सारी दोपहर गुजरी डॉग शो में

पिछले रविवार, 22 जनवरी की सारी दोपहर गुजरी भिलाई में हुए 14 वें डॉग शो में

लगभग हर डॉग शो के माहौल में हमारा सारा परिवार बड़े ही शौक से शिरकत करता है. पिछले वर्ष 2011 में बदली परिस्थितियों के कारण इसका आनंद नहीं ले सके थे. इस बार भी जब पहुंचे तो देर हो ही गई थी

कोशिश की थी मोबाईल द्वारा इंटरनेट पर इसके जीवंत प्रसारण की लेकिन एक सेटिंग गलत हो जाने की वज़ह से वीडियो अस्पष्ट रहा.

जिसके पास फटकते अच्छे अच्छों की रूह कांप जाए ....

नीचे दी गए स्लाइड शो में 2010 के कुछ चित्र भी शामिल हैं. देखिए इंसानों के सबसे वफादार साथियों की तस्वीरें. यदि स्लाइड शो काम ना करता दिखे तो इस लिंक पर क्लिक कर चित्र देखे जा सकते हैं

 

आपने किसी डॉग शो का आनंद उठाया है?

सारी दोपहर गुजरी डॉग शो में
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सारी दोपहर गुजरी डॉग शो में” पर 29 टिप्पणियाँ

  1. मैं आज तक किसी डॉग शो में नहीं गयी, पर बड़ा मन है जाने का. अभी इन तस्वीरों का आनन्द उठा रही हूँ.
    टिप्पणीकर्ता aradhana ने हाल ही में लिखा है: दिए के जलने से पीछे का अँधेरा और गहरा हो जाता है…My Profile

    • Tears
      जबकि ये दोनों हमारे अस्तित्व और व्यक्तित्व के आधार हैं

      सन्दर्भ:
      हमारा इस दुनिया में आना और इस दुनिया से (युधिष्ठिर का अपने साथी सहित) सरीखे जाना

  2. हम तो भैय्या अपने डॉग को देखकर ही डॉग-शो का अरमान पूरा कर लेते हैं[ लेब्राडोर है]। इतनी मश्शकत के बाद कुछ प्राइज़-वाइज़ मिला कि नहीं?
    टिप्पणीकर्ता चंद्र मौलेश्वर ने हाल ही में लिखा है: शुद्ध हास्यMy Profile

  3. सचमुच बड़े खतरनाक दिखाई दे रहे हैं सभी डॉग. हमने भी नहीं देखा कोई डॉग शो 🙁 🙁
    टिप्पणीकर्ता वन्दना अवस्थी दुबे ने हाल ही में लिखा है: सूरजप्रकाश जी, किताबें और रश्मि…..My Profile

  4. सभी तस्वीरें अच्छी हैं । सभी श्वान सुन्दर हैं और उनके साथ आये हुए मनुष्य भी । इस प्रतियोगिता का परिणाम क्या हुआ ? आपके लेब्राडोर को ( उसका नाम भूल रहा हूँ , उससे अभी मेरा परिचय नहीं हुआ है ना ) अनेकानेक शुभकामनायें ।

  5. डाग शो कभी देख नहीं पाया , पर आफिस में बैठे बैठे आपके ब्लॉग में ही देख लिया , बहुत बहुत धन्यवाद . वैसे अभी मेरे पास जर्मन शेफर्ड है २-२.५ साल का है जो बहुत शरारती भी है, और समझदार भी

  6. डॉग शो में बिच यानी कुतिया भी शामिल होती है या नहीं या यहाँ लिंग भेद है ? वैसे कुतिया तो बड़ी सुन्दर लगाती होगी श्वानो को !

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