पाबला, गूगल – ज्ञान का संयुक्त प्रयास: हिंदी ब्लॉगिंग वाले चंद धूर्तों के संदर्भ में

हमारे परिवार में दीपावली लगभग पारम्परिक तरीके से ही मनाई जाती है। देर शाम गुरूद्वारे जा कर रोशनी किए जाने की परम्परा भी पारिवारिक सदस्य निभाते आए हैं। लेकिन इस बार सब-कुछ गड़बड़ा गया। हमारी माता जी पिछले दो सप्ताह से अस्पताल में दाखिल हैं। विभिन्न उपकरणों के सहारे साँसों को जारी रखते हुए उनके स्वास्थ्य में क्रमश: सुधार आ रहा है। इसी सिलसिले में दीपावली की शाम जब घर के सभी सद्स्य उनके साथ कुछ समय बिता कर घर लौटे तो मैं भी अनमना सा बिस्तर पर सुस्ताने लगा। कुछ देर में ही मोबाईल में हलचल हुई। एक ब्लॉगर साथी दीपावली की शुभकामनाएँ देते देते पूछ बैठे कि कहाँ हैं आप? दोपहर से एक ईमेल आपको फॉरवर्ड की है। आपकी कोई प्रतिक्रिया ही नहीं मिलीघंटो हो गए।

मैंने उन्हे बताया कि सुबह के बाद से मैं घर पर नहीं हूँ। ईमेल देखने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा अब देख लो। मैंने जब कहा कि आराम से देखूँगा तो जो कुछ उन्होंने बताया उसे सुनते ही कूद-फांद कर हम जा पहुँचे कभी बंद न होने वाले अपने डेस्कटॉप के सामने। ढ़ेरों ईमेल्स के बीच उनकी ईमेल तलाशी तो दिखा कि उन्हें एक ईमेल आईडी से किसी खास पोस्ट पर पहुँचने को कहा गया है। वह ईमेल आईडी थी mgyan,bspabla <mgyan@gmail.com> और संदेश था see our joint effort… Blog: मैं मूरख, तुम ज्ञानी … Post: हिंदी ब्लोगिंग में जनमदिन और प्रोफाईल की रचना हटाने के बेमतलब हन्गामे का सच … Link: http://murakhkagyan.blogspot.com/2009/10/blog-post_13.html!! नीचे सिग्नेचर में था Powered by Blogger http://www.blogger.com/। एक नज़र में ही समझ आ गया कि हिंदी ब्लॉगजगत में पिछले दिनों हुए कुछ विवादों के सिलसिले में मेरा नाम परोक्ष रूप से जोड़े जाने की कोशिशों का यह एक और प्रयास है। हमने उस ब्लॉगर साथी को धन्यवाद दिया और कंधे उचकाते हुए हुए जा पहुँचे भोजन की टेबल पर। बात आई गई हो गई।

रविवार की सुबह जब डेज़ी के पसंदीदा खाद्य पदार्थ के लिए पास ही के बाज़ार में था तो एक ब्लॉगर साथी ने फुरसत पा कर फोन किया। औपचारिक संदेशों के आदान प्रदान के बाद उन्होंने भी उसी ईमेल का संदेश सहित जिक्र किया। मैंने बात हंसी में उड़ा दी। लेकिन जब उन्होंने बताया कि कुछ पूछने के लिए उस ईमेल आईडी पर की गई मेल वापस आ रही है तो मेरे कान खड़े हुए। वह ईमेल आईडी जब दिमाग में उभरी तो सारा खेल समझ में आ गया।उसी क्षण मैंने गूगल द्वारा वापस आई ईमेल को फॉरवर्ड करने की गुजारिश उनसे की और पिछली शाम को मिले ईमेल वाले ब्लॉगर से सम्पर्क कर निवेदन किया कि वे मुझे मूल ईमेल का हैडर भेज दें। घर पहुँचते पहुँचते दोनों ईमेल मेरे इनबॉक्स में आ चुकी थीं।

पहला काम तो मैंने यह किया कि मेल में दी जा रही पोस्ट पर अपना पक्ष रख आया। इस कोशिश में वहाँ नज़र पड़ी तो अहसास हुया कि ऐसी मेल अन्य कई जगह भेजी गई होगी। वहीं SAIL Bhilai के शब्द लिखी एक टिप्पणी पर नज़र पड़ी तो पूरी टिप्पणी पढ़ कर हंसी फूट पड़ी। सोचा उन महाशय को ईमेल भेज कर उनकी गलती बता दूँ तो पाया कि उस प्रोफाईल की रचना करने वाले ने किसी ईमेल को स्थान ही नहीं दिया है, वरना उस मूर्ख से ज़रूर पूछता कि यार, सर्वर बता रहे हो झारखण्ड वालों का और स्पष्टीकरण मांग रहे हो भिलाई वालों से!! मैं जानता नहीं था कि आज के परिवेश में किसी कार्पोरेट कम्युनिकेशन से संबंधित व्यक्ति इतना बेवकूफ होगा।

खैर, अपना पक्ष रख कर जब मैंने फिर अपना ईमेल इनबॉक्स देखा तो साफ पता चल गया कि mgyan,bspabla <mgyan@gmail.com> का अस्तित्व न तो है और न ही गूगल की नीतियों के अंतर्गत हो सकता है। क्योंकि गूगल अपने ईमेल के उपयोगकर्ता के नाम हेतु न्यूनतम 6 अक्षर का नियम रखता है और mgyan में मात्र 5 अक्षर हैं। जब इस नाम का कोई उपयोगकर्ता हो ही नहीं सकतातो इसे भेजी गई ईमेल का वापस होना अवश्यम्भावी है। कोई चाहे तो mgyan या कोई भी 5 अक्षरों वाले उपयोगकर्ता से जीमेल का खाता बनाने की कोशिश कर के देख ले।

अब हमारे एक वृद्ध मित्र को यह जानकारी हुई तो तुनकते हुए बोल पड़े कि जब ऐसी कोई यूज़र आईडी है ही नहीं तो मेल कैसे भेजी जा सकती है? तब हमने उन्हे दिखाया कि किस तरह एक मामूली सी युक्ति से कैसी भी सच्ची-झूठी ईमेल आईडी से किसी को भी वास्तविक सी लगती ई-मेल भेजी जा सकती है। उन्होंने भी संतुष्ट होने के भाव से नाईजीरिया 419 धोखाधड़ी याद करते हुए कहा कि ऐसी ईमेल के झांसे में आ कर तो लोग अपनी जमीन, जायदाद, धन लुटा बैठते हैं। यहाँ तो इस ईमेल के झांसे में ठगे गए लोग सिर्फ आपको कोस भर रहे होंगे।

फिर हमने देखा उस ईमेल का हैडर। हैडर से इतनी तकनीकी जानकारियाँ मिल गईं कि यदि वह मेल मुझे सीधी भेजी गई होती तो अब तक मैं शायद यहाँ साईबर क्राईम के अंतर्गत की गई रिपोर्ट की फोटोकॉपी लगा रहा होता। जो भी जानकारियाँ मिलीं, उससे सम्बंधित ब्लॉगर के बारे में मेरी आशंका सच निकली। उनकी पुरानी मेल के हैडर से तो पूरी पुष्टि हो गई। फिलहाल तो इस मामले में आगे कुछ नहीं कहूँगा क्योंकि मैं सिर्फ मुस्कुरा रहा हूँ इन बचकाना हरकतों पर। लेकिन जिस दिन मुस्कुरा नहीं सका उस दिन …

इस बार तो हिंदी ब्लॉगिंग के चंद विध्वंसक धूर्तों का यह मामला मेरे व गूगल ज्ञान के संयुक्त प्रयास से संभल गया है किन्तु इस पोस्ट के बहाने आपसे एक बात तो कर सकता हूँ कि मेरी पहचान का आभास देता ऐसा कोई भी मामला आपके पास आता है तो उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने के पहले उसकी प्रमाणिकता के बारे में मुझसे सम्पर्क कर लें। वैसे जिस प्रकार इस भेजी गई ईमेल की रचना की गई है उससे लगता है कि संबंधित व्यक्ति की रूचि सिर्फ अंग्रेज़ी लिखने में है, हिंदी लिखने में नहीं। हो सकता है हिंदी ब्लॉगिंग से उन्हें लगाव न हो।

फिलहाल इतना ही।

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पाबला, गूगल – ज्ञान का संयुक्त प्रयास: हिंदी ब्लॉगिंग वाले चंद धूर्तों के संदर्भ में” पर 38 टिप्पणियाँ

  1. आप की, आप के गूगल ज्ञान की जय हो!

  2. Pabla ji…..saadar namaskar…..

    apki mataji ke jald swasthya laabh ke liye main praarthna karta hoon……..

  3. बाकी सब कुछ तो चलता रहेगा .. आपकी माताजी जल्‍द ठीक हो जाएं .. ईश्‍वर से प्रार्थना करती हूं !!

  4. पावला जी हमारे जैसा गंवैईहा आदमी फ़ंस जाये तो हम तो इतना दिमाग लगा ही नही पाते, वो तो अच्छा है कि आप पास हो, नही तो वाट……..
    माता जी भगवान जल्दी ठीक करे इसी कामना के साथ सत श्री अकाल आप सभी को।

  5. माता जी के शीघ्र स्वास्थय लाभ की कामना!!

  6. अच्छा तो ई-मेलों में यह सब भी होता है —आप तो टैक्नीकली साउंड हो, वरना तो कुछ भी पता ही न चले। दिनेशराय जी ने आप के लिये बिलकुल सही उदघोष लगाया है —आप के गूगल ज्ञान की जय हो।

    और हां, पाबला जी, डियर माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये कोटि कोटि शुभकामनाएं और हम सब सतगुरू सच्चे पातशाह से अरदास कर रहे हैं कि जल्दी से बीजी घर आ जायें और फिर आप सब प्रभात-फेरीयों में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें और दीवाली फिर से मनायें -…
    All the very very best for your dear mother.

  7. आपके ईमेलीय ग्यान को नमन. माताजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

  8. पाबला जी,

    सबसे पहले तो वाहे गुरु जी से माताजी के शीघ्र स्वस्थ होकर घर लौटने की अरदास…

    दूसरी ई-मेल वाली बात तो अगर कोई दाई से ही पेट छिपाने की कोशिश करे तो उसकी बुद्धि पर सिर्फ तरस ही खाया जा सकता है…

    जय हिंद…

  9. ईश्वर आपकी माता जी को स्वास्थ्यलाभ प्रदान करें।

    पाबला जी, आपने रामचरितमानस में दुष्टवन्दना तो पढ़ा ही होगा। इससे अधिक मैं और क्या लिखूँ!

  10. मेल मुझे भी मिली थी ..पर मैंने सोंचा आप इतनी बड़ी मुर्खता तो करेंगे नही की पहले किसी को अपमानित करने के लिए ब्लॉग बनायें फिर सबको उसका लिंक भेजें वह भी अपना नाम उसमे जोड़ कर 🙂
    साधारण सी बात थी इसलिए मैंने इग्नोर कर दिया.
    माता जी के स्वास्थय लाभ की कामना.

  11. बाकी सब ठिक है,माताजी ज़ल्द स्वस्थ हो ईश्वर से यही प्रार्थना है।

  12. आदरणीया माता जी के स्वास्थ्य लाभ की
    कामना करता हूँ!
    आपने पोस्ट सार्थक लगाई है।
    बात समझ में आ गई है।

  13. माताजी के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रभु से प्रार्थना

  14. माता जी के शीघ्र स्वास्थय लाभ की कामना !!
    आपके ईमेलीय ग्यान को नमन!

  15. ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि माता जी शीघ्र स्वास्थय लाभ प्राप्त करें…..

    बाकी यहाँ रहकर इतना कुछ देख चुके हैं कि अब ऎसे वाकयों पर तनिक भी हैरानी नहीं होती ।

  16. मेरे भेजें में तो कुछ नहीं पाबला जी ! क्या है यह सब !

  17. mataji ke zaldi swasth labhi ki kaamna ke sath…

    …aapki computer gyan ki daad deta hoon !!
    🙂

  18. पाबला जी सब से पहले तो मां जी की तबीयत के लिये वाहे गुरु के आगे अरदास करता हुं की मा जी को जल्द आराम मिले.
    बाकी आप खुद समझ दार है, इस लिये इन बातो से दुर रहे, लेकिन सचेत भी रहे….
    धन्यवाद

  19. सबसे पहले तो माताश्री खै स्वास्थ्य के लिये कामना और प्रार्थना करता हूँ.

    दूसरी बात:

    "इस बार तो हिंदी ब्लॉगिंग के चंद विध्वंसक धूर्तों का यह मामला मेरे व गूगल ज्ञान के संयुक्त प्रयास से संभल गया है"

    "चंद" भी कुछ अधिक नहीं, सिर्फ चार या पांच हैं को कपडे उतार कर बैठे हुए हैं.

    आपके साथ जो कांड हुआ है उसके सूत्राधार और साथी कौन हैं इसे जानकार चिट्ठाकार अच्छी तरह से जानते हैं.

    तकनीकी जानकारी के लिये आभार!!

    सस्नेह — शास्त्री

    हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
    http://www.Sarathi.info

  20. आप की माता जी के शिघ्र स्वासथ्य लाभ की कामना करता हूँ ।
    यह नयी जानकारी मिली, जी मेल का उपयोगकर्ता का नाम छह,अक्शर से कम नहीं हो सकता,धन्यवाद पावला जी,में भी सतर्क रहुगाँ ।

  21. ब्लोगर्स में ऐसे कई सांप छुपे हुए हैं, जो डसने को तैयार रहते हैं. इनको नज़रंदाज़ करना पड़ेगा.
    माताजी शीघ्र स्वस्थ हों, ऐसी इश्वर से प्रार्थना करते हैं.

  22. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  23. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  24. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  25. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  26. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  27. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  28. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  29. माता जी के स्वास्थ्य़ लाभ के लिये शुभकामनाएं !!!

  30. सर मैं सोच रहा हूं कि यदि थोडे से और लोग आपकी तरह तकनीक से लैस हो जाएं तो ये लोग हैं क्या चीज ..वैसे सर इन्हें समय समय पर डोज़ मिलते रहना चाहिये..और मिल भी रहा है…हां अगली बार सिर्फ़ मुस्कुरा कर मत रहियेगा…हम रहने नहीं देंगे।

    माता जी के लिये शुभकामना और प्रार्थना…

  31. मातजी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं. आपका इमेल प्रकरण हमारे तो सर के ऊपर से होकर निकल लिया.:)

    रामराम.

  32. "इस बार तो हिंदी ब्लॉगिंग के चंद विध्वंसक धूर्तों का यह मामला मेरे व गूगल ज्ञान के संयुक्त प्रयास से संभल गया है ।" पाबला जी इस गूगल ज्ञान के साथ संयुक्त प्रयास हमेशा बनाये रखे और आवश्यकता होने पर अन्य साथियों की भी मदद करें यह कामना । माताजी के शीघ्र स्वास्थ्यलाभ के लिये दुआयें ।

  33. हिंदी वालो की यही समस्या हैं , अब जिस
    पोस्ट का लिंक आप दे रहे वहाँ साफ़ लिखा
    गया हैं की रचना डिजाईन का प्रोफाइल
    सैल मे काम करने वाले ने लिंकेदीन पर और
    दूसरी जगहों पर कुछ ही मिनट के
    अन्तराल पर देखा हैं और फिर जिस
    सर्वर को वहाँ दिया गया हैं उस सर्वर से
    वो पोस्ट आयी हैं . सब को इतना बेवकूफ
    ना समझे और आप का कौन गूगल मे
    काम करता हैं ये भी बता दे ताकि ब्लॉग
    जगत होशियार हो जाए आप से क्युकी
    दो पुलिस वाले और दो वकील से
    दोस्ती कर लो फिर क्या हैं एश ही एश
    हाँ आज कल पोस्ट कम आ रही हैं
    आपकी…:)

  34. ईमेल प्रकरण पर नैतिक समर्थन तथा माता जी के स्वास्थ्य लाभ की कामनायों हेतु आप सभी का धन्यवाद।

  35. yeh post ka link toh humein bhi aayaa tha lekin apani vyastata ke kaaran humnein khol kar nahi dekha, ab aap ki post se pataa chal rahaa hai ki yeh toh farzi tha.
    Asha hai mata ji ab ghar aa gayi hongi

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