रचना जी की चाहत, मेरी उलझन, आपकी भावनाएँ: क्या करूँ?

आज दोपहर नारी ब्लॉग की सूत्रधार व हिंदी ब्लॉगिंग की देन वाली रचना सिंह की ईमेल मुझे आई है। इस ईमेल में उन्होंने एक अप्रत्याशित आग्रह किया है, जिसे लेकर मैं दुविधा में पड़ गया हूँ। दरअसल रचना जी ने अपरिहार्य कारणों से, हिंदी ब्लॉगरों के जन्मदिन वाले ब्लॉग पर अपने जनमदिन की बधाईनुमा पोस्ट को हटा देने की इच्छा जताई है।

मेरी दुविधा यह है कि संगीता पुरी, दिनेशराय द्विवेदी, डॉ. मनोज मिश्र, उड़न तश्तरी, रंजना (रंजू भाटिया), एम वर्मा, सैयद, सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी, सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट), अनिल कान्त, राजीव तनेजा, अनूप शुक्ल, शरद कोकास, लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`, अनिल पुसदकर, हिमांशु, अनिता कुमार, विनय जैसे शुभेच्छु ब्लॉगरों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, उनकी सहमति के बिना वह पोस्ट कैसे व क्यों हटाऊँ? अब वह पोस्ट मुझ अकेले की नहीं रही। इसके अलावा, रचना जी ने स्वयं वहाँ आ कर धन्यवाद ज्ञापन भी किया था साथियों का।
एक स्वनिर्मित प्रक्रिया के तहत मेरी सोच है कि अब तक वहाँ बधाई दे चुके सुधी ब्लॉगरों में से यदि आधे से अधिक ब्लॉगर अपनी सहमति हिंदी ब्लॉगरों के जन्मदिन वाले ब्लॉग की उस पोस्ट को हटाने के लिए दे दें तो वह पोस्ट मिटा दी जाएगी।
संबंधित ब्लॉगर, अपनी सहमति या असहमति दर्शा कर बताएँ कि मैं क्या करूँ?
अपडेट @ 18:30
रचना जी ने संबंधित ईमेल संवाद जाहिर करने की इच्छा भी जताई है। वह इस प्रकार है:

rachna singh to me
2:11 PM
Dear Mr Pabla Please refer to your blog where you keep posts on birthdays of bloggers.
I want my birthday 25th july post to be deleted
Regds
Rachna

बी एस पाबला to rachna
2:25 PM
रचना जी, यदि कारण बता पातीं तो मैं किसी निष्कर्ष तक पहुँच पाता।
वैसे भी उस पोस्ट से 18 अन्य ब्लॉगरों की भावनाएँ, मंगल कामनायें जुड़ी हैं, अकारण कैसे हटा दूँ?

आशा है, आप मेरी दुविधा समझ पा रही होंगी।

सादर

rachna singh to me
2:28 PM
Dear Mr Pabla
The sole reason is that i dont want my profile on net anymore
I also commented there yet as an after thought i feel its better that you please remove it
you can always use this mail as a document to refer is some one asks you although i feel its my right to get the information deleted if its not published with my prior consent
regds
rachna

बी एस पाबला to rachna
2:44 PM
रचना जी, सहमति तो आपकी तभी मिल गई थी जब आपने उस पोस्ट पर आकर धन्यवाद ज्ञापन किया था।
मैं विचार करूँगा कि अपनी सीमायों में रहकर क्या किया जा सकता है।

rachna singh to me
3:57 PM
dear mr pabla
since its your personal blog and since i have deactivated my profile on the net there is no issue to hold any documentary evidence of my age on the net . its not right and many times we agree to somethings under given circumstance s but with time if they dont suit us we change them also
i look forward to your cooperation
regds
rachna

बी एस पाबला to rachna
4:03 PM
सॉरी रचना जी, आपकी मेल आने के पहले तीर कमान से निकल चुका।
देखिएगा http://bspabla.blogspot.com/2009/10/blog-post_09.html

इसे अन्यथा न लें। यह एक निर्मल लेखन है।

rachna singh to me
4:11 PM
i hv posted my reply there

बी एस पाबला to rachna
5:30 PM
रचना जी, इस पोस्ट पर R S के नाम से ईमेल संवाद जाहिर करने वाली टिप्पणियाँ आपकी हैं?

rachna singh to me
5:31 PM
yes

लेख का मूल्यांकन करें

रचना जी की चाहत, मेरी उलझन, आपकी भावनाएँ: क्या करूँ?” पर 35 टिप्पणियाँ

  1. इस पोस्ट के टिप्पणीकर्तायों से यह अपेक्षा है कि संबंधित विषय पर ही अपने विचार रखें।

    खुर्शीद जी, मैं कभी टिप्पणियाँ नहीं हटाता किन्तु आज, विषय से हट कर की गई, आपकी टिप्पणियाँ हटा रहा हूँ। खेद है।

  2. पाबला जी वो पोस्‍ट और ये पोस्‍ट आप दोनों ही हटा दीजिए। इसकी भी जरूरत नहीं थी। खैर … कुछ अपरिहार्य कारण रहे होंगे रचना जी के।

  3. पोस्ट अपडेट हुई है।

    नीरज जी, अविनाश जी, अदा जी, राज जी
    आप 'उस' पोस्ट के टिप्पणीकर्तायों में शामिल नहीं थे। अत: आपकी सहमति असहमति इस मुद्दे पर निर्णय लिए जाने हेतु कोई अर्थ नहीं रखती। क्षमा करें।

  4. यहाँ भी बाजी मेरे ही हाथ -हा हा न मेरा जन्मदिन वहां मनेगा और न कोई आपको धर्मसंकट कम से कम मेरे खातिर होगा -लोगों ने हिन्दी ब्लागजगत को गुड्डे गुड्डी का खेल बना लिया है बस तफरीह करने चले आते हैं !

  5. और हरगिज इस पोस्ट को न हटायियेगा पाबला जी -पोस्टें हटाने के लिए नहीं लिखी जातीं !

  6. पोस्ट रखना/हटाना तो ब्लॉगर के स्वविवेक का मामला है। आप जाने।

  7. उस पोस्ट में लाभार्थी की चर्चा करने से जो पब्लिसिटी उसे मिली, और जो लिंक लगने से दोनों ब्लॉग की रैंकिंग में सुधार हुआ उसको मद्दे नज़र रखते हुए अदालत इस नतीजे पर पहुँची है कि अब गेंद पूरी तरह पाबला जी के पाले में है और निर्णय उन्ही के स्वविवेक पर छोड़ा जाना चाहिए, वे चाहें तो लाभार्थी को हुए लाभ का आकलन करके उसको उचित बिल भिजवा दें और वसूली के बाद पोस्ट डिलीट कर दें,

    हालांकि हम मतदाता नहीं हैं पर जो मतदाता अभी मतदान करने आने वाले हैं यह उनको प्रभावित करने की कोशिश है !

  8. पाबला जी ,
    बात निकलेगी तो फ़िर दूर तलक जायेगी …………….
    आप दोनों पोस्टे हटा लें | कोई लाभ नहीं, आगे विवाद होता दिखता है !

  9. आगे आप स्वयं ज्ञानी है !

    मैंने भी कोई बधाई सन्देश नहीं दिया था, पर खुद को रोक नहीं पाया अपनी राय देने से !
    (एक सच्चा हिन्दुस्तानी जो हूँ , राय देना जनम सिद्ध अधिकार है मेरा !)

  10. पाबला जी, ठीक है हमे कोई हक नही बनता, ओर रचना जी आप भी प्यार ओर इज्जत से अपनी बात कहे, पाबला जी हम सब के लिये माननीय है, ओर सब इन की इज्जत करते है, ओर यह भी सब की इज्जत करते है. छोडिये इस मसले को दुनिया मै ओर भी बहुत से काम है, ओर टिपण्णी देना हमारा सब का काम है जरुरी नही हम सब टिपण्णीयो मे सिर्फ़ सहमती ही जताये,मेरी ज्यादा तर टिपण्णियां ऎसी ही होती है, लेकिन सब मुझे बर्दास्त करते है, इन छोटी छोटी बातो का बतगड नही बनाते.

    धन्यवाद

  11. चाहत….अरे सर ये तो बस …आफ़त कहिये आप…और आफ़त होगी तो उलझन होगी ही..बताईये पहले इतनी मेहनत से पोस्ट बनाईये,लगाईये,…और फ़िर महीनों बाद हटाईये..खैर उस सूची में मैं शामिल नहीं था इसलिये कुछ नहीं कहूंगा….मगर एक बात बताईये..

    ek purush vaadi maansiktaa mae ji rahey haen mr pabla

    अरे सर आप भी…कितनी गलत बात है…आपने ये बात भी अब तक छुपाये रखी….और किसी को इस बात का एहसास भी नहीं होने दिया…नहीं सर मुझे तो ..खैर छोडिये….सोच रहा हूं क्यों न एक ब्लोग बनाया जाए..पुरुष..जिसे घुटन महसूस हुई ही नहीं…और रही आजादी तो वो बापू बरसों पहले दिला गये थे..उसके बाद दोबारा जरूरत नहीं पडी…और हां यदि लगे कि ये भी विषय से अलग है तो मिटा दिजीयेगा..पढ तो आप लेंगे ही…..उफ़्फ़ आप और आपकी मानसिकता….अक्सर ये बातें करते हैं……?

  12. पाबला जी यदि रचना जी अपनी कोई प्रोफाइल नेट पर नहीं चाहती है तो उनकी भावनाओं को समझकर कोई निर्णय करे |

  13. सबसे पहले बताना चाहूँगा कि मेरे पिछली टिप्पणी के नेट पर जाते ही इंटरनेट देव रूठ गए पूरे शहर से। यकीन ना हो इंटरनेट ब्लैक होल्स की जानकारी देती यह लिंक देख लें (लिंक खोलते ही RAM की खपत बेहद बढ़ जाती है मुझे दोष न दें) अभी इंटरनेट के दर्शन हुए हैं।

    @ कैरानवी जी
    आपकी टिप्पणी विषय से संबंधित रहती तो इसे रखता, किन्तु खेद के साथ हटा रहा हूँ।

    @ रचना जी,
    यदि आपका आरोप है कि आपकी अनुमति के बिना आपकी जनमतिथि ब्लॉग पर डाली गई तो क्षमाप्रार्थी हूँ

    और यदि जनमदिन वाले दिन आपकी जनमतिथि ब्लॉग पर देखकर मेरी व अन्य ब्लॉगर साथियों द्वारा दी गई बधाईयाँ आप खुद आ कर खुशी खुशी स्वीकार करती हैं, धन्यवाद देती हैं, फिर 2 माह बाद, किसी दूसरे के कथन से प्रभावित हो कर पूछती हैं कि मुझे बधाई देने की हिम्मत कैसे हुई तुम लोगों की? तो क्षमा कौन मांगे। बधाई देने वाले या सहर्ष बधाई लेने वाले?

    आपका जनमदिन भी कोई खोजी पत्रकारिता जैसी चीज से नहीं मिला था। मैं उन्ही ब्लॉगर साथियों का जनमदिन उजागर कर बधाई की पोस्ट लिखता हूँ जिनका डाटा इंटरनेट पर सार्वजनिक है, भले ही वह खुद ब्लॉगर द्वारा सार्वजनिक किया गया हो या किसी अन्य तरीके से सार्वजनिक हो। यही हाल व्यक्तियों के ईमेल या फोन नम्बर का है। वरना निजी तौर पर सैकड़ों ब्लॉगरों के ईमेल, फोन नम्बर मेरे पास हैं।

    @ शिवम मिश्रा जी,

    आपने इस पोस्ट का मर्म समझे बिना कैसे कह दिया कि पोस्ट हटा दूँ? मेरा सीधा सा तर्क है कि क्या मुझ सहित वो 18 साथी ब्लॉगर बेवकूफ हैं जो किसी को बधाई देने दौड़े चले आए और बधाई लेने वाले ने बिना किसी विरोध के, धन्यवाद भी दे दिया और आज अपनी अस्थिर मानसिकता के कारण उस दिन को अपनी ज़िंदगी से निकालने पर तुला हुया है।

    @ रतन सिंह शेखावत जी,
    अगर रचना जी अपना प्रोफाईल नहीं रखना चाह्ती उनकी मर्जी लेकिन पता तो चले कौन सी प्रोफाईल? इसी पोस्ट की टिप्पणियों में उनके दो प्रोफाईल दिख रहे!!

    यहाँ भावनाएँ समझने समझाने की बातें भी हो रही हैं। रचना जी ने भी मेरी जिस टिप्पणी को पुरूष मानसिकता करार दिया है वहाँ भी मेरे दो ही शब्द थे कि 'पोस्ट के भावार्थ से सहमत'।

    पुरूष हूँ तो पशु मानसिकता कैसे रख सकता हूँ।

  14. बावला जी, अगर बहन रचना कह रही है तो आपको हटा देना चाहिए. आखिर हमें एक दुसरे का ख्याल रखना ही चाहिए. बाक़ी आपके विवेक पर निर्भर है.

  15. धन्य पाबला भाई – ई मेरी कहाँ से पाई ? क्या मैंने कभी बताई ? कौतूहलवश अभी जो देखा तो है पडी दिखाई !मिटा तो अभी इसे भाई -ऐसे माहौल में नहीं लेनी मुझे भी किसी की बधाई !कल किस किस को देता फिरूंगा सफाई !अभी तो महज कोई एक ही हैं बौखलाई ! फिर न कहियेगा देखो शामत आई !हद है ये बधाई भी हो चली हरजाई !

  16. मुआफ कीजिये पाबला जी मुझे लिखना चाह्हिये

  17. @ रचना जी,

    अगर आप मुझे जतला रही हैं कि
    this shows your own way of taking a simple request and really brings out your true colour
    तो आप खुद कौन से रंग दिखा रही हैं मेरी एक सामान्य सी अपेक्षा पर कि अब तक वहाँ बधाई दे चुके सुधी ब्लॉगरों में से यदि आधे से अधिक ब्लॉगर अपनी सहमति हिंदी ब्लॉगरों के जन्मदिन वाले ब्लॉग की उस पोस्ट को हटाने के लिए दे दें तो वह पोस्ट मिटा दी जाएगी।

    इतना बवाल क्यों?

    उन 18 में से मात्र 1 ही मुझे बता पाया है कि क्या किया जाए। बाकी सब मौन हैं और मेरी समझ में मौन की भी एक भाषा होती है। मैं ताउम्र प्रतीक्षा नहीं कर सकता। मामला 11 अक्टूबर की शाम तक नहीं सुलझा तो जैसा है वैसा ही रहने दिया जाएगा। मुझे इससे मतलब नहीं कि कोई किसी को फोन, ईमेल द्वारा प्रेरित करता है या नहीं।

    और सावधान रहें अब इस पोस्ट पर टिप्पणी करने वाले जो भी साथी, रोमन हिंदी या आंग्ल भाषा में टिप्पणी करेगा, वह टिप्पणी हटा दी जाएगी। चाहे वह कितनी भी सार्थक क्यों ना हो।

  18. कुछ भी हटाओ कुछ भी लगाओ आज सब माफ, 66 कमेंटस वाला लेख, जन्‍म दिन की बधाइयां, यह पोस्‍ट सेव हो चुकी उचित समय पर उचित निर्णय ले लिया जायेगा, ब्लागिंग में कल का दिन नारी दिवस के रूप में मनाने की सोची जाये,और यह केसा पुरूष समाज है आपको चटके क्‍यूं नहीं मिल रहे, इनको 41 चटके मिले, अरे चटके वालों दिखा दो तुम ही 1 में 4 रखते हो, फिर 4 की क्‍या आवश्‍यकता,

  19. @ कैरानवी जी,

    खेद है मेरे किसी ब्लॉग पर आपको चटका तंत्र नहीं मिलेगा 🙂

  20. @ रचना जी,

    आपकी द्वारा दी गई लिंक के साथ, इस पोस्ट के संदर्भ में, बहुत जल्द कोई व्याख्या नहीं आई तो वह लिंक हटा दी जाएगी

  21. मैं अपनी पुरानी सलाह वापिस लेता हूं आप इनमें से कोई भी पोस्‍ट और कोई भी टिप्‍पणी मत हटाइयेगा। पर मैं सोच में पड़ गया हूं और चिंतन कर रहा हूं कि जन्‍मदिन सिर्फ जन्‍म लेने के लिए ही होता है शायद फिर हम उसे मनाते क्‍यों हैं, जब वो हमसे रूठता ही नहीं है, हमारे जीने तक।

  22. @ रचना जी,

    मैं कह चुका हूँ कि रोमन हिंदी या आंग्ल भाषा में की गई टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी, सो हटा रहा.

  23. @ रचना जी,

    आपके द्वारा दी गई आपने स्वयं हटा ली है किन्तु व्याख्या रहित दूसरी लिंक अभी भी मौज़ूद दिख रही उसे मैं हटा रहा। खेद है।

  24. एक रहीम का दोहा याद आ गया
    खीरा का सर काट कर मलियत नमक लगाय
    रहिमन बिगडे मुखन को करियत यही सजाय
    आप ठीक कर रहे हैं ! कठोर होना पड़ता है ,अच्छे के लिए !
    खीर मीठा हो जाय इसलिए कुछ उपक्रम तो करना ही चाहिए !

  25. भारतीये संस्कृति के उपासक और
    आंगल भाषा के विरोधी अगर आप
    सच मे होते तो पाश्चात्य संस्कृति और
    अग्रेजी तिथि से ना तो जन्म दिन मनाते
    ना बधाई देते . दो कमेन्ट आपने
    मेरे इस लिये डिलीट किये क्युकी इंग्लिश
    मे थे बाकी मेने खुद कर दिये क्युकी
    आप जो कहते हैं मानते नहीं . हिंदी भाषा
    प्रेम तो आप का जग जाहिर हैं पर
    पाश्चात्य संस्कृति प्रेम से आप और
    आप जैसे जितने घिरे हैं वही जगह जगह
    जा कर अपनी मानसिकता का परिचय
    महिला के कपड़ो पर आ रहे लेखो पर
    तालियाँ बजा बजा कर देते है
    भारतीये संस्कृति मे जनम दिन मनाने
    की परम्परा ही नहीं हैं

  26. १ अप्रैल को चर्चा पर आपकी फोटो को
    ले कर जो बवाल हुआ था आज आप को
    "माल" बेचते दिखाया जा रहा कमेन्ट
    पढे उसी पोस्ट पर जिस का लिंक आप
    ने डिलीट किया हैं और आप को आपत्ति
    नहीं हैं वाह यही हैं आप की भारतीये
    संस्कृति

  27. @ अरविन्‍द मिश्रा

    खीर तो खुद में मीठी होती है

    खीरे को मीठा करना पड़ता है

    अब यह बतलायें कि

    सिर किस का काटें

    किसे मीठा बनायें
    ?

  28. पाबला जी,
    खेद है आपको मेरी बात बुरी लगी !
    मैं केवल इस लिए पोस्ट हटाने की बात कर रहा था क्यों की कोई बात ना होते हुए भी बात का बतंगड़ बन रहा है !
    यहाँ एक बात और स्पष्ट करना चाहूगा, यह मेरी भी समझ में नहीं आया लगभग २ महीने के बाद बात इतनी क्यों बड़ी ??
    बाकी ब्लॉग आपका है, मर्ज़ी भी आपकी !
    मैं सिर्फ़ आप को हो रही इस बेकार टेंशन से खुद टेंशन में हूँ और कोई बात नहीं !

  29. मेरा उस पोस्ट पर कोई कमेंट नहीं था सो मेरा कुछ भी कहना सार्थक नहीं है उस मामले पर.. पर अंतरजाल पर विचरने वालों को यह अच्छे से पता है कि अगर कोई पोस्ट डिलीट भी हो जाये तो उसके अवशेष कहां से निकाले जा सकते हैं.. सो आप हटायें चाहे ना हटायें, वह पोस्ट सभी के लिये उपलब्ध रहेंगे..

  30. पाबला जी,

    नई साईट बहुत-बहुत मुबारक हो, दुआ है कि यह भी कामयाबियों की उचाईयों को छुए और हिंदी ब्लोगर्स बंधुओं को खूब फायदा पहुंचाए!

इस लेख पर कुछ टिप्पणी करें, प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ