चमकता सूरज, दमकता घर

इस बार जब पंजाब गया तो आवश्यक काम जल्द ही निपट गए और अनचाही फुरसत मिल गई. इसी के चलते चचेरे भाई से ढेर सारे पारिवारिक सामाजिक आर्थिक मुद्दों पर चर्चा हुई.

एक बात से वह चिंतित दिखा कि बिजली का बिल बहुत ज़्यादा आता है. इस बार उसे करीब साढ़े चार हजार का भुगतान करना पड़ा था जो कि दो माह का बिल था. हालांकि वह अकेला ही है बड़े से घर में और घर में रहते हुए जिस भी क्षेत्र में रहता है उस कमरे की एकाध सीएफएल ही जलती है. हाँ, टंकी में पानी चढ़ाने के लिए ज़रूर पंप चलाना पड़ता है. लेकिन इतने भर से भी तो चार चार हजार रूपये का बिल आना माथे पर बल डाल देता है.

बात उसकी सही भी थी. पिछले दस वर्षों में वहाँ बिजली की दरें तीन गुनी हो चुकी हैं. 2014-15 वित्त वर्ष के लिए प्रति यूनिट दर औसतन 6 रूपये है. 5 हॉर्स पावर का पंप एक घंटा भी चले तो 25 ₹ तो पक्का. 30-35 वाट की एक सीएफएल 24 घंटे जल कर 6 ₹ खर्च करवा ही देगी. फ्रिज तो रात दिन चलता है, वह भी 24 घंटे में 24 ₹ तो खा ही जाएगा और अगर ऊपर बर्फ जमी हो तो इससे भी ज़्यादा की ज़रूरत होगी.

वो गुणा-भाग करते रहा लेकिन कोई निष्कर्ष ना निकाल पाया. बातों ही बातों में उसने कुछ खेतों में सिंचाई के लिए लगे सोलर पंप का ज़िक्र किया तो मुझे याद आया कि घरों के लिए भी कम खर्च वाले ऐसे कई उपाय हैं. वही मैंने उसे बता दिए.

सोलर गेट लाइट्स

सबसे पहले ज़रूरी है लोहे के बड़े से गेट की दोनों और लगी लाइट्स. वैसे इनमें ‘भारी’ प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती, बस एक सजावट-दिखावट ही है. सोलर लाइट्स वाली यह गेट लाइट्स, दिन भर सूर्य देवता से ऊर्जा प्राप्त करती हैं, उन्हें खुद में समाहित बैटरी में संचय करते रहती हैं, सूरज ढलते ही जलती और सूरज उगते ही बुझ जाती हैं. दिन भर सूरज अपनी कृपा ना भी करे तब भी पूरी क्षमता के लिए चार घंटे की रोशनी काफी है.

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ईबे, फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर 2 वाट से 20 वाट की क्षमता वाली यह लाइट्स प्लास्टिक/ एल्युमीनियम/ कास्ट आयरन/ स्टेनलेस स्टील से बनी अलग अलग आकारों में 500 से 6000 ₹ में उपलब्ध हैं.

इन्हें स्थापित करना बेहद आसान है. सीमेंट/ लकड़ी पर या तो आधार के चारों कोनों के छिद्रों में स्क्रू कस दें या फिर सामान्यतया गेट लाइट के लिए लगाए जाने वाले पाइप के मुहाने पर फिट कर  दें. स्वाभाविक तौर पर ऐसे स्थान पर सूरज की रोशनी तो पहुँचती ही है. 😀

आँगन की सोलर लाइट्स

कई वर्षों पहले हॉलीवुड की किसी विज्ञानं गल्प फ़िल्म में मैंने देखा था कि एक व्यक्ति दौड़ता हुआ किसी सुरंग से गुजरता है, जहाँ जहाँ उस व्यक्ति के कदम पड़ते हैं उसके आगे की चंद लाइट्स जलती जाती है और जैसे जैसे वह व्यक्ति आगे बढ़ता जाता है वैसे वैसे उसके पीछे की लाइट्स बंद होती जाती हैं. भले ही उस सुरंग में सैकड़ों लाइट्स रही होंगीं लेकिन एक बार में उस व्यक्ति के आगे पीछे की दो चार लाइट ही जलती थीं.

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सूरज देवता की मेहरबानी से अब आँगन और चहारदीवारी के लिए ऐसे अनोखे सोलर चार्जिंग वाले साधन आ गए हैं जो अपने आप ही अंधेरा होने के बाद अपनी रोशनी सुबह होते तक बिखेरते हैं, लेकिन आपने अगर चुना है तो वे तभी जलेंगे जब उसके आसपास कोई व्यक्ति आ खड़ा हो और खुद ही एकाध मिनट में बंद हो जाएंगे.

इन लाइट्स को आप चाहें तो चहारदीवारी के अंदरूनी हिस्से में एक कतार में लगा लें, छत पर नीचे आती रोशनी के लिए लगा लें या फिर सजावटी तौर पर कहीं और! अलग अलग निर्माण सामग्री, आकार, प्रकाश तीव्रता के अनुसार इनकी कीमत 500 से 2000 ₹ के बीच है. इन्हें भी ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर पाया जा सकता है.

इन्हें कहीं भी लगाना आसान है. अधिकतर लाइट्स ऐसी होती हैं जिन्हें दो या चार स्क्रू कस कर अपने मनमुताबिक शैली में किसी भी ऊँचाई पर ऐसी जगह लगाया जा सकता है जहाँ सूरज की भरपूर रोशनी आती हो.

मुझे याद है जब मैं अपने घर के लिए, टुच्चे से प्लास्टिक से बने दो गेट लाइट्स का ढांचा ले आया था 1100 ₹ में और फिर दोनों में 300 ₹ की सीएफएल लगाईं, घर के अंदर तक दीवारों की शोभा खराब करते वायरिंग की, स्विच लगाया. दिन में बंद रहने, रात को जलने के लिए 500 ₹ में ऑटोमेटिक स्विच का इंतज़ाम किया. अब भी हर महीने इन लाइट्स के लिए बिज़ली खर्च करनी पड़ती है. 🙁

घर के सोलर लाइट, पंखे

आजकल घर के भीतर की कम से कम आवश्यताएं हैं लाइट, पंखे.और मोबाइल चार्जर. लाइट्स के लिए तो बहुत से विकल्प हैं बाज़ार में. टेबल लैंप से ले कर छत में फिट होने वाली विभिन्न आकार प्रकार के सैकड़ों उपाय मिल जाएंगे आपको. कथित नाईट बल्ब हो या चकाचौंध कर देने वाली रोशनी. सभी तरह की लाइट्स बाज़ार में उपलब्ध हैं. सोलर पैनल सहित कीमत 100 से 10,000 ₹ तक. 3 वाट, 60 एलईडी, 2 फुट वाली ‘ट्यूबलाइट’ बैटरी और सोलर पैनल सहित 2000 ₹ की आ जाती है.

छत में लगने वाले पंखें हों या टेबल फैन हो या बड़े पेडस्टल पंखे. सभी को सोलर ऊर्जा द्वारा बड़े आराम से चलाया जा सकता है. एक सोलर सीलिंग पंखा वैसा ही काम करता है जैसा कि आम पंखा, आकार और क्षमता के हिसाब से सोलर पैनल सहित यह पंखे 2000 से 5000 ₹ के बीच मिल जाते हैं.

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लाइट्स और पंखों की फिटिंग तो परंपरागत तरीके से की जा सकती है लेकिन सोलर पैनल को किसी ऐसे स्थान पर लगाया जाना चाहिए जहाँ सूरज की भरपूर रोशनी आती हो और उसे लगाए जाने का कोण ऐसा हो जिससे सौर किरणें अधिकतम समय तक पड़ती रहें और उस सोलर पैनल से तारें घर के अंदर तक लाइट्स/ पंखों तक लाई जा सकें

ऐसे लगभग सभी उपकरणों के साथ 5-7 मीटर की तारें और सोलर पैनल लगाने के लिए दीवारों पर स्क्रू लगाने का साधन या फर्श पर रखे जाने के लिए उपयुक्त फ्रेम दिया जाता है.

सोलर मोबाइल चार्जर

सूरज की रोशनी से चलने वाले मोबाइल चार्जर भी अलग अलग तरह के आते हैं.

800 ₹ वाला यह सोलर मोबाइल चार्जर ज़रूरत पड़ने पर यूएसबी से भी चलता है. 860 ₹ वाला यह पोर्टेबल मोबाइल चार्जर बरसात के दिनों की स्थिति में घर की बिजली से भी ऊर्जा ले सकता है. 2000 ₹ वाले इस चार्जर में टॉर्च और स्पीकर सहित एफएम रेडियो भी है.

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मूल रूप से तो इन सभी उपकरणों में बैटरी ही लगी होती है जो सूरज की रोशनी से चार्ज होती है. लेकिन अब ऐसे भी उपकरण आ गए हैं जिनसे घर में लगे सामान्य बिजली के पंखे और लाइट्स चलाई जा सकती हैं.

इनके छोटे से सोलर पैनल धूप में रखे जाने चाहिए जहां से आने वाली उपयुक्त लंबाई की तार साथ ही दी जाती है. ज़रुरत हो तो खुद ही अधिक लंबाई की तार जोड़ लें.

सोलर इन्वर्टर

850 VA वाला एक्साईड का यह सोलर इन्वर्टर/ यूपीएस 9,900 ₹ का है. दिन भर यह सूरज की रोशनी से चार्ज करता है बैटरी को और अगर रात को ज़रूरत पडी तो अपना दिमाग लगा कर घर की बिजली का उपयोग करता है. ज़्यादातर तो सोलर ऊर्जा ही इसे भाती है बिजली तो बस इमरजेंसी के लिए ही है.

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ऐसा ही काम 8,200 ₹ में मिलने वाला सु-काम का यह हाइब्रिड इन्वर्टर/ यूपीएस करता है.

इतना सुनते ही चचेरे भाई के चेहरे पर मुस्कराहट आ गई. उसने जिज्ञासा प्रकट की कि अपने पास तो इन्वर्टर भी है और बैटरा भी. तो क्या सोलर प्लेट्स ले लेने भर से काम नहीं चल जाएगा? उसने यह भी बताया कि आसपास के खेतों में जो पिछली बार मैं सोलर ट्यूबवेल देख कर गया था, उन सबकी सोलर प्लेट्स चोरी हो चुकी हैं. यह प्लेट्स फिर ऐसे ही घरेलू इनवर्टर के लिए उपयोग में लेते हैं लोग.

मैंने उसे बताया कि 565 ₹ में 5 वाट की क्षमता से ले कर 60,000 ₹ में मिलने वाले 1000 वाट के सोलर पैनल बाजार में उपलब्ध हैं. जिनकी फिटिंग किसी जानकार से ही करवाई जानी चाहिए क्योंकि स्थान और आवश्यकतानुसार इनके लिए खास तरह के लोहे/ एल्युमीनियम के फ्रेम की ज़रूरत होती है.

साथ ही साथ मैंने उसे चेता दिया कि इन इकलौती सोलर प्लेट्स का कोई मतलब नहीं. इनके साथ सोलर चार्ज कंट्रोलर भी लगने चाहिए. उनकी कीमत अलग होती है. इनका काम सोलर पैनल, बैटरी और लोड के बीच सामंजस्य बिठाना है. चाहो तो रेगुलेटर कह लो. क्षमतानुसार इसकी कीमत शुरू होती है 400 ₹ से. इसे कहीं भी दीवार पर फिट किया जा सकता है.

इसका उपयोग इस वीडियो से समझा जा सकता है

चचेरे भाई ने एक मुस्कान के साथ प्रश्न किया कि एयरकंडीशनर भी चल सकता है क्या? मैंने भी हँसते हुए कहा कि घरेलू बिजली से चलने वाले एयरकंडीशनर सरीखे सोलर ऊर्जा से काम करने वाले एसी भी हैं लेकिन उनकी कीमत 4 गुणा है सामान्य से. अब बिजली वाले को ही चलाना हो तो बात अलग है.

जहाँ पेट्रोल पंप चल सकते हैं सोलर प्रणाली से वहाँ ये एसी क्या चीज है! हमारे दिनेशराय द्विवेदी जी के कोटा, बारां में ही इंडियन आयल के पेट्रोल पंप हैं जो सूरज की रोशनी से चलाए जाते हैं.

एक सहज उत्सुकता के चलते मैंने यह भी बता दिया कि कितनी रोशनी के लिए कौन से उपाय में कितनी बिजली खर्च होती है.

प्रकाश की इकाई एल ई डी
सी ऍफ़ एल
साधारण बल्ब
Lumens
तो हमें इन वाट्स वाले प्रकाश स्त्रोत खरीदने होंगे
>>>>>>>>>
वाट्स
वाट्स
वाट्स
450
4 – 5
8 – 12
40
750 – 900
6 – 8
13 – 18
60
1100 – 1300
9 – 13
18 – 22
75 – 100
1600 – 1800
16 – 20
23 – 30
100
2600 – 2800
25 – 28
30 – 55
150

मेरे सुझाये उपायों से सहमति जताते यह भी पूछ लिया गया कि इन सोलर साधनों पर सरकार की ओर से कोई छूट/ सब्सिडी भी मिलती है क्या ?

मैंने बताया कि छत्तीसगढ़ में तो क्या छूट है मुझे पता है. पंजाब का देखना पड़ेगा.

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छत्तीसगढ़ राज्य की विस्तृत सब्सिडी जानकारी के लिए इसी पर क्लिक करें

अब तो पंजाब चंडीगढ़ सहित कुछ अन्य राज्यों ने भी अब उस नेट मीटरिंग नीति को लागू कर दिया है जिससे कोई भी नागरिक अपना खुद की सोलर ऊर्जा आधारित प्रणाली स्थापित कर, ग्रिड से जोड़ सकता है और अपने उपयोग के बाद बची हुई बिजली को बेच भी सकता है. बेचने पर उसे प्रति यूनिट 7.75 की कमाई भी होगी.

बाद में मैंने देखा कि सोलर प्रकाश अपनाये जाने की नीतियों और दिशानिर्देशों के अनुसार भारत सरकार के नवीन और अक्षय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy -MNRE) द्वारा सोलर उपकरण की कीमत पर 40 प्रतिशत की सब्सिडी देती है और उसके बाद हर राज्य सरकार अपनी अलग सब्सिडी उपलब्ध कराती है .

लेकिन यह सब्सिडी भी उन्ही को दी जाती है जो इस मंत्रालय द्वारा अधिकृत  निर्माताओं के बनाए उपकरण खरीदते हैं. केन्द्रीय सब्सिडी के लिए इनकी सूची का पहला हिस्सा यहाँ और दूसरा हिस्सा यहाँ पाया जा सकता है. ऐसे उपकरण बेचने के लिए अधिकृत वितरकों की सूची यहाँ पाई जा सकती है.  अन्य वैकल्पिक ऊर्जा संबंधित उत्पादकों/ वितरकों आदि की जानकारी यहाँ पाई जा सकती है.

सब्सिडी लेने के लिए संबंधित व्यक्ति का राष्ट्रीकृत या अधिसूचित बैंक में खाता होना ज़रूरी है. 40% सब्सिडी के बाद बचे 60% की राशि का ऋण भी लिया जा सकता है. ऋण भी तब मिलेगा जब प्रक्रियानुसार कोटेशन, वितरक द्वारा मंत्रालय द्वारा जारी मान्यता प्रमाणपत्र, TIN नंबर आदि प्रस्तुत किये जाएँ.

इस संबंध में अधिक जानकारी राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक -NABARD द्वारा जारी इस दस्तावेज़ और नवीन और अक्षय ऊर्जा मंत्रालय -MNRE द्वारा जारी इस दस्तावेज को देखा जा सकता है.

वैसे तो दिल्ली हरियाणा और महाराष्ट्र की राज्य सरकारें, कुल कीमत पर केंद्र सरकार की 40% सब्सिडी के अलावा लगभग 30% की अतिरिक्त सब्सिडी देती हैं, मतलब कुल कीमत का 70% सरकारें देंगी 😀 लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार अपनी ओर से कोई सब्सिडी नहीं देती. सौर उर्जा उपकरणों पर सबसे ज्यादा वैट उत्तर प्रदेश में ही है.

सोलर वाटर हीटर

मैंने उसे सोलर वाटर हीटर के बारे मैं भी बताया. पंजाब जैसे प्रदेशों में ठण्ड के दिनों में तो इसकी ख़ास ज़रुरत होती है. सामान्य दिनों में भी इससे मिलने वाले गर्म पानी से soalr-water-heaterखाना पकाया जा सकता है, चाय बनाई जा सकती है, कपडे धोये जा सकते हैं, नहाया जा सकता है 😀

उत्तर भारत के राज्यों में 100 लीटर वाले सोलर वाटर हीटर की कीमत लगभग 18,000 ₹ है. इस पर 4500 ₹ की सब्सिडी देती है केंद्र सरकार. इसके अलावा दिल्ली सरकार 6000 ₹ की अतिरिक्त सब्सिडी देती है. मतलब कि कोई भी आम आदमी 18,000 ₹ की बजाए मात्र 7500 ₹ में यह सोलर वाटर हीटर लगवा सकता है.

लेकिन हरियाणा में घरेलू इस्तेमाल के लिए 100 लीटर के वाटर हीटर लगाने के लिए 9500 ₹ चुकाने पड़ेंगे क्योंकि हरियाणा सरकार इस खरीदारी पर 4000 ₹ की सब्सिडी देती है

सोलर हीटर 15 साल तक काम करता है. सिर्फ इसे हर साल सर्विस कराने की जरूरत होती है.

इतनी सारी जानकारियां एक साथ पा कर चचेरा भाई तो भौंचक्का रह गया. लेकिन मैं आपसे पूछना चाह रहा कि कुछ छूट तो नहीं गया?

© बी एस पाबला

चमकता सूरज, दमकता घर
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चमकता सूरज, दमकता घर” पर 43 टिप्पणियाँ

  1. बहुत ही उपयोगी जानकारी – और कमाल की बात ये है कि मैं भी कुछ ऐसा ही करने की सोच रहा था जब आपकी पोस्ट के बारे में ईमेल आया । इ-बे पर सोलर पावर युक्त पानी के फाउंटेन की किट की कीमत देख रहा था और सोच रहा था कि ये कितना कामयाब होगा । आपका लेख तो बिलकुल सही मौके पर आया है । एक बार फिर से इतने उपयोगी और ज्ञानवर्धक लेख के लिए धन्यवाद ।

  2. बहुत अच्छी जानकारी पाबला जी .
    मैं भी इनमे से कुछ उपाय का इस्तेमाल करूँगा .
    धन्यवाद
    विजय
    टिप्पणीकर्ता vijay ने हाल ही में लिखा है: अमृत वृद्धाश्रमMy Profile

    • Smile
      शुक्रिया विजय जी.
      अपने अनुभव भी बताईयेगा

  3. जानकारी तो अच्छी है, पर घर का काफ़ी कुछ बदलना होगा। वैसे मुझे लग रहा है कि अब सोलर उर्जा का आश्रय लिया जा सकता है। लेकिन इसमें झंझट है, बैटरी पानी इत्यादि बदलने का। अब दोनों की तुलना करके देखना पड़ेगा कि कौन सी उर्जा सस्ती पड़ती है और तकलीफ़देह न हो। छोटा न्यूक्लियर प्लांट कैसा रहेगा? 😉
    टिप्पणीकर्ता चलत मुसाफ़िर ने हाल ही में लिखा है: नद्य: रक्षति रक्षित:, नद्य हन्ति हन्त:My Profile

    • Smile
      शुक्रिया मुसाफिर!

      छोटे घरेलू उपकरणों में तो ठोस निकल कैडमियम बैटरी ही लगती है. कैमरा सेल जैसे.
      बड़े प्लांट्स जैसे उपायों में Gel बैटरी दी जाती है जो लगभग मेंटेनेंस फ्री है. अब कोई खुद हो कर लेड एसिड बैटरी लगाए तो कोई क्या करे.
      घर में भी किसी ख़ास बदलाव की ज़रूरत नहीं. अगर हर कमरे के लिए अलग अलग एसी कूलर के लिए जुगाड़ कर सकते हैं तो इसके लिए क्यों नहीं?
      अगर बड़ा कुछ हो तो उसे सिर्फ मीटर बोर्ड तक ही तो लाना है.

      छोटा न्यूक्लियर प्लांट रहेगा तो बढ़िया 😀

      • बड़े भैय्या पाब्ला जी,
        मेरे द्वारा की गई टिप्पणी में आपके द्वारा की गई रंग बिरंगी टिप्पणी कार्टून सहित कब आएगी. यही बात सोच-सोचकर पिछले ६ महीनो से मुझे नींद ही नहीं आ रही है. मेरी टिप्पणी के नीचे आपका द्वारा दिया gaya रंग बिरंगा कार्टून देखकर मुझे बहुत ख़ुशी होगी. कृपया कीजियेगा.
        dhanyavaad

  4. बहुत बढ़िया जानकारी …मैं भी अपने घर में लगाने के बारे में विचार करता हूँ

  5. बहुत काम की जानकारी ..हम तो इतने गर्म प्रदेश में रहते हैं कि इनका उपयोग आसानी से कर सकते हैं ,पर अब तक किया नहीं …:-(
    टिप्पणीकर्ता अर्चना ने हाल ही में लिखा है: ठुमक -ठुमक “मायरा” चलतMy Profile

    • Heart
      शुक्रिया अर्चना जी
      कभी ना कभी शुरुआत तो करनी होगी

    • Smile
      शुक्रिया सुब्रमनियन जी
      भविष्य इसी तकनीक का है

  6. उपयोगी जानकारी ,यह तकनीक हर तरह से फायदेमंद है।

  7. हाइड्रोलिक एनर्जी ,पन चक्की एनर्जी का विकल्प है,सोलर सूर्य द्वारा उत्तपन एनर्जी,अब जो हमें इलेक्ट्रिसिटी मुहिया करवाते है,जैसे की रिलायंस/टाटा इत्यादि यदि इस प्रकार सोलर पैनल डाल के इलेक्ट्रिसिटी उत्तपन करेगे,तो क्या हमे सस्ती पड़ेगी.
    विदेशो में बिजली पनचक्की द्वारा उत्पन की जाती है,नुक्लेअर (अणु द्वारा उत्पन बिजली )ओर भी सस्ती है.
    आप ने एक अच्छी जानकारी उपलभ्द करवाई धन्यवाद.
    सर्दियों के दिनों में लन्दन जैसे शहर में सूर्य देवता दर्शन नहीं देते,फिर बिना सूर्य के हम इसे कैसे प्राप्त कर सकते है.?

    • Heart
      शुक्रिया हरिवंश जी
      जब हम अपने ही घर में इस उपाय को अपना सकते हैं तो रिलायंस/ टाटा का मुंह क्यों ताकना!

      तकनीक तो वहीँ कामयाब होगी जहां इसका रॉ मटेरियल होगा 😀

    • Heart
      हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया द्विवेदी जी

    • Heart
      मैं भी पहले चौंक गया कि ये क्या लिखा आपने !

  8. सोलर तकनीक के विषय में सार्थक जानकारी देता आलेख। सादर … अभिनन्दन।।
    टिप्पणीकर्ता हर्षवर्धन श्रीवास्तव ने हाल ही में लिखा है: प्रतिदिन फल एवं सब्जी का सेवन करें और हमेशा खुश रहेंMy Profile

  9. काफी अच्छी जानकारी दी है आपने.
    टिप्पणीकर्ता पत्रकार रमेश कुमार जैन उर्फ़ निर्भीक ने हाल ही में लिखा है: कुछ यात्राएँ निराशाजनक भी साबित होती हैMy Profile

  10. पाबला जी नमस्कार
    लेख बडा ही उपयोगी हे
    आजआज नव भरत टाइम्स में आपका यही लेख पढ़ा और हेरानी की बात की उसमे आपका अता पता तक नहीं था और मालूम हो गया की की किस तरह कापी पेस्ट का जमाना आ गया हे
    ये वो लिंक हे
    http://navbharattimes.indiatimes.com/other/sunday-nbt/just-life/how-to-reduce-your-electricity-bill/articleshow/45000770.cms

    • Heart
      शुक्रिया विनोद जी

      यह लेख अख़बार में अनुमति ले कर छापा गया है और टाइम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप इसके लिए भुगतान भी करेगा
      आपने जो वेब लिंक दी उसके पहले पैराग्राफ की आख़िरी लाइन में मेरा नाम है
      और ऐसा ही अखबार में किया गया है
      http://epaper.navbharattimes.com/epaperimages//02112014//02112014-md-de-11.pdf

  11. बहुत ही उपयोगी जानकारी दी है आपने । आपका साधुवाद । हम भी सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करते है । सोलर प्लेटस से बैटरी में ऊर्जा सचिंत की जाती है फिेर इन्वर्टर द्वारा उसका प्रयोग किया जाता है।

  12. सौर उर्जा के विकास के लिए अदम्य साहस से सरकारों लगना होगा । बहुत पहले गोबर गैस प्लांट भ्रष्टाचार के भेट चढ़ चुके है ।

  13. बहुत शानदार और काम कील जानकारी दी है आपने। अब घर में इस हिसाब से बदलाव करना होगा। बिजली की बढ़ती दरों के कारण यह जरूरी भी हो गया है।

  14. me kishan hu or mujhe sichai ke liye 5 hp kr pump ko chalane ki jarurat he kya iss bare me thoda margdarshan karenge me m.p. se hu yanha subsidy kitni he or iss plant ki cost kya rahegi kya regular pump jo hum use karte he vah v isse chal sakte he agar ye jankari uplabdh ho sake to badi asani hogi or ant me dher sari jankari k liye koti koti dhanyabaad

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