ब्लॉगिंग में गर्व करने लायक कुछ है भी?

हिंदी ब्लॉगिंग में पांच वर्ष का समय बिताने के दौरान मेरा सामना ऐसे कई बयानों से हुआ कि यहाँ कुछ नहीं रखा हुआ, ऐरे गैरे आते हैं गालीगलौज बकवास कर चले जाते हैं, अपनी ढपली अपना राग है सबका, भाषाकीसमझनहीं, बात करने का सलीकानहीं, कोई किसी को लतियारहाहै कोई किसी धार्मिकआस्थाकोचोट पहुंचा रहा, कोई निंदारस में डूबा हुआ है, लोग कुंठाएंनिकालरहे हैं, कुत्तेबिल्लीसाझगड़ा करते हैं… वगैरह वगैरह! बात किसी हद तक सही दिखती भी थी क्योंकि लोकप्रिय एग्रीगेटर पर अक्सर ही इसी तरह के ब्लॉग चमकते दमकते दिखते थे। हद तो तब हो गई जब मैंने पढ़ा कि ये ब्लॉग व्लॉग तो बस अखबारों में आने वाल़े पाठकोंकेपत्रजैसे ही है, फर्क यही है कि यह सब इंटरनेट पर होता है!

ऐसा नहीं है कि यह सब बातें कोई अनाड़ी नवागुंतक करता हो बल्कि प्रबुद्धवर्गसेभीकसमसाहट की झलक मिलती रही। भले ही होली का अवसर हो लेकिन बातों बातों में नई दुनिया पत्र समूह के सम्पादक ने तो कह ही दिया था कि ब्लॉगदुर्बुद्धिजमातकाकूड़ाकचरा है… हरेक ने ब्लॉगकीअपनीदुकान खोल रखी है… ब्लॉग पर लिखने वाला नालीसाफकरनेवालीस्टाइल में लिखता है… ब्लॉग पढ़कर अपनी आंखेंखराबक्योंकरते हैं!!!!

खिन्नता का भाव उत्त्पन्न होता था क्योंकि ब्लॉग़्स इन मीडिया और कई सर्च परिणामों के चलते मुझे बेहतरीन कहे जा सकने वाल़े ब्लॉग अक्सर ही नज़र आते थे। समस्या यह भी है कि ऐसे अच्छे कहे जाने वालों ब्लॉगों पर नातोज़्यादाटिप्पणियाँ होती हैं और हीलोगइसकेबारेमेंकहींचर्चा करते हैं।

अंग्रेजी में ऎसी ढेरों ब्लॉग डायरेक्टरियाँ हैं जहां विषय विशेष के ब्लॉगों का संकलन किया गया है। हिंदी के एग्रीगेटरों पर भी वर्गीकरण के कुछ प्रयास हुए हैं लेकिन सभीकाध्यानताज़ालेखनकीओर रहता है। अब उनका क्या हो जो अनियमित लेखन करते हैं लेकिन खास विषय पर ही लिखते हैं या फिर लिखना बंद कर चुके! फिर भी जो कुछ छोड़ गए हैं वह किसी खजाने से कम नहीं।

Blog Garv

जब 2011 मे 11 नई वेबसाईट्स का इरादा बना तो उस सूची में हिंदी की एक ऐसी वेबसाईट भी शामिल थी जिसमें ब्लॉगों का वर्गीकरण करते हुए चुनिंदा ब्लॉगों को स्थान दिया जाए। ऐसे ब्लॉग जिन्हें अपने परिवार, समाज, सहयोगियों, वरिष्ठों के सामने लाते हुए सरगर्वसेउठे ऐसे ब्लॉग जिनसे लोग अपने काम की चीजें पाएँ, उनसे कोई दिशानिर्देश मिले, उसे साझा करने को मन करे।

प्रत्येक माह के भारतीय पर्व पर वेबसाईट्स लाने के क्रम में मकर संक्रांति (जनवरी) पर,समाचारपत्रोंअन्यसंचारमाध्यमोंमेंउल्लेखितब्लॉगोंकेसंकलन वाला ब्लॉग्स इन मीडिया, बसंत पंचमी (फरवरी) पर आपसीसंवादद्वाराविभिन्नसमस्यायोंविषयोंपरचर्चा वाला ब्लॉग मंच, होली (मार्च) पर ब्लॉगपाठकद्वाराअनुशंसितब्लॉगआलेखोंकेसंकलन वाल़े ब्लॉग मंडली के बाद बैसाखी (अप्रैल) के अवसर अब आपका परिचय करवाया जा रहा है ब्लॉग गर्व से! एक ऐसी हिंदी ब्लॉग डायरेक्टरी जिसमें शामिल ब्लॉग का स्वामी गर्व महसूस कर सकेगा!!

अगर कोई कहे किऐसेब्लॉगोंकाकोईउदाहरण भी मिले! तो इस समय मुझे याद आ रहे हैं वृद्धग्राम (सामाजिक चेतना), इंडिया वाटर पोर्टल (जल संसाधन-नीति), मीडिया डॉक्टर (जन स्वास्थ्य), दुधवा लाईव (पर्यावरण-वानिकी), वृंदा (कथा-कहानी), विज्ञान विश्व (विज्ञानं), दोस्त (बचपन-किशोरावस्था), Myindia-Mycause (प्रेरक प्रसंग), स्वास्थ्य चर्चा (जन स्वास्थ्य), इंडियन बाइस्कोप (हिंदी फिल्में), शैशव (व्यक्तिगत अभिव्यक्ति), स्वास्थ्य सबके लिए (स्वास्थ्य), तकनीकी ज्ञान हिंदी में (इलेक्ट्रोनिक तकनीक), बिजली चोरी के विरूद्ध (जन जागरण), उपभोक्ता स्वर (उपभोक्ता जागरण), रोटी, कपड़ा और सिनेमा (फ़िल्म), व्यंजना (व्यंग्य), मदिरा ज्ञान (तकनीकी जानकारी), दाल रोटी चावल (पाक कला), वैदिक नक्षत्र ज्योतिष कृष्णमूर्ति पद्धति (ज्योतिष), Defence Review (सामरिक रक्षा), प्रॉपर्टी संसार(स्थापत्य) … आदि आदि

नाम बहुत से याद आ रहे लेकिन किसका किसका उल्लेख करूँ? ऐसे हजारों ब्लॉग हैं जो हमें कुछ ज्ञान दे कर ही जाते हैं, यदिहमग्रहणकरनाचाहें! ज़रुरत है इन सबको एक स्थान पर एकत्रित करने की।

जब http://bloggarv.com/ जैसी वेबसाईट सामने हो तो मेरे कुछ अधिक कहने का लाभ नहीं। देखिएऔरबताईएकि आपकी अपेक्षायों पर यह कितना खरा उतरी है। हालांकि कुछ तकनीकी कार्य बाकी है लेकिन आप इसका पूरा लाभ ले सकते हैं।

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मेरी वेबसाइट से कुछ और ...

ब्लॉगिंग में गर्व करने लायक कुछ है भी?” पर 22 टिप्पणियाँ

  1. यह तो बडे गर्व की बात है कि हर महीने हमारे सामने एक नई विशेष वेबसाइट आ रही है। ब्लॉग गर्व की शुभकामनाएं। आशा है कि यह भी बहुत काम की होगी।

  2. कल रात के बाद से अब इस खबर से कुछ उम्मीद जागी है … आभार आपका !

  3. ब्लॉग को कचरा कहने वाले असुरक्षा के शिकार है.
    पर आपका प्रयास सराहनीय है शुभकामनाये.
    हम तो हमेशा से गर्व से कहते थे और अब भी कहेंगे
    हम ब्लोगर हैं.:)

  4. महनीय प्रयास -साधुवाद !
    बहरहाल इरर आ रहा है फिर देखते हैं

  5. अरे पाबलाजी। आप किस चक्‍कर में आ गए। ब्‍लॉग-ग्राम की गलियामें हाथी की तरह विचरण करते रहिए और पालित चौपाये पशु जो करते हैं, करते रहने दीजिए।

    ब्‍लॉग जगत् में मैं 'शिशु' ही हूँ और अपनी हैसियत और औकात भली प्रकार अनुभव करता हूँ। फिर भी ब्‍लॉग का भविष्‍य घोषित करने का दुस्‍साहस कर रहा हूँ।

    ब्‍लॉग की आलोचना करने और इसे व्‍यर्थ बतानेवालों मेरी बात गॉंठ बॉंध लेना – तुम इससे असहमत हो सकते हो किन्‍तु इसकी उपेक्षा कभी नहीं कर सकोगे।

  6. पाबला साहब ,हिन्दी में ज्ञान का अथाह भण्डार है और धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा है | कुछ क्षेत्रो से लोग नहीं आ रहे है केवल ये चिंता का विषय है क्यों की उस विषय की जानकारी हिन्दी में नहीं होगी | मैंने भी कुछ यूनिक ब्लॉगों की चर्चा वाली एक पोस्ट लिखने का प्रयत्न किया था http://myshekhawati.blogspot.com/2010/12/blog-post_21.html

  7. इस सार्थक प्रयास के लिए साधुवाद और शुभकामनायें

  8. अधिकांश ब्लाग कचरा हैं – यह सत्य है.
    अधिकांश हिंदी ब्लाग कचरा हैं – अर्धसत्य है.
    आधे से ज्यादा ब्लौगिये सिर्फ लिखने के लिये लिखते हैं, बहुत चुनिंदा लोग हैं जो दूसरों के ब्लौग पढने में समय व्यतीत करके खुश हैं. मेरे ख्याल में सौ ब्लौग पढने वाले का अनुभव सौ ब्लौग लिखने वाले से कहीं ज्यादा होता है. ब्लौगिंग बहुत गर्व का विषय है क्योंकि यह अपने आप में बुद्धिजीवी होने का प्रतीक है, यदि ठीक से किया जाये तो.

  9. आपका यह प्रयास मुझे बहुत पसंद आया

  10. पांच साल पूरे करने और नई साइट शुरू करने की बधाई।

    ''समस्या यह भी है कि ऐसे अच्छे कहे जाने वालों ब्लॉगों पर ना तो ज़्यादा टिप्पणियाँ होती हैं और न ही लोग इसके बारे में कहीं चर्चा करते हैं।''

    यदि इसे अन्‍यथा न लें तो कहना चाहूँगा कि ऐसे ब्‍लॉगों के बारे में हो सके तो मुझे बताएं, 'ब्‍लॉगवाणी' में चर्चा करके मुझे प्रसन्‍नता होगी।

  11. ब्लॉगिंग में गर्व करने लायक बहुत कुछ है कुछ तो आपने बता ही दिए हैं B. S. Pabla पर भी ब्लॉगिंग जगत को गर्व है .
    धन्यवाद्, ब्लॉग जगत को आपके इस उपहार के लिए

  12. आदरणीय भाईसाहब बी एस पाबला जी
    सादर सस्नेहाभिवादन !

    क्यों नहीं ब्लॉगिंग में गर्व करने लायक कुछ … हम हैं न ! … और आप भी तो हैं !! 🙂

    अब "नई दुनिया" पत्र समूह का सम्पादक देख कर कितना देख सकता है …
    लेकिन बहुत गंभीर लिखने वाले भी हैं , देखना ही किसी के भाग्य में न हो तो भी क्या किया जा सकता है ??

    आपके चमत्कार प्रणम्य हैं …

    * वैशाखी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ! *
    – राजेन्द्र स्वर्णकार

  13. बहुत ही सराहनीय कदम है ये….
    ब्लॉग गर्व की शुभकामनाएं।

  14. विश्वास है कि आप सफल होंगे….हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं..

  15. पाबला जी, बहुत-बहुत मुबारक हो !
    जिस ब्लाग ते तुसी औ ! औ ते गर्व करण लायक है ही | बाकी दियां गल्ला वी ठीक हन? बस तुसी अपना कम करी जाओ !
    रब राखा !
    खुश रवो !
    अशोक सलूजा !

  16. आपने अपने ब्लॉग पर एड किस सर्विस प्रोवाइडर से लगाए हैं? क्लिक करने पर s2d6 लिख कर आता है, इसलिए साईट का पता नहीं चल पा रहा है, मुझे अपने ब्लॉग पर एड लगाने हैं पर जैसा कि आप जानते हैं कि एडसेंस इस समय हिन्दी को सपोर्ट नहीं कर रहा है और एड्माया मुझे पसंद नहीं है

  17. सर में कृतिदेव फॉण्ट में लिखता हूँ आज अचानक सारे मैक्रो सोफ्ट .वर्ड के लेख परिवर्तित हो गए . जहाँ जहाँ स्पचे दिया था वहां अंग्रेजी का ,,एस बन गया है अब में कुछ भी लिख कर स्पेस देता हूँ तो .एस बन जाता है और अंग्रेजी में शब्द लिख स्पेस देता हूँ तो डोट लग जाता है मेहरबानी कर मार्ग दर्शन करें

  18. @brijmohan ji

    असल में कोई परेशानी वाली बात नहीं है आपने गलती से show hidden character / nonprinting character बटन को दबा दिया है

    टूलबार में आपको उल्टे P जैसा चिन्ह दिखाई देगा उसको दबा दीजिए सब कुछ सामान्य हो जायेगा

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