साबुन की सलामती ऐसे भी!

वह किराना दुकान से तब्दील हो कर वह सुपर बाजार की शक्ल में है अब. आम भारतीय परिवेश को संभाले नौकर भी लगभग वही हैं. मालूम सभी को है फिर भी कई बार मुझे किसी पैकेट को घूरते देख छेड़ने से बाज़ नहीं आते वे. कह ही डालते हैं कि क्या देख रहे हो महाराज, सस्ता ही है ये, महँगा नहीं 🙂

और मैं हमेशा मुस्कुरा कर कहता हूँ कि कीमत थोड़े ही देख रहा हूँ.

इस बार भी ऐसे ही टोका दुकान के पुराने नौकर ने. मैंने कोशिश की बताने की, कि भई मैं इस नए साबुन का TFM देख रहा. स्वाभाविक रूप से उसने कंधे उचकाए और अपने काम में मग्न हो गया.

मित्र मंडली में यह बात उछली तो जिज्ञासा भी तैर गई कि ये TFM क्या है? ज़ाहिर तौर पर लिखने का आग्रह भी आ गया.

TFM का पूरा अर्थ है Total Fatty Matter ! रसायन शास्त्र की भाषा में यह होता है Fatty Acid

साबुन हमारी दिनचर्या का एक हिस्सा बन चुका है. सामान्यत: हम टेलीविजन पर आने वाले विज्ञापनों को देख कर दैनिक उपयोग में आने वाले साबुन का चुनाव करते हैं। लाजिमी है कि इतनी जरूरी चीज का चुनाव करते समय हमें इसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। इसलिए यह जान लेना बेहद जरूरी है कि हमारा साबुन कैसा होना चाहिए।

साबुन स्नान

स्नान के लिए प्रयोग किये जाने वाले साबुन को उसमें समाहित TFM के आधार पर अलग अलग श्रेणियों में बांटा गया है और मोटे तौर पर कहा जाए तो किसी साबुन में जितना ज़्यादा TFM का प्रतिशत, वह उतना ही बढ़िया साबुन. निर्धारित मानदंडों के अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian स्टैंडर्ड्स -BIS) द्वारा मुख्यत: साबुन को दो वर्गों में बांटा गया है बाथिंग सोप और टॉयलेट सोप और टॉयलेट सोप वर्ग वाले साबुन को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है. ग्रेड 1, ग्रेड 2 और ग्रेड 3.

बोलचाल की भाषा के विपरीत, बाथिंग सोप निम्न स्तर के साबुन होते हैं जो हाथ धोने जैसे कार्य के लिए उपयोग किए जाते हैं. जबकि टॉयलेट सोप स्नान आदि के लिए उपयुक्त माने गए हैं. है ना हैरानी की बात? बाथिंग सोप नहाने के लिए नहीं माने जाते जबकि टॉयलेट सोप, टॉयलेट के लिए नहीं जाने जाते !

76% या अधिक TFM युक्त साबुन को ग्रेड 1 में रखा गया है; 70 से 76% TFM वाले साबुन को ग्रेड 2 और 60 से 70 % वाले TFM युक्त साबुन को ग्रेड 3 के रूप में वर्गीकृत किया गया है. ग्रेड 2 और 3 वाले साबुन में आयतन बनाए रखने के लिए भराव की उच्च मात्रा होती है. कभी कभी इन भराव के लिय एस्बेस्टोस जैसे तत्वों का उपयोग किया जाता है जो त्वचा पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं. ऐसे साबुन की पानी के साथ संपर्क में आने पर लिजलिजे हो जाने की प्रवृत्ति होती है और यह तेजी से गल जाते हैं..

इसके अलावा, ग्रेड 2, 3 वाले साबुन द्वारा झाग भी कम पैदा होता है. यह कंपनियों के लिय कम लागत पर अधिक लाभ का गणित है. दूसरी ओर, ऊँचे TFM वाले ग्रेड 1 साबुन, त्वचा पर कोमल होने के साथ साथ उच्च सफाई क्षमता प्रदान करते हैं.

मजे की बात यह है कि TFM के प्रतिशत का उल्लेख टॉयलेट सोप में तो अनिवार्य है किन्तु बाथिंग सोप में नहीं. वैसे तो भारत में बेहतरीन गुणवत्ता के साबुन बनते थे लेकिन जब सरकार ने महसूस किया कि खाने के तेल की खपत ऐसे साबुनों में बढ़ रही है और उसकी उपलब्धता कम होते जा रही जनता के लिए. तब 1985 में एक तरफ पामोलिव तेल का आयात शुरू हुआ और दूसरी ओर साबुन उत्पादकों को बाथिंग सोप के वर्ग में साबुन बनाने की अनुमति दे दी गई. सरकार के इस कदम से घरेलू उपयोग हेतु खाने के तेल की उपलब्धता बढ़ी व आयात नियंत्रण से विदेशी मुद्रा की बचत भी हुई.

वैसे तो एक तीसरा वर्ग भी है साबुन का – कार्बोलिक सोप! मतलब जानवरों को नहलाने का साबुन!! इस साबुन में TFM 60% या इससे भी कम होता है.

जब यह सब लिख रहा तो मैंने सोचा क्यों ना बाज़ार में मिल रहे साबुनों की पड़ताल भी कर ली जाए.

  • Park Avenue साबुन Park Avenue साबुन 76% TFM, Grade I
  • Nivea साबुन Nivea साबुन 70% TFM, Grade I
  • Cinthol साबुन Cinthol साबुन 76% TFM, Grade I
  • Himalaya साबुन Himalaya साबुन 76% TFM, Grade I
  • Lux साबुन Lux साबुन 72% TFM, Grade II
  • Margo साबुन Margo साबुन 71% TFM, Grade II
  • Lifebuoy साबुन Lifebuoy साबुन 60% TFM, Grade III, सबसे घटिया
  • Dove साबुन Dove साबुन कहीं कोई ज़िक्र नहीं TFM का
     

अपने पसंदीदा साबुन को छोड़ मैंने कुछ साबुनों का ब्यौरा देखा. निविया, लाइफबॉय, मैसूर संदल, हिमालया, लक्स, मार्गो, डॉव, पार्क एवेन्यू, सिंथॉल जैसे साबुन पकड़ में आए. इन सबका मामला ऊपर दिए गए स्लाइड्स में प्रतिबिंबित हो रहा है. यूं ही बताना हो तो TFM के आधार पर सबसे बढ़िया है मैसूर संदल और सबसे घटिया है लाइफबॉय

साबुन के इस मायाजाल पर भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट भी देखी जा सकती है. जिज्ञासुओं के लिए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्वायत्तशासी संस्था द्वारा साबुन और डिटर्जेंट पर जारी दस्तावेज देखा जा सकता है.

साथ ही साथ आप जायजा ले सकते हैं साबुन बनाने के लिए Soap Calculator का, इसी वेबसाइट पर How it works के सहारे जानी जा सकती है इसकी कार्यप्रणाली. साबुन पर डॉ अरविन्द मिश्रा ने भी एक ललित निबंध लिखा था अपने ब्लॉग पर – आप किस नहाने के साबुन का इस्तेमाल करते हैं? अब किस साबुन में TFM का प्रतिशत कितना है इसका सटीक परिणाम तो प्रयोगशाला में ही हो सकता है लेकिन एक सामान्य प्रक्रिया यहाँ क्लिक कर देखी जा सकती है.

आम तौर पर लोग सुगंध, पैकिंग और विज्ञापन से आकर्षित हो कर साबुन खरीदते देखे गए हैं लेकिन साबुन के साथ साथ अपने शरीर की सलामती तो भई TFM में ही है.

कुछ बताना छूट तो नहीं गया मुझसे?

© बी एस पाबला.

साबुन की सलामती ऐसे भी!
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साबुन की सलामती ऐसे भी!” पर 51 टिप्पणियाँ

  1. हमेशा की तरह एक और उपयोगी लेख । मुझे तो इन सब बातों का बिलकुल ही पता नहीं था और आईन्दा से साबुन भी देख भाल कर ही खरीदेंगे ।

    वैसे लाइफबॉय वालों ने तो एक करोड का चैलेंज दिया हुआ है 😉

    https://www.youtube.com/watch?v=1NfpG0nJFFc
    टिप्पणीकर्ता raj shekhar sharma ने हाल ही में लिखा है: How to analyze Yogas in Vedic Astrology ? Part OneMy Profile

    • Overjoy
      एक करोड़ का चैलेंज ! एकदम सही चैलेंज है राज जी
      जर्म प्रोटेक्शन में लाइफबॉय से बढ़िया साबुन कोई नहीं

      पाठक देखें तो यह वीडियो आखिर तक देखें
      https://www.youtube.com/watch?v=UrHJKDp609Q

  2. हम पतंजली के साबुन उपयोग करते हैं, टीएफएम देखना पड़ेगा
    टिप्पणीकर्ता विवेक रस्तोगी ने हाल ही में लिखा है: क्रेडिट कार्ड हो या डेबिट कार्ड पिन जरूरी (Credit Card or Debit Card pin is mandatory now)My Profile

  3. आँखे खोलने वाला और उपयोगी लेख !
    लाइफबॉय साबुन जो जानवरों के नहाने का है, हिंदुस्तान लीवर ने यह भारत के मनुष्यों पर अप्लाई कर रखा है, शायद वह भारतियों को जानवर समझती हो !!
    कभी टूथपेस्ट पर भी इसी तरह का लेख लिखें !!

    आपकी पारखी नजर को सलाम !
    टिप्पणीकर्ता रतन सिंह शेखावत ने हाल ही में लिखा है: वीर दुर्गादास राठौड़ : स्वामिभक्त ही नहीं, महान कूटनीतिज्ञ भी थाMy Profile

      • आपने अपने फेवरेट साबुन का नाम तो बताया ही नही

  4. हमारे एक मित्र जो कभी जॉनसन एंड जॉनसन में काम किया करते थे। उनका कहना था,साबुन बिना एनिमल चर्बी के नहीं बनता। हा एक साबुन पीअर है जो ग्लिसरीन द्वारा निर्मित है।
    पहले पहल साबुन में वनस्पति तेल का इस्तमाल हुवा करता था। चुकी चर्बी तेल से सस्ती है,इस लिए इसका इस्तमाल होने लगा है। बहुदा आज कल साबुन रसायनिक(सिंथेटिक) तरीके से बनने लगा है। सस्ता होने के बावजूद महगा बिकता है।
    जानकारी के लिए धन्यवाद।

  5. Approve
    बहुत सी बातें हैं जिन पर एकाएक कोई विश्वास ना करे

  6. इस साइट पर जब भी आते हैं कुछ नया सीखकर जाते हैं। हम तो अब cinthol से नहा करेंगे 🙂

  7. आजकल बकरी के दूध से बने साबुन से नहाता हूँ। लोकल किसान मेले से ख़रीदा था, आजमाइश के लिए। घर जाके TFM देखना पड़ेगा। और Glycerin साबुन का भी कोई TFM होता है क्या?

    • Smile
      स्थानीय स्तर पर बने साबुन भी बढ़िया होते हैं
      मेरे एक परिचित घर पर ही बनाते हैं अपनी पसंदानुसार साबुन

      ग्लिसरीन तो हर साबुन में रहता है, किसी में कम किसी में ज़्यादा
      और बाथिंग बार में TFM का उल्लेख लाज़िमी नहीं

  8. श्री मान जी धन्यवाद
    आप ने अच्छा लिखा , बड़ा खेद हैं. हिन्दुतानियों की मानसिकता पर क्योंकि सोये हुए को तो जगाया जा सकता परन्तु जागे को कैसे जगाएं. हिन्दुस्तान का उपभोगता बहकता बहुत जल्दी और भूलता भी जल्दी. बस दुखो का मूल कारण ये ही हैं.

  9. अच्छी जाकारी ही नहीं बेहद जरुरी भी इसके लिए कोटि आभार l
    बहुत लाभ दायक होगा अगर टूथ पेस्ट के बारे मैं भी ऐसी ही कोई जानकारी देंगे तो जो श्री रतन सिंह जी भगतपुरा जी ने भी निवेदन की है l

  10. पाबला साहब हमेसा की तरह एक और शानदार लेख पढ़कर मजा आ गया

  11. साबुन की बारे में बहुत ही लाभप्रद जानकारी …हम वैसे तो लक्स साबुन लेते हैं लेकिन TFM के बारे में कभी जानने की कोशिश ही नहीं की …. अब जरूर देखकर खारीदूंगी…बाथिंग और टॉयलेट वाले साबुन के बारे में जानकारी नहीं थी ….
    धन्यवाद ..

  12. बहुत बढिया जानकारी….. टी.वी. पर विज्ञापन देख कर साबुन पसन्द करने वालों की तो आंखें खोलने वाला बेहतरीन लेख…

  13. Respected pablaji,
    I came suudenly across yoyr blog via facebook ,truly it is one of the happiest day in my life , your write ups are realy wonderful & informative alsothey are also in that way that directly touches the heart , today i tried atleast 20-30times to talk to you to congratulate you by myself for this great acchivement , ibelieve that voice is the best mode of connectivity for eternal satisfaction, but yor r tata indicom no 9200———— always gave ma a off responce , ,i recide in jabalpur MP , i hope the god almighty surly give me achance to meet you for congratulte you personnally ,
    with regards
    mahesh
    9425864454

  14. THANK-YOU
    आपसे बातें कर अच्छा लगा
    स्नेह बनाये रखियेगा

  15. इंदु पुरी जी का कमेंट ई-मेल पर मिला

    “55 saal baad de rhe hain ye jankari. 1959 se ab tkkk apni skin ka band bja diya hmne aur aapne ye jankari di toooo bhi abbb…….uffff !

    chliye apne bachcho ko bta dun ki TFM dekh kr saabun khride. :p

  16. TFM के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी तो थी पर आप के इस लेख से बहुत ही ज्यादा और महत्वपूर्ण जानकारी मिली ,….. इसके लिए धन्यवाद सर 🙂

  17. Pabla ji namskar
    Sir maine aapki lekh padhi aur mai usse santust bhi hu par kuchh bate mere man me hai jinhe aap samadhan kar ki jitna bhi market mai bathing bar likha soup aata hai hylen premium bathing bar with cocoa & milk ya fir alovera ka usme T F M darshaya nahi jata ye soup nahane ke liye use kar sakte hai ki nahi kripya uttar deve
    टिप्पणीकर्ता Hemant kumar sahu ने हाल ही में लिखा है: जब मोबाइल को चैन से बांध कर सो गया मैं !My Profile

    • Thinking
      किसी साबुन का नाम हो तो आसानी होगी मुझे

  18. बहुत उपयोगी जानकारी। TFMका सम्बन्ध झाग से होता क्या?

  19. सर अब सिंथोल से भी अच्छी साबुन आ गई है ASSURE साबुन इसकी त्फ्म 78 % है

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