दीवारों पर पेंट की जा सकने वाली बैटरी!

पिछली बार जब बल्ब से भी अधिक चमकीली और धूप जैसी सफेद रोशनी देने वाले कागज़ की बात हुई तो कई व्यक्तियों ने यह जिज्ञासा प्रकट की कि इसे बिजली कहाँ से मिलेगी?

तो इसका भी जवाब हाजिर किया है अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने। जिन्होंने यह दावा किया है कि उन्होंने चांदी और कार्बन के अति सूक्ष्म पदार्थों से बनी स्याही में क़ागज़ के एक साधारण से टुकड़े को डाला जाए तो हो सकती है एक बैटरी तैयार, हल्की फुल्की बैटरी। जो ऊर्जा के भंडारण के लिए ये सफल साबित होगी।

मतलब, एक साधारण क़ाग़ज़ को आने वाले समय में एक हल्की बैटरी की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है तथा इस बैटरी का उपयोग उन उपकरणों में भी किया जा सकता है जो मुद्रित सामग्री को ईमेल, ईकिताब और ऑनलाइन न्यूज़ में बदल रही हैं।

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साधारण सा कागज बन जाएगा लम्बे समय तक चलने वाली बैटरी

वैज्ञानिक यी कुई का कहना है कि ये नैनो पदार्थ विशिष्ट हैं। ये एक आयामी चीज़ है जिसका आकार बहुत छोटा होता है। अपने छोटे व्यास की वजह से नैनो पदार्थों से बनी स्याही, रेशेदार क़ाग़ज़ से मज़बूती से चिपक जाती है और इस तरह पेपर बैटरी को टिकाऊ उपकरण बना देती है। इसे पेपर सुपर कैपेसिटर भी कहा जा रहा है।

यह क़रीब 40 हज़ार चार्ज डिस्चार्ज चक्रों तक काम करती रह सकती है, जो लिथियम बैटरी की तीव्रता का मुकाबला करने में सक्षम है। यी कुई का कहना है कि नैनो पदार्थ आदर्श सुचालक भी साबित होते हैं क्योंकि साधारण सुचालकों के मुक़ाबले वे बिजली को ज़्यादा कुशलता से संवाहित कर पाते हैं।


(इस अनोखी बैटरी की ‘उत्पादन’ प्रक्रिया देखिए, इस 2 मिनट के वीडियो में)

कागज़ का लचीलापन और भी कई उपकरणों में काम आ सकता है। यी कुई कहते हैं कि अगर वह अपनी दीवार को किसी ऊर्जा भंडारण उपकरण से पेंट करना चाहते हैं तो ब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं। सामान्य बैटरियों की तरह पेपर कैपेसिटरों में एक विद्युत आवेश रहता है लेकिन कम वक़्त के लिए। किन्तु कैपेसिटर, बैटरी के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ी से बिजली का भंडारण कर सकते हैं या उसकी ख़पत कर सकते हैं। इलेक्र्टिर या हाइब्रिड कही जाने वाली कारों में इसका इस्तेमाल हो सकता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि डिस्ट्रीब्यूशन ग्रिड में बड़े पैमाने पर बिजली के भंडारण में इस शोध से बड़ा असर पड़ सकता है। मिसाल के लिए रात में अत्यधिक बिजली उत्पादन को दिन के भारी खपत वाले समय में इस्तेमाल के लिए बचाया जा सकता है। सौर ऊर्जा प्रणालियों और पवनचक्कियों में भी इस नई भंडारण तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बर्कले स्थित कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी में रसायन-शास्त्र के प्रोफेसर फीतोंग यांग कहते हैं कि इस तकनीक का कम समय में व्यवसायिक उत्पादन कर सकने की संभावना है। बिजली उपकरणों में भी ये एक कम खर्चीले, टिकाऊ और लचीले स्रोत की तरह काम आ सकता है।

हो सकता है अगले दो-चार वर्षों में दीपावली पर हमारे घरों के डिस्टेंपर का अंदाज़ बदला हुआ नज़र आए! नहीं?

दीवारों पर पेंट की जा सकने वाली बैटरी!
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दीवारों पर पेंट की जा सकने वाली बैटरी!” पर 6 टिप्पणियाँ

  1. you give good information, recently i heard about cloths that will generate electricity, now paper will be used to store it.

    hope this technology will available very soon.

  2. पर्यावरण की दृष्टि से तो यह सर्वोत्तम होगा।

  3. पाबला जी, बडी गजब की पोस्ट।
    बहुत अच्छी जानकारी और शोध….

  4. क्या शानदार जानकारी दी है , मैं तो चौक ही गया

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