फेसबुक उपयोग करने वालों के खाते में सेंध: पूरी दुनिया में निजी जानकारियां कुछ डॉलर्स में उपलब्ध

कल, 5 मई को मशहूर सोशल नेटवर्किंग साइट, फेसबुक में बड़ी खामी सामने आई है। जिसके चलते फेसबुक पर 5 मई दोपहर बाद चैटिंग बंद कर दी गई। चैटिंग बॉक्स में जाने के लिए बने क्लिक प्वाइंट पर सूचना आने लगी कि कुछ चीज़ों को दुरुस्त किया जा रहा है। लोगों ने इसे हल्के में लिया लेकिन रात होते होते पता चला कि फेसबुक उपयोगकर्ताओं के अकाउंट में सेंध लग सकती है, चैटिंग और फ्रेंड रिक्वेस्ट जैसी निजी जानकारियां भी लीक हो सकती है। हालांकि फेसबुक ने कहा, इंजीनियरों ने कमी दूर कर दी है.

जांच में पता चला कि फेसबुक में लोग कुछ मामूली बदलाव करके अपने दोस्तों पर नज़र रख सकते हैं। वह जान सकते हैं कि आप किससे चैटिंग कर रहे हैं और इसमें क्या क्या बातें हो रही है। इसके अलावा मित्रता निवेदन को लेकर भी वह आप पर नज़र रख सकते हैं। पता कर सकते हैं कि किस निवेदन की क्या स्थिति है.

यह कमियां पता चलते ही फेसबुक चलाने वालों में हड़कंप मच गया। तुरंत चैट सेवा बंद कर दी गई। बयान जारी किया गया कि कुछ ही देर में चैट संदेश और लंबित मित्रता निवेदन को बहाल कर दिया जाएगा.

अब फेसबुक का दावा है कि इंजीनियरों ने अब इन कमियों को दूर कर दिया है। फेसबुक प्रवक्ता ने कहा, ”एक बार कमी का पता लगते ही हम तुरंत उसे दूर करने में जुट गए। हल आसानी से मिल गया और उसे लागू भी कर दिया गया है.”

दुनिया भर में 40 करोड़ से ज़्यादा लोग फेसबुक इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेट विशेषज्ञों का कहना है कि कई युवा फेसबुक पर अपनी बेहद निजी जानकारियां और तस्वीरें भी रखते हैं। औसतन 23 फ़ीसदी उपयोगकर्ता अब भी सुरक्षा संबंधी उपायों को इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं।



(फेसबुक पर यह गड़बड़ कैसे की गई, इसका एक वीडियो)
वेबसाइट ‘द सन डॉट को डॉट यूके’ के मुताबिक इंटरनेट सुरक्षा कंपनी ‘वेरीसाइन आईडिफेंस लैब्स’ के शोधकर्ताओं ने कहा कि एक हैकर किरलॉस ने फेसबुक अकाउंटों के लॉग इन के बारे में जानकारी एक रूसी वेबसाइट ‘करडर डॉट सु’ पर पेस्ट किया है। इस रिपोर्ट को फेसबुक ने हालांकि खारिज कर दिया है।

फेसबुक के प्रवक्ता बैरी स्नित ने बताया कि कंपनी ने अपनी जांच के दौरान ‘किरलॉस’ से अकाउंटों को खरीदने की कोशिश की लेकिन किरलॉस हमारे खरीददारों को कुछ भी नहीं उपलब्ध करा सका। आईडिफेंस ने कहा कि अकाउंटों की बिक्री के लिए 25 डॉलर से एक हजार डॉलर तक की पेशकश की गई थी।

रिपोर्ट में आईडिफेंस के निदेशक रिक हार्वर्ड के हवाले से कहा गया है कि इस मामले से पता चलता है कि किस तरह से पूर्वी यूरोप से अमेरिका तक सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के अकाउंटों की खरीद-बिक्री जारी है।
इससे पहले कि आगे कुछ और बताया जाए, आप बताईए कि इस ब्लॉग पर, फेसबुक की प्राईव
ेसी सेटिंग्स की 10 आवश्यक बातें जानना चाह्ते हैं या नहीं?
फेसबुक उपयोग करने वालों के खाते में सेंध: पूरी दुनिया में निजी जानकारियां कुछ डॉलर्स में उपलब्ध
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5 comments

  • RAJ SINH says:

    जरूर पाबला जी !

  • रोमेंद्र सागर says:

    नेकी और पूछ पूछ ?? आप भी ना पाबला जी ….

  • रोमेंद्र सागर says:

    नेकी और पूछ पूछ ?? आप भी ना पाबला जी ….

  • डॉ महेश सिन्हा says:

    गुरुजी लोग सवाल बहुत पूछते हैं 🙂

  • शिवम् मिश्रा says:

    अरे जल्दी से बता भी दीजिये, पाबला जी !!

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