मेरे शहर में छाया गहरा कोहरा

पिछले सप्ताह नाईट शिफ्ट थी। घर से ऑफिस आने -जाने के लिए फॉरेस्ट एवेन्यू का ही इस्तेमाल करता हूँ। अंतिम तीन रातों को, मौसम साफ होने की वज़ह और बैटरी वाले टू-व्हीलर के लालच में बिटिया की ई-स्कूटरेट ले जाता रहा। सुबह लौटते हुए सेक्टर 4 के पास मैंने महसूस किया कि काफी ठडक है हवा में। इतनी, कि आधी बाँहों वाली टी-शर्ट में बदन सिहरने लग गया। एक सुबह तो मैंने अनदेखा किया, क्योंकि भिलाई टाऊनशिप में वैसे भी सघन वृक्षारोपण के कारण इतना घना जंगल बन चुका है कि कई बार तो रातों को डर लगता है, सड़कों पर निकलते हुए। लेकिन जब दूसरी सुबह भी वही हाल हुया तो मैंने सहयोगियों से चर्चा की। सभी ने स्वीकारा कि मौसम में ठंडक आ चुकी है।

कल शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश था। रात देर तक बैठा रहा कम्प्यूटर के सामने। देर से सोया तो सुबह समय पर नींद ही नहीं खुली। वो तो डेज़ी ने आकर ऊधम मचाया तो उठा। वो मुझे टाईम टेबल के हिसाब से सुबह की सैर पर ले जाने के लिए बेचैन थी। आँखे मलते हुए बाहर का नज़ारा देखा तो हैरान रह गया। इतना गहरा कोहरा!!


पानी के छींटे मार जब स्वयं को तरो-ताज़ा महसूस किया तो कैमरा संभाला। तब तक सूरज अपना प्रकाश फैलाने की कोशिश में लग चुका था। बड़ी तेजी से कोहरा छंटने लगा था फिर भी फटाफट कुछ चित्र लिए, पास ही मैदान के। आप भी देखिए।
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मेरे शहर में छाया गहरा कोहरा” पर 15 टिप्पणियाँ

  1. इन चित्रों को जो आपने लिया है न पाबला जी, जिसमें क्लोस अप में फोटो फ्रेम में ही कुछ पत्ते / लताएं आ जायें और साथ ही दूर का कोई दृश्य दिखे, मैं भी इस टेक्निक को बहुत इस्तेमाल करता हूँ…इससे फोटो में एक अनोखा टच आ जाता है जिसे की आप
    कह सकते हैं – 'रूक कर देखना' वाली Feeling.

    सुंदर तस्वीरें।

  2. मौसम तो वैसा ही है पाब्ला जी।दिन मे तो उमस से बैचैनी के मारे बुरा हाल हो जाता है।

  3. अनिल जी सही कह रहे हैं। कम से कम रायपुर में तो अभी गर्मी और ऊमस ही है।

  4. सर जी दुर्ग में भी यही हाल था.

  5. कोहरा और धुन्ध कोटा में तो घोर सर्दी में एक-दो दिनों के लिए उपहार होता है। आप भाग्यशाली रहे कि बरसात भी अच्छी हो गई और कोहरा भी देख लिया। वैसे आसोज का महिना है। इस में ऐसा ही होता है दूसरे पहर से गर्मी होती है रात होने तक बहुत अधिक हो जाती है लेकिन जैसे जैसे रात ढलती है ठंडक होने लगती है। सुबह तो ठंड हो ही जाती है।

  6. मत कहो, आकाश में कुहरा घना है,
    यह किसी की व्यक्तिगत आलोचना है ।

    दुष्यंत कुमार

  7. इधर तो ठंड कुहरे का कहीं अता पता नहीं ।

  8. गंगा किनारे कुछ दिनों मुझे भी हल्की धुन्ध दिखी थी।

  9. आपकी पोस्ट तो गजब थी, लेकिन डेजी की पिक्चरें तो और भी गजब शानदार, अद्भुत थी। अच्छा लगा..आपकी पिक्चरों के साथ आपका शहर देखना.. हमारे तो यहां उमस ने मार डाला।

  10. हमारे यहां तो आज कल सर्दी काफ़ी हो रही है, लेकिन कोहरा इस साल बिलकुल नही,बरसात भी हामरे यहां पिछले सालो से कम हुयी लेकिन ठीक चल रहा है, यानि मोसम अब धीरे धीरे पतझड की ओर बड रहा है, गर्मी तो बिलकुल नही .ओर कुछ समय बाद बर्फ़….
    आप ने बहुत अच्छे ढंग से अपने यहां के मोसम का चित्रण किया.
    धन्यवाद

  11. कोह्रातो नहीं पर बादल ऐसा ही दृश्य बनाते हैं पुणे और आस पास.

  12. अच्छी प्रस्तुति….बहुत बहुत बधाई…

  13. aap toh bahut lucky hain ji itna achcha mausam ho rahaa hai , yahaan toh garmi hi garmi hai . nice photographs…bhalaa ho Daizy ka jisne aap ko sahi samay utha diya , nahi toh kahaan se dekhate kohra

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