नंबर डायल करते ही होगी आपकी पहचान, आपके खानदान की पहचान

अगले चार साल बाद हिंदुस्तान में पहचान के लिए हर मानव का का एक नंबर होगा। नंबर ‘डायल’ करते ही नाम से लेकर खानदान तक का पूरा ब्यौरा सामने होगा। चाहे वह आईआईएम, आईआईटी या एम्स के पेशेवर हों या फिर रोजाना कमाने वाले मजदूर। सबका एक राष्ट्रीय नंबर होगा और एक पहचान पत्र, जिसमें उस शख्स के बारे में पूरी जानकारी होगी।

बहुउद्देश्यीय राष्ट्रीय पहचान पत्र का पायलट प्रोजेक्ट मार्च में ही पूरा कर लिया गया है। अब सोचा जा रहा है कि 2011 में होने वाली जनगणना के साथ ही इस योजना को जोड़ दिया जाए। वैसे गृह मंत्रालय ने समय व धन बचाने की दृष्टि से जनगणना के साथ ही पहचान पत्र बनाने का काम पूरा करने का सुझाव दिया है।

पहचान पत्र में जन्म से लेकर व्यक्ति का फोटो और विवरण तो होगा ही, साथ में उसकी अंगुलियों के निशान भी होंगे और उसे एक राष्ट्रीय नंबर आवंटित किया जाएगा। नागरिकों का पूरा ब्यौरा तैयार करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी विकसित करने पर काम चल रहा है। आईटी पेशेवर एक ऐसी तकनीक विकसित करने में जुटे हैं, जिसमें बहुभाषीय देश की जरूरतें पूरी हो सकें। इसके समांतर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी अनूठी पहचान योजना शुरू की है। गृह मंत्रालय इसे भी अपने लक्ष्य के साथ जोड़ने की कोशिश में है।

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एक टिप्पणी on “नंबर डायल करते ही होगी आपकी पहचान, आपके खानदान की पहचान

  1. अगर यह काम हो जाए तो बहुत बडी उपलब्धि होगी।

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