सोशल नेटवर्किंग के बाद, अब आया सोशल एक्सरे वाला चश्मा

बेशक आजकल इंटरनेट पर सोशल नेटवर्किंग का बोलबाला है लेकिन वास्तविक दुनिया में आने वाले किसी दिन कोई आपको अजीब सा रंगीन चश्मा पहन कर मिले तो ऊलजलूल बाते सोचना बंद कर दें, हो सकता है कि चश्मा पहनने वाला व्यक्ति आपके दिमाग को पढ़ ले। जी हां, ये कोई मजाक नहीं है, वास्तव में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की मीडिया लैब में ऎसे चश्मों पर शोध किया जा रहा है, जो सामने वाले के हाव-भाव, संवेदनाओं को जान सकेंगे। फिलहाल इस चश्मे का नाम सोशल एक्सरे ग्लास दिया गया है.

social xray glasses

तकनीक का एक रेखाचित्र, सौजन्य: newzreview.com

इसमें इन-बिल्ट कैमरा है, जो दूसरे व्यक्ति के चेहरे के भाव पढ़ेगा और उसका मिलान 24 जानी-पहचानी संवेदनाओं से करेगा। इस कार्यप्रणाली से सामने वाला व्यक्ति जो भी सोच रहा होगा, इसका तुरंत पता चल जाएगा। इसके जरिए व्यक्ति कब बोलना बंद करेगा, यह जानकारी भी चश्मा पहने व्यक्ति को पहले मिल जाएगी।

चश्मा को धारण करने वाले व्यक्ति को संदेश एक इयरपीस से मिलता रहेगा और चश्मे पर लगी बत्तियों सामने वाले व्यक्ति की मनोदशा की स्थिति से परिचित कराएंगी।

चश्मे में यातायात व्यवस्था में लागू होने वाली तीन रंगों की बत्तियों का समावेश किया गया है, जहां लाल बत्ती ऋणात्मक पहलू की ओर इशारा करेगी। जैसे सामने वाला व्यक्ति किसी के साथ डेट या डिनर पर गया है, तो लाल रंग की बत्ती से यह पता लग जाएगा कि उसकी डेट कितनी दुखद रही है। पीले रंग की बत्ती से व्यक्ति की मध्य स्थिति और हरे रंग की बत्ती से उसकी खुशनुमा स्थिति ज्ञात होगी।


(समाचार आधारित, तकनीक बताता वीडियो)

इस चश्मे के विकास में लगे शोधार्थी का कहना है कि वार्तालाप करते समय इस चश्मे को पहने वाले को “अतिरिक्त-इंद्रिय” की तरह अनुभव होंगे। वार्तालाप के दौरान चश्मे से संवादों की गति दिलचस्पी की तरफ जाएगी या फिर बोरियत में बदलेगी, इन बातों को भी संकेत पहले ही मिल जाएगा।

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह ट्रैफिक सिग्नल की तरह व्यक्ति को सूचित करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार लाल रंग नकारात्मक प्रतिक्रिया का प्रतीक है, एंबर रंग बताता है कि सामने वाला आपकी बात सुन रहा है। हरे रंग से पता चलता है कि सामने वाला आपसे बहुत खुश है। फिलहाल जो नमूना वैज्ञानिकों ने बनाया है उसमें चावल के दाने के बराबर कैमरा लगा हुआ है। इसे फ्रेम में फिट किया गया है। तार की मदद से इससे एक छोटा कंप्यूटर जुड़ा हुआ है, जो उपयोगकर्ता के शरीर में लगा होता है।

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सोशल नेटवर्किंग के बाद, अब आया सोशल एक्सरे वाला चश्मा” पर 10 टिप्पणियाँ

  1. विज्ञान ने क्या कसे क्या कर दिया ……!

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  7. न जाने कहाँ कहाँ घुस जायेंगे सब।

  8. रोचक और नई जानकारी…आभार.

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    'शब्द-शिखर' : स्लट-वाक और बे-शर्म लोग

  9. बाप रे .. अब आदमी ही आदमी को खत्म कर देंगा . पाबला जी , आपका बहुत शुक्रिया .

    आभार

    विजय

    कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html

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