नकली पंजाब नेशनल बैंक ने यूज़र आई डी पासवर्ड जानने के लिए फेंका चारा: फंसने से मैं कैसे बचा?

कल जब मैंने अपना ईमेल खाता लॉगिन किया तो पंजाब नेशनल बैंक से आई एक ईमेल दिखी। किन्हीं मुद्दों पर पिछले वर्ष दो तीन संदेश मैंने पंजाब नेशनल बैंक की वेबसाईट से, उसके निर्धारित ऑनलाईन फॉर्म से भेजे थे। मेरा एक खाता इस बैंक में भी है। इस ताज़ी ईमेल में बैंक द्वारा जारी मास्टर कार्ड पर 3200 रूपए की टैक्स वापसी हेतु निर्धारित लिंक पर क्लिक कर दावा करने को कहा गया था।

(झांसे वाली ई-मेल का चित्र, क्लिक कर बड़ा किया जा सकता है)
ईमेल देखते ही मुझे किसी खतरे का आभास हुया। कम्प्यूटर पर मेरे सुरक्षा सैनिक हमेशा चौकन्ने रहते हैं इसलिए बेखौफ़ उस मेल में दी गई लिंक को क्लिक कर बैठा। फिर क्या था सभी ऊँघते सैनिक अपने अपने हथियार ले मोर्चे पर डट गए। दो सैनिकों ने मुझे सावधान भी किया कि आगे न बढ़ें। लाचार हो कर हमने दूर से ही उस लिंक से खुली वेबसाईट को देखना शुरू किया। कमबख्त हूबहू वैसी ही दिख रही थी, जैसी असली वाली दिखती है

(नकली वेबसाईट का चित्र, क्लिक कर बड़ा किया जा सकता है)

साफ नज़र आ रहा था कि किसी ने चारा फेंका है बैंक की यूज़र आईडी और पासवर्ड जानने के लिए। आज यूँ ही बैठे बैठे जब जी-मेल का स्पैम फोल्डर देखना शुरू किया तो पता चला कि ‘पंजाब नेशनल बैंक’ की बहुत सारी ‘ईमेल’ आई हुई हैं ललचाते हुए सभी में यूज़र आईडी व पासवर्ड भरने को कहा जा रहा।

चित्र 1 में ईमेल प्रत्त्युत्तर के लिए जिस डोमेन की ईमेल आई डी दी गई है वह .fr की है मतलब फ्रांस की (A) तथा फॉर्म वाला डोमेन .eu महसूस होता है यूरोप का (B)! जबकि बैंक है भारत का, .in का
चित्र 2 में यूज़र आई डी हेतु जो वेब पता दिया गया है http:// (C) जबकि ऐसे मामलों में होना चहिए https:// (D) जैसा कि चित्र 3 में है।

इसके अलावा एक ताले का चिन्ह (E) भी होना चाहिए आर्थिक लेन-देन वाली विश्वस्त वेबसाईट में, जैसा चित्र 3 में हैं।

(असली वेबसाईट का चित्र, क्लिक कर बड़ा किया जा सकता है)

पंगा लेने के लिए जब मैंने उस नकली वाली वेबसाईट में अपनी यूज़र आईडी डालनी चाही तो मेरे सैनिक ने माऊस हिलाने से ही मना कर दिया।

मेरे पास और कोई चारा नहीं था कम्प्यूटर को रिबूट करने के अलावा।

देखिएगा कहीं आप भी इस phishing नामधारी चारे के लालच में न आ जाएँ।

फीशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी की एक तकनीक है जिसका उपयोग अपराधी आपको ललचाने के लिए करते हैं ताकि आप अपनी व्यक्तिगत जानकारी उन्हें दे दें। यह, फ़िशिंग, आपके धन और व्यक्तिगत जानकारी की चोरी का सबसे तेज़ी से बढ़ता ऑनलाइन तरीका है।

फ़िशर आपको लुभाने के कई ‍विभिन्न तरीके अपनात

लेख का मूल्यांकन करें

21 comments

  • Vivek Rastogi says:

    ऐसे कई नकली ईमेल आते रहते हैं। सभी को सावधान रहने की जरुरत है।

  • गिरिजेश राव says:

    चेताने के लिए धन्यवाद

  • HARI SHARMA says:

    वहुत ही उपयोगी जानकारी है आभार.

  • Ashvin Bhatt says:

    आप बच गए, आपको बधाई..!!!
    हमें चेताने के लिए शुक्रिया….!!

  • ज्ञान says:

    क्या कोई ज्ञानी बता सकता है कि चिट्ठाचर्चा पर की इस टिप्पणी में ऐसा क्या था जो इसे रोक रखा गया है?
    http://murakhkagyan.blogspot.com/2010/01/blog-post.html

  • अविनाश वाचस्पति says:

    मेरे भी 3200 रुपये वे वापिस भेजना चाहते हैं
    जो मैंने दिये ही नहीं
    इन्‍हें दानी क्‍यों कर वे हुए हैं ?

  • डॉ टी एस दराल says:

    बहुत सावधान करने वाली जानकारी। आभार।

  • राज भाटिय़ा says:

    पाबला साहब बेंक वाले , या कोई भी संस्था आप से कभी भी आप का आई डी ना० ओर पास्पोर्ट ना० मेल से नही मंगवायेगी, याद रखे, यह सब फ़िसिंग मेल होती है, ओर इन्हे सीधे डिलिट कर देना ही उचित होता है, चलिये आप की इस जानकारी से बहुत से लोगो का भला होगा.
    इस अति सुंदर जान्कारी के लिये आप का धन्यवाद

  • अजय कुमार झा says:

    सर क्या ये मेल उनको भी आ सकती है जिनके बैंक अकाऊंट में ,उन्नीस सौ पिचहत्तर रुपए हों ….क्या कहा हां …ओह फ़िर तो वाकई मेरे लिए भी चिंता की बात है …अच्छा क्या उसे भी जिसने दो महीने से अपने नेट वाले को बिल न दिया हो …क्या उसे भी आ सकती है …..ओह चलिए बांकी कल पूछता हूं .??
    अजय कुमार झा

  • अजय कुमार झा says:

    सर क्या ये मेल उनको भी आ सकती है जिनके बैंक अकाऊंट में ,उन्नीस सौ पिचहत्तर रुपए हों ….क्या कहा हां …ओह फ़िर तो वाकई मेरे लिए भी चिंता की बात है …अच्छा क्या उसे भी जिसने दो महीने से अपने नेट वाले को बिल न दिया हो …क्या उसे भी आ सकती है …..ओह चलिए बांकी कल पूछता हूं .??
    अजय कुमार झा

  • डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक says:

    सचेत करने के लिए धन्यवाद!

  • ललित शर्मा says:

    पावला जी-चेताने के लिए शुक्रिया। ऐसे मेल तो मै बिना पढे ही डिलिट कर देता हुँ। अगर बैंक वालों को गरज है तो डाक से चिट्ठी पत्री भे्जेंगे। आभार

  • Suresh Chiplunkar says:

    आपके पास तो "सैनिकों" की फ़ौज है रक्षा के लिये, अधिकतर लोगों के पास सैनिक तो क्या हथियार भी नहीं हैं… वे लोग क्या करें… 🙂

  • जी.के. अवधिया says:

    बहुत ही काम की जानकारी दी है आपने पाबला जी!

  • अन्तर सोहिल says:

    बहुत जनोपयोगी जानकारी देने के लिये धन्यवाद
    सही कहा जी आपने सावधानी में ही बचाव है।
    जरा सी असावधानी, जिन्दगी भर परेशानी
    कुछ जांबाज सैनिकों के नाम भी बताइयेगा, ताकि हम भी सुरक्षित रह सकें
    अभी तो हम हथियार भी नही रखते और रोज ऐसी ही ईमेल आती रहती हैं, पर हम बाहर से ही फिनीट या बेगान स्प्रे डाल देते हैं
    अभी तक तो बचे हुए हैं जी, आपसे और उपाय भी जानना चाहते हैं।

    प्रणाम स्वीकार करें

  • डॉ महेश सिन्हा says:

    बैंक आजकल ऑनलाइन और मोबाइल बैंकिंग को प्रोत्साहित कर रहे हैं . लेकिन ज्यादातर ग्राहकों को सुरक्षात्मक उपाय नहीं मालूम इस लिए धोखाधड़ी होती है .
    इंटरनेट के क्रिमिनल बड़े शातिर हैं . ये वाइरस, स्पैम, malware इत्यादि तो भेजते ही हैं .
    ये आपके की स्ट्रोक से आपकी id , पासवर्ड चुरा सकते हैं .कुछ बैंको ने virtual कीबोर्ड निकाला तो इसकी भी तोड़ निकाल ली इनने .

  • महेन्द्र मिश्र says:

    चेताने के लिए शुक्रिया…

  • शरद कोकास says:

    आपके सैनिको का धन्यवाद ..वैसे भी आप हमारे सेनाध्यक्ष है हम लोगो को इसी तर्ह जानकारी देते रहिये ।

  • anitakumar says:

    हमारे पास भी ऐसी मेल आयी थी
    हम हैरान थे
    मेरा कोई ऐकाउंट नही उस बैंक में
    इस लिए वैबसाइट खोले बिना ही डिलीट कर दिया था
    अब पता लग रहा है कि बच गये

  • निर्मला कपिला says:

    paavalaa jee dhanyavaad aapane saavadhaan kar diyaa

  • चन्द्र कुमार सोनी says:

    thanks for alerting.
    aapka blog achchha lagaa isliye haatho haath join bhi kar liya hain.
    thanks.
    http://www.chanderksoni.blogspot.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ
[+] Zaazu Emoticons Zaazu.com