मिट जाएगा पुरुषों का वजूद, दो महिलाएं मिलकर बच्चे पैदा करेंगी

अभी अभी तो खबर आयी थी कि प्रयोगशाला में बने किसी तरल के चलते, पुरूषों की आवश्यकता ख़त्म होने को आयी है, लेकिन क्या आप इस बात की कल्पना कर सकते हैं कि प्राकृतिक रूप से, भविष्य में इस संसार से पुरुषों का वजूद खत्म हो जाएगा? शायद आपको यह बात अटपटी लग सकती है, लेकिन ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के जिनेटिक्स के प्रोफेसर ब्रायन साइक्स के मुताबिक यह मुमकिन है। उनके मुताबिक, अब से लगभग 1 लाख 25 हजार साल बाद पुरुषों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और महिलाएं पुरुषों के बगैर ही बच्चे पैदा करेंगी। Adam’s curse: A future without men के लेखक ब्रायक साइक्स ने कहा कि वाई क्रोमोसोम की संख्या घट रही है और मेरे विचार में यह धीरे-धीरे खत्म ही हो जाएगा। साइक्स की अध्यक्षता में वैज्ञानिकों का समूह, इकट्ठा किए गए डीएनए की जांच में जुटा हुआ है।

वाई क्रोमोसोम पिता से बेटे को मिलता है। यह क्रोमोसोम पुरुष सेक्स के निर्धारण में सहायक होता है। गर्भधारण के कुछ हफ्ते बाद ही वाई क्रोमोसोम सक्रिय हो जाता है और इस क्रोमोसोम के परिणामस्वरूप ही बेटा होता है। लेकिन, साइक्स के मुताबिक, दूसरे क्रोमोसोम की तुलना में वाई क्रोमोसोमखुद को रिपेयर नहीं कर सकते हैंऔर सवा लाख साल बाद वाई क्रोमोसोम पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे।

साइक्स का कहना है कि हर पीढ़ी में एक फीसदी पुरुष में बदलाव होगा और धीरे-धीरे उनकी पुनारुत्पादकता 10 फीसदी तक कम हो जाएगी। दूसरे क्रोमोसोम की तरह वाई क्रोमोसोम एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जोड़े में प्रवाहित नहीं होते हैं, इसलिए इनमें खुद को रिपेयर करने की काबिलियत नहीं रह सकती है। यह सिलसिला अगर पीढ़ी-दर-पीढ़ी कायम रहा तो अंत में वाई क्रोमोसोम खत्म ही हो जाएंगे और संसार पुरुष विहीन हो जाएगा। लेकिन इसमें अभी बहुत लंबा वक्त बाकी है।

साइक्स के मुताबिक, 1,25,000 सालों के बाद शायद यह संभव हो। लेकिन पुरुषों के सामने फिलहाल एक और बड़ी समस्या है। वह यह है कि पिछले 50 सालों में स्पर्म की संख्या 20 फीसदी तक घटी है। आखिर इसकी वजह क्या है- तनाव? या शराब का सेवन? या प्रदूषण? कार
ण चाहे कुछ भी हो, लेकिन इससे माथे पर बल पड़ना स्वाभाविक है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव पुरुषों के अस्तित्व पर पड़ेगा।

अब सवाल यह उठता है कि क्या पुरुषों के बिना यह दुनिया एक बेहतर जगह होगी? क्या महिलाएं पुरुषों के बगैर बच्चे पैदा कर सकेंगी? प्रोफेसर साइक्स का कहना है कि सवा लाख साल के बाद महिलाओं को पुरुषों के स्पर्म, क्रोमोसोम या किसी भी चीज की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे पुरुषों के बगैर ही बच्चे पैदा करेंगी। Female only reproduction अब तक सिर्फ पौधों और पशुओं में ही हो पाया है। इस प्रक्रिया को parthenogenesis कहते हैं। केप हनी बी, किमोनो ड्रैगन और शार्क में पार्थेनोजेनेसिस की प्रक्रिया के प्रमाण मिले हैं। लेकिन, साइक्स के मुताबिक अब भविष्य में ऐसा भी होने वाला है जब दो महिलाएं मिलकर बच्चे पैदा करेंगी।

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मिट जाएगा पुरुषों का वजूद, दो महिलाएं मिलकर बच्चे पैदा करेंगी” पर 3 टिप्पणियाँ

  1. अरे जब एक घर मे दो या तीन महिलये(सास बहु ओर नन्द ) नही रह सकती तो , सोचो जब सारी ओर यही हो गी तो इन की दुनिया तो एक दिन मे … टायं टाय फ़िस, मिया हमारे सिर पर ही कुद फ़ादं रही हे, मस्त रहो, हम तुम आते ही रहे गे..

  2. यह प्रकृति का अपना तरीका है घटते लिंग अनुपात, और बढ़ती जनसंख्या से निपटने का.

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