दुनिया का सबसे छोटा ट्रांजिस्टर बनाया गया

वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे छोटा ट्रांजिस्टर तैयार किया है। इसका आकार एक अणु से थोड़ा बड़ा ही है। यह ट्रांजिस्टर 10 नैनोमीटर से भी छोटे हो सकते हैं, जबकि सिलिकन आधारित तकनीक में यह मुमकिन नहीं है। हालांकि, जिम मानते हैं कि ग्राफेन से बने सर्किट बनने में 2025 तक का समय लग सकता है।



इस क्रांतिकारी ईजाद से अगली पीढ़ी के कंप्यूटरों के लिए आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। अनुमान है कि अगली पीढ़ी के कंप्यूटरों में, सिलिकन से बनी Microchip को हटाया जा सकता है। इस नैनो-ट्रांजिस्टर को डॉ. लिनिड पोनोमैरेन्को ने संभव बनाया है। मैनचेस्टर की शोध टीम ने पिछले साल ऐलान किया था कि उन्होंने एक ऐसा ट्रांजिस्टर बनाया है, जो 50 परमाणुयों से मिलकर बना है। अब उन्होंने इसे सिर्फ 10 परमाणुयों तक सीमित कर दिया है। यह पहली तरह का इलेक्ट्रॉनिक नैनो-कंपोनेंट है। गौरतलब है कि एक नैनोमीटर, मीटर का एक अरबवां हिस्सा होता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के प्रोफ़ेसर आंद्र जिम ने, इस ट्रांजिस्टर में, दुनिया के सबसे पतले पदार्थ ‘ग्राफेन’ का इस्तेमाल किया है। जिम को भरोसा है कि दुनिया का सबसे छोटा ट्रांजिस्टर द्रुतगामी कंप्यूटर चिप्स के विकास में मददगार होगा। ग्राफेन एक खास तरह का पदार्थ होता है, जिसमें इलेक्ट्रिक धारा साधारण इलेक्ट्रानों से नहीं, बल्कि ‘चार्ज पार्टिकलों’ से ले जाया जाता है। ग्राफेन से ही किसी भी मौजूदा तकनीक से अधिक तेजी वाला ‘बलिस्टिक’ ट्रांजिस्टर बनाया जाना संभव हुआ है।

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