बी एस एन एल की वेबसाईट हैक कर हजारों का डाटा उड़ा लिया हैकरों ने

मुझसे कई लोग पूछते हैं कि आखिर हमारी ई-मेल आई डी, मोबाईल नम्बर कैसे मिल जाते हैं एजेंसियों को? जब मैं कहता हूँ कि यह तो कौड़ियों के मोल मौजूद हैं नेट पर! तो हैरानगी भरी निगाहों का सामना करना पड़ता है मुझे। जब हैकिंग के सहारे हासिल की गई जानकारियों को इसका आधार बताता हूँ तो सिरे से नकाराते वे चलते बनते हैं


इस बार फिर ऐसा कुछ हुया है। इस बार बी एस एन एल की वेबसाईट पर डाका डाल हैकिंग कर करीब 10, 000 लोगों की ई मेल आई डी, फोन नम्बर, घर का पूरा पता हासिल कर लिया गया है।


अभी कुछ देर पहले मैं मोबाईल से स्कायप के सहारे अपने सहयोगी से बंगाल में बात कर रहा था तभी यह खबर सामने कंप्यूटर पर आ टपकी। जब सहयोगी को यह खब़र बताई तो उनकी त्वरित टिप्पणी थी कि अब इसी डाटा के सहारे पैन कार्ड, सिम कार्ड, बैंक खाते बना लेंगे विध्वंसकारी और बेचारा मारा जाएगा अगला बंदा!

हैकरों ने जो चित्र जारी किए हैं उनसे पता चलता है कि वे बी एस एन एल के वर्चुयल प्राईवेट नेटवर्क, उसके सर्किट और अन्य तकनीकी जानकारियों की तह तक पहुँच गए हैं।

हालांकि अब वेबसाईट सामान्य कर ली गई है लेकिन यह सब देख लगता है कि कोई भी वेबसाईट सुरक्षित नहीं रह गई है। सुरक्षा हमें खुद ही अपनानी पड़ेगी।

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  1. जानकारी के आभार। सुरक्षा पर अधिक ध्‍यान दिया जान चाहिए यह सामने आ चुका है। पुन: आभार

  2. मदद के लिए आपको मेल किया था शायद आपने व्‍यस्‍तता के कारण नहीं देखा कृपया देखे मार्गदर्शन की आपेक्षा हे

  3. धन्यवाद, अब अधिक सचेत रहना पड़ेगा।

  4. कमाल हो गया,
    माल खाए गंगा राम और मार खाए मनबोध।
    चोरो का क्या भरोसा, कब सेंध लगा दें।

  5. बहुत दिनों के बाद मन में आया कि एक बार फ़िर अपने ब्लोगों को देखा जाए। पहला ब्लोग जो देखा वो था ‘मनोदृष्टी’। देखते ही आखें आश्चर्य से फ़ट गयी। हैडर में ब्लोग के नाम की जगह जैसा काला चित्र आप ने दिखाया है ऐसा ही काला चित्र वहां दिख रहा था, बाकी कि सब जानकारी वैसी की वैसी ही थी। ब्लोग की ले आउट जाने का रास्ता भी नहीं मिल रहा था, याद आ रहा था कि जब मैं ये ब्लोग बना रही थी तो आप ने इसका नाम सुंदर अक्षरों में लिखने के लिए कितनी मेहनत की थी, और मुए ये हैकरों ने सब गुड़ गोबर कर दिया, भला क्या मिला उन्हें ऐसा कर के?
    बड़ी मुश्किल से ब्लोग के ले आउट वाले पेज पर पहुंची,एडिट दबाया तो देखा इमेज की जगह ये काला कलूटा चित्र लगा हुआ था, उसे डिलीट किया जैसे ब्लोग के माथे की कालिख मिटाई हो, अब मैं फ़िर से पहले जैसे सुंदर अक्षर इस्तेमाल करना चाहती हूँ लेकिन ले आउट का पेज वैसा नहीं दिखता जैसा पहले दिखता था और फ़ोन्ट बदलने या रंग बदलने का तो ओप्शन ही नहीं है।
    प्लीज बतायें कि मेरी समस्या कैसी सुलझायी जा सकती है और क्या इन हैकरस से बचने का कोई उपाय है?

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