मौत के मुँह से बचकर, फिर हाज़िर हूँ आपके बीच

पिछले माह जब मैं मुम्बई की ओर, सड़क मार्ग से यात्रा पर निकला था तो यह आभास नहीं था कि मौत मुझे आलिंगन करने को आतुर होगी। वह भी एक बार नहीं दो बार!

दूसरी बार तो बस समझिए कि उसके चंगुल से निकल ही भागा।

इस हादसे की सूचना देते, स्वास्थय लाभ की कामना करते ब्लॉगर साथियों की पोस्ट्स द्वारा तथा टिप्पणियों के रूप में साथियों की मंगलकामनाएं मिलीं।

आभार सभी का।

वे ब्लॉग पोस्ट्स थीं:

फोन, ई-मेल्स, एस एम एस, व्यक्तिगत भेंट कर भी अपनी भावनाएँ व्यक्त की गईं। उनसे, अवसाद के क्षणों में मुझे बेहद संबल मिला।

आप सभी की शुभेच्छायों हेतु पाबला परिवार कृतज्ञ है।

thank-you

अपने-आप को आप सब के बीच पुन: सक्रिय पा कर मैं प्रफ़ुल्लित हूँ।

योजनानुसार जो कार्य करने थे, वह कुछ पिछड़ से गए है। आगे आगे देखिए होता है क्या।

इस यात्रा के खट्टे-मीठे संस्मरण साझा किए जा रहे हैं। बीच-बीच में कुछ अत्यावश्यक कार्य भी निपटा लेने का इरादा है।।
स्नेह बनाए रखिएगा।
मौत के मुँह से बचकर, फिर हाज़िर हूँ आपके बीच
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मौत के मुँह से बचकर, फिर हाज़िर हूँ आपके बीच” पर 51 टिप्पणियाँ

  1. ईश्वर आपको और आपके परिवार को स्वस्थ सुखी जीवन दे. कल आपसे बात हुई तब इस घटना की भयावहता का अंदाजा लगा. आप इस दुर्घटना में सुरक्षित रहे यह परमात्मा की असीम अनुकंपा है. बहुत बहुत शुभकामनाएं.

    रामराम

  2. आपका स्वागत है। आप भयानक दुर्घटना से बच निकले यह आपके मित्रों का सौभाग्य है। जल्द ही यात्रा का पूरा वृतांत हमें पढ़वाइए।
    घुघूती बासूती

  3. आपको सक्रिय देख,हमें भी प्रसन्नता हुई….ईश्वर सदैव ऐसे ही ,कृपा बनाए रखे और आप एवं आपका परिवार सदा सानंद रहें

  4. मै तो रोज़ इस ब्लोग पर आता था शायद आप कुछ इस हादसे के बारे मे बताये .
    ईश्वर को पता है हमे आपकी जरुरत है .
    इअतने हादसे के बाद भी जन्मदिन की जानकारी निरन्तर मिलती रही उसके लिये आपको सेल्यूट

  5. शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं…….

  6. वाहे गुरु आपको और आपके परिवार को स्वस्थ सुखी जीवन दे.कई बार ऎसा हो जाता है जिस की उम्मीद भी नही होती, मै फ़िर से यही कहुंगा कि वाहे गुरु की मेहर बनी रहे फ़िर बाल भी बांका नही हो सकता, बस अब इस हादसे को भुलने कि कोशिश करे

  7. आपका बहुत-बहुत स्वागत है। आप एक भयानक दुर्घटना से बच निकले यह पूरे ब्लॉग जगत के लिए सौभाग्य की बात है ,आपका अपनापन पूरा ब्लॉगजगत महसूस करता है हरपल हरदिन | आपके हर पोस्ट का इंतजार रहेगा …

  8. आप पूरे ब्लॉग जगत के चहेते हैं । सब की दुआएं आपके साथ रही है । वाहे गुरु की कृपा आपके साथ है ।
    पाबला परिवार के साथ ब्लॉग परिवार को भी आपकी ज़रुरत हमेशा रहेगी ।
    शुभकामनायें।

  9. आपकी ऊंगलियों की टकटकाहट सुनने-देखने को आतुर हैं हम सब हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत वासी। आपके बिना ब्‍लॉगों पर छा गई थी उदासी।

  10. बड़ा अजीब लग रहा है। घटना की पूरी जानकारी मुझे नहीं है, लेकिन अभी आपको परेशान भी नहीं करूंगा। पहले आप स्थिर हो लें, थोड़ा आराम करें, लंबित काम निपटा लें फिर आपको तंग करूंगा।

  11. चलिए आप ब्‍लॉगिंग में लौटे ऊपर वाले का शुक्रिया…आपके ब्‍लॉग-पोस्‍ट यूं ही पढ़ते रहें बस

  12. वीरजी
    हा हा हा
    आपको वापस यहाँ देख कर ऐसे लग रहा है???????????? जैसे कुम्भ के मेले में बिछुडे दो भाई,नही नही एक भाई और एक बहन वापस मिल गए हो.चलिए मिल कर मनमोहन देसाई की जैसी ही एक फिल्म बनाते हैं.क्यों???
    अरे भाई! उसमे भी तो 'हीरो' इसी तरह बच कर निकल आता है मौत के मुँह से.
    हा हा हा
    ईश्वर आपको मेरी उम्र दे दे क्योंकि अपुन की तो एक बेटी ही कुंवारी है बेटे जवान हो चुके अहिं और समझदार भी हैं.इट सी जिम्मेदारी तो भि उठा ही लेंगे.बजट का बोझ भी उनके मत्थे नही पड़ने वाला.सारा बंदोबस्त उसी महीने से शुरू कर दिया जिस महीने ईश्वर ने बेटी दी थी.
    हा हा हा
    सो अब कोई चिन्ता नही.
    पर……..आप जैसे इंसान की आपके परिवार को,आपके अपनों,दोस्तों,समाज और ब्लोग के इतने लोगो को जरूरत है वीर जी !

  13. Sach mein bahut hi disturbing hadsaa tha, hum toh sun kar hi hil gaye…Bhagwaan ka shukr hai ki aap dono sahi salaamat nikal aaye….yatraa ki details ka intizar rahega

  14. जो हुआ सो हुआ …………..अब सब ठीक है !
    लोग वापसी की बात करते है ……..आप गए ही कब थे सो स्वागत तो हम खैर क्या करेंगे….रोज़ तो आपकी मेल आती थी आज इसका जन्मदिन है कल उसका……कोई बिना कुछ किये भी इतना कुछ करे तो क्या कहा जाए …….काफी कुछ सीखा है आपसे और आगे भी सीखना बाकी है ! सो काफी आराम कर लिया आपने अब शुरू हो जाओ गुरु …!!

  15. आप आए,बहार आई,फ़िर पोस्ट आई।
    ऐसे ही बहारें आती रहे पोस्ट आती रहे।

    मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।

  16. सु स्वागतम !आप कहीं दूर नहीं थे -चाहे रहो दूर चाहे रहो पास ….

  17. ईश्वर आपको और आपके परिवार को स्वस्थ सुखी जीवन दे। बहुत बहुत शुभकामनाएं!!

  18. स्वस्थ चित्त होकर लौटना आपका अच्छा लगा …
    कहते हैं कि मृत्यु के बहुत करीब जाकर लौटे इंसान का पूरा व्यक्तित्व ही बदल जाता है …
    आप तो यूँ भी बहुत विनम्र ,सदाशयी हैं …जाहिर है कि मानव-कल्याण के लिए ही होगा आपका हर कदम ..
    बहुत शुभकामनायें …!

  19. हर्ष की बात है कि आप पूर्ण स्वस्थ होकर पुनः सक्रिय हो गये हैं!


  20. वीर जी, छोटा मुँह बड़ी बात हो जायेगी ।
    मैं भी दुआ करता था, यह क्यों बताऊँ ? हाँ दुआ करने के बाद आपके नाम की कुछ दवा भी निकाल देता था ।
    दवा और दुआ को फलीभूत हुआ देख आज शाम को मुझे डेढ़ पैग दारू भी लेनी पड़ सकती है ।
    दुआ माइनस करके दवा और दारू का बिल किस पते पर भेजूँ ?


  21. एक शिकायत भी है …
    आपने अस्पताल से ब्लॉग पोस्ट करने वाले ब्लॉगर्स की लिस्ट में शामिल होने का एक स्वर्णिम मौका खो दिया !

  22. जीवन अनमोल है। उत्सव होना चाहिए।
    ज़िदादिलों से मौत भी घबराती है। आद्तन या चिढ़ कर हमले करती है लेकिन हार कर मुँह लटकाए चली जाती है।
    डाक्साब अपने वीरा से तगादा कर रहे हैं। 🙂 उन्हें निबटा लीजिए। कुछ दिन आराम कर लीजिए, फिर ब्लॉग, ब्लॉग … लागी छूटे न ।

  23. ब्लॉग-जगत के संरक्षक को हम ऐसे कैसे जाने देते… हम सबकी दुआएं आपके साथ थीं…

    सलीम ख़ान
    संयोजक
    लखनऊ ब्लॉगर्स एसो.
    9838659380

  24. आपका बहुत बहुत स्वागत है …..इश्वर आप पर सदा ऐसी कृपा बरकरार रखे .

  25. ईश्वर आपको और आपके परिवार को स्वस्थ सुखी जीवन दे और सदा अपनी कृपा बनाएं रखे।

  26. फानूस बनके जिसकी हिफ़ाज़त करे,
    वो शमा क्या बुझे जिसे रौशन खुदा करे…

    पाबला जी के साथ इतने लोगों की दुआएं हैं, उनका बाल भी बांका कैसे हो सकता था…

    अब पाबला जी दुगनी ऊर्जा के साथ नई योजनाएं लेकर आएं, यही कामना है…

    जय हिंद…


  27. आप ब्लॉग जगत के संरक्षक हैं, आपको अभी सैकड़ों साल ब्लॉग जगत को संरक्षण प्रदान करना है।

    …………..
    प्रेतों के बीच घिरी अकेली लड़की।
    साइंस ब्लॉगिंग पर 5 दिवसीय कार्यशाला।

  28. शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए शुभकामनाएं…….आपका बहुत बहुत स्वागत है .

  29. आपकी पुनर्सक्रियता आति सुखद लगी.

    अनेक शुभकामनाएँ.

  30. ईश्वर की कृ्पा आप पर सदैव बनी रहे…आपके शीघ्र स्वास्थयलाभ के लिए ढेरों मंगलकामनाऎँ!!

  31. इश्वर आप पर सदा ऐसी कृपा बरकरार रखे .

  32. गिरते हैं शहसवार ही मैदाने जंग में
    वो तिफ्ल क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलें
    …… ईश्वर की आप पर कृपा इसी तरह बनी रहे … हम तो निमित्त मात्र हैं …
    हमारी शुभकामनाएँ आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए

  33. शुभकामनायों हेतु आप सभी साथियों का पुन: आभार

  34. @ वाणी गीत

    मुझे भी ऐसा लग रहा कि मृत्यु के बहुत करीब जाकर लौटे इंसान का पूरा व्यक्तित्व ही बदल जाता है

  35. @ शिवम् मिश्रा

    सही है, मैं गया ही कब था?

  36. @ 'अदा'

    लगता है की-बोर्ड अभी तक ठीक नहीं हुआ 🙂

  37. @ डॉ अमर कुमार

    आपके स्नेह की उधारी चुका पाना मुश्किल है

  38. ye vahi samay tha jab main apne bade bhai ke ilaaj ke liye gudgaon me tha aur net se gaayab tha …pata chalne par jahan haadse ka dukh hai vahin maapki salamati ka aanand bhi

    jiyo vir ji

    jiyo vir ji

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