनेवाली यादों की बातें।

  20. जब भी जी मेल खोलती हूँ तो उनका नाम चेट सूची में नजर आता है.
    शायद उनके सभी मित्रों की सूची में अभी भी बना ही होगा.बहुत विचित्र लगता है.
    आपने उनके विषय में व उनकी टिप्पणियों आदि के बारे में जो बताया अच्छा लगा.उनके सभी आभासी मित्र उन्हें लम्बे समय तक याद करते रहेंगे.
    घुघूती बासूती

  21. अमर जी से मुझे भी काफी आत्मीयता मिली. आपकी पोस्ट के माध्यम से उन्हें कुछ और जानने का मौका भी मिला. आभार. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि.

  22. डॉ अमर कुमार जी को विनम्र श्रद्धांजलि.

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