सपना मेरा, टूट गया

गुरूप्रीत सिंघ

सपना मेरा, टूट गया
5 (100%) 1 vote
Print Friendly, PDF & Email

मेरी वेबसाइट से कुछ और ...

सपना मेरा, टूट गया” पर 42 टिप्पणियाँ

  1. कैसे दें सांत्वना तुम्हें
    इस क्षति की कोई पूर्ति नहीं हो सकती

    दुखी, स्तब्ध और परमात्मा को कोसते हुये
    प्रणाम

  2. पाबला जी…..खबर दुखद है…हम जिसे पढने में असहज हो रहे होएँ आपने पहाड़ जैसे इस दुःख को सहा….गुरप्रीत सिंह का जाना….बेहद सुखद…अत्यंत असहनीय…..समझ नहीं आ रहा की सांत्वना के लिए अगर कहूं भी तो क्या कहूं…….यह दुःख शायद कोई भी कभी भी न बाँट सके….फिर भी इसका प्रयास करने मैं स्वयम आता लेकिन बिस्तर पर हूँ…पहले आँख का आपरेशन…फिर डाक्टर से आते सडक हादसा….घायल अवस्था में हूँ….फिर भी कोशिश करूंगा किसी न किसी तरह किसी न किसी के साथ अंतिम अरदास में पहुँच सकूं…….!…………—रेक्टर कथूरिया

  3. असहनीय दुःख लेकिन जीवन फिर भी जीना होता है….. इश्वर ऐसा दुःख किसी और पिता को न दे….

  4. सचमुच सपना टूट गया!

    वह सपना जो एक एक दिन गिन कर पूरे छब्बीस सालों से देखा गया हो! शायद ही समय ऐसे गहरे भाव भर सके? पिता के रूप में आपका पुत्र-विक्षोह दर्द-विदारक है……भगवान आपको इस आघात को सहने की शक्ति दें! सामर्थ्य दे!

    मेरी अश्रुपूरित श्रृद्धांजलि !
    टिप्पणीकर्ता Praveen Trivedi ने हाल ही में लिखा है: जो गुरु बसै बनारसी, सीष समुन्दर तीरMy Profile

  5. बेहद दुखद जिसकी कोई क्षतिपूर्ति नही ………बस इतना ही कह सकती हूँ ईश्वर आपको ये दुख सहने की शक्ति दे और गुरप्रीत की आत्मा को शांति प्रदान करे । हमारी संवेदनायें आपके साथ हैं।

  6. सोच ही रहा था की इस दुखद हादसे पर आपको क्या सांत्वना दूँ . तभी एक करीबी रिश्तेदार की दुर्घटना में हुई मृत्यु के बारे में पता चला . उनका भी अकेला बेटा २६ -२७ साल का ही था . जिंदगी कभी कभी बहुत कष्ट दे देती है .
    वाहे गुरु आपको शक्ति दे , इस हादसे से उभरने के लिए .
    विनम्र श्रधांजलि .

  7. शब्द घाव भर नहीं सकते…
    ईश्वर आपको एवं आपके परिवार को संबल दें…
    हमारे श्रद्धासुमन !!

    सादर
    अनु

  8. जो ईश्वर को प्रिय था !
    उसके लिए अनंत अशेष प्रार्थनायें !
    हौसला रखें !

  9. क्या बोलूं! पापाजी और माऊ के लिए हिम्मत तो रखनी ही होगी न आपको ?? …………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………..पापाजी और माऊ को लेके मेरे पास कुछ दिन के लिए आ जा मेरे वीरा!

  10. अत्यंत दुखद, किन शब्दों से सन्तावना दें समझ नहीं पा रही हूँ …बस इतना ही कह सकती हूँ ईश्वर आपको ये दुख सहने की शक्ति दे और गुरप्रीत की आत्मा को शांति प्रदान करे । मेरी संवेदनायें आपके साथ हैं।

  11. भावभीनी श्रद्धांजलि !

    गुरप्रीत की चेतना सदैव आपके साथ है पाबला साहब -शरीर तो नश्वर है -क्यों मोह करना अब !
    संभलिये परिवार को संभालिये ……

  12. बहुत ही दुखभरी खबर है … ईश्वर गुरुप्रीत को अपने चरणों में निवास दे …
    आप हिम्मत बनाये रक्खें …

  13. अत्यंत दुखद । हमारी संवेदनायें आपके साथ हैं।

  14. पाबला जी…..खबर दुखद है…हम जिसे पढने में असहज हो रहे होएँ आपने पहाड़ जैसे इस दुःख को सहा….गुरप्रीत सिंह का जाना….बेहद द:खद…अत्यंत असहनीय…..समझ नहीं आ रहा की सांत्वना के लिए अगर कहूं भी तो क्या कहूं…….यह दुःख शायद कोई भी कभी भी न बाँट सके….

    वाहे गुरु आपको इस दुख को सहने की शक्ति दें…….,विनम्र श्रद्धांजली
    टिप्पणीकर्ता अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने हाल ही में लिखा है: हमारा गर्व,हमारी भारतीय संस्कृति….My Profile

  15. जबसे इस बारे में सुना है, मैं स्‍वयं हतप्रभ हूं।

    हमारी हार्दिक संवेदना…. गुरप्रीत के लिए अरदास!

  16. बहुत दुखद घटना है पाबला जी. अपना दुख प्रकट करने के लिये मेरे पास तो शब्द ही नहीं हैं.
    टिप्पणीकर्ता वन्दना अवस्थी दुबे ने हाल ही में लिखा है: हम सब शोकाकुल हैं पाबला जी…My Profile

  17. सपना टूटने की आवाज़ दिल को गहरे तक भेद गयी जिसे बयान करने के लिए शब्द नहीं हैं … बस ईश्वर से बिनती है कि आपको इस दर्द को सहने की शक्ति दे….

  18. भावभीनी विन्रम श्रद्धांजलि !
    इस दुःख की घड़ी में हम सब आप के साथ हैं …..
    वाहे गुरु जी आप और आपके परिवार को दुःख सहने की शक्ति बक्शे …..
    और जाने वाली आत्मा को शांति …हरी ओम !

  19. ਘੱਲੇ ਆਏ ਨਾਨਕਾ- ਸਦੇ ਉਠਿ ਜਾਏ”
    बेहद दुखद, लेकिन ये सब इन्सान के वश से बाहर की बात हैं| आपके दुःख में हमें शामिल समझें| उस परमात्मा से अरदास कि गुरुप्रीत की आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे और आपको व परिवार के अन्य सदस्यों को इस असीम कष्ट की घड़ी में धैर्य और हिम्मत दे|

  20. विनम्र श्रद्धांजलि, आपके दुख में शरीक हूं पाबला जी। क्या कहूं कुछ समझ नहीं आता। ईश्वर आपको दुख सहने और परिवार को सहेजने की ताकत दे, ऐसी कामना है। आपको सब्र रखने के लिए बोलने वाले वो शब्द कहाँ से लेकर आऊं ? बड़ा मुश्किल होता है. ऐसे पलों में किसी को भी समझाना. पता नहीं क्यों भगवान भी इतने अच्छे व्यक्ति को ऐसे दुःख क्यों देते हैं ?
    ईश्वर गुरप्रीत की आत्मा को शांति प्रदान करे:-
    http://sachchadost.blogspot.in/2012/09/blog-post.html
    टिप्पणीकर्ता रमेश कुमार जैन उर्फ सिरफिरा ने हाल ही में लिखा है: हम कौन है ?My Profile

  21. बहुत दुखद समाचार है, भगवान जाने वाले की आत्मा को शांति दे , और परिवार को यह गम सहने की शक्ति दे

  22. बहुत दुःख हुआ इस हृदय-विदारक घटना को सुनकर। हमारी संवेदनाएँ।
    इस से पहले आपका ब्लॉगिंग का अनुभव भी जाना पिछली पोस्ट से। आशा है, आप ‘ज़िंदगी के मेले’ को पूरी जिजीविषा से जिएंगे और आगे बढ़ेंगे। आए तो हम थे इधर अच्छे ब्लॉगों की तलाश में, लेकिन उस बारे में बात फिर कभी करेंगे।

Comments are closed.