हम फिर साथ खेलेंगे: महफ़ूज़ कह्ते रह गए और उनका बेटा चले गया

डॉक्टर ! मैं इस के बगैर नहीं रह सकता…….. कुछ भी करिए……. मैं इससे बहुत प्यार करता हूँ”……नहीं रह सकता मैं इसके बगैर………

पिछले साल फोन पर रोते हुए महफ़ूज़ के वो शब्द अब भी मेरे कानों में गूँजते हैं कि बहुत कुछ खोया है मैंने …. अब और नहीं ….. क्या सब मेरी ही किस्मत में लिखा है…. ? क्या मेरी ज़िन्दगी में सिर्फ खोना ही खोना है? बचपन में माँ खोयी… फिर पिताजी और अब??

अभी कुछ देर पहले महफ़ूज़ का फोन आया। आदतन मैंने ‘आई लव यू’ कह कर ठहाका लगाया तो प्रत्युत्तर में एक उदास सी आवाज़ आई कि पाबला जी, जैंगो नहीं रहा।

पिछले वर्ष दिसम्बर में महफ़ूज़ ने लिखा था कि जब भी घर में कोई मेहमान आता है, तो यह अपने खिलौने लेके पहुँच जाते हैं और बेचारा मेहमान डर जाता है. यह पूर्णतया शाकाहारी हैं, और टमाटर खाने के बहुत शौक़ीन हैं. आम बहुत चाव से खाते हैं. कार /बाइक देखते ही बैठने कि जिद करते हैं. यह सबको दोस्त ही समझते हैं. जब नाराज़ होते हैं, तो इनको मनाना बहुत मुश्किल काम होता है. यह मेरा सारा काम करते हैं, सिर्फ अगर इनसे पानी का ग्लास मंगवा लो तो रोने लगते हैं. यह मेरे साथ ही बिस्तर में सोते हैं, और इनको सर्दी में भी air conditioner चाहिए. जैंगो मेरा बेटा है. यह आजकल लखनऊ के एक नर्सिंग होम में भर्ती हैं. कृपया सब लोग दुआ करें कि जैंगो जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ….

आज उनका बेटा चले गया। मेरी भी आखों में आँसू हैं। इस दर्द को वही महसूस कर सकता है जिसने अपने किसी प्रिय को खोया है। जॉनी और डेज़ी के समय मेरा मन भी चीत्कार करता था। यह मूक मित्र होते ही ऐसे हैं।

परमात्मा से दुआ है कि जैंगो को अगले जनम में भी किसी अच्छे इंसान का साथ मिले।

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हम फिर साथ खेलेंगे: महफ़ूज़ कह्ते रह गए और उनका बेटा चले गया” पर 44 टिप्पणियाँ

  1. ओह दुखद खबर। महफूज को अभी फोन करती हूँ।

  2. ओह! ये तो बहुत बुरा हुआ…………महफ़ूज़ की तो जान था वो।

  3. कल बताया था उसने कि ऐसा होने वाला है ..भगवान उसे शक्ति दे ये दुःख झेलने की.

  4. इन बेजुबान-वफादार पारिवारिक सदस्यों के जाने का दुःख काया होता है? यह मैं भली-भाँति जानता हूँ!

  5. बेहद अफ़सोस की बात है । जैंगो सचमुच बड़ा प्यारा था ।

  6. मेरी भी आँखों में आँसू हैं… अभी कुछ ही दिन पहले कितनी खुशी-खुशी महफूज़ ने उसकी शादी की बात बतायी थी. मुझे अपनी कली की याद हो आयी.

  7. बड़ा दुख है हम सब के लिये। महफूज़ जी से बहुत बार जिक्र सुना था।

  8. बहुत ही दुखद खबर है …. महफूज भाई के दुःख में सहभागी हूँ ….

  9. बहुत मुश्किल होता है इस बात को समझना । महफूज़ से काफी समय से संवाद नहीं हुआ लेकिन उसके दुख को समझना मुश्किल नही।

  10. ईश्वर से प्रार्थना है वे जैंगो की आत्मा को शांति प्रदान करे व महफ़ूज़ कॊ दुख सहन करने की शक्ति…

  11. आप की पोस्ट पढ कर मै महफ़ुज का दर्द महसुस कर सकता हुं, कुछ दिन पहले हमाराहेरी भी यु ही चला गया था, ओर हम सब १० दिन तक बहुत उदास रहे थे अब भी उस की शरारते याद आती है, ओर दिल ही दिल मै रोते भी है, सब से ज्यादा मेरे नजदीक था, जेसे मेरी पूछ हो, महफ़ुज भाई हिम्मत रखे ओर हम सब खुदा से गुजारिस करते है कि अगर इस दुनिया मै दोवारा जन्म मिलता हो तो उसे एक अच्छॆ इंसान के रुप मे जन्म दे,यह जाते जाते बहुत दिल दुखा जाते है, सच मे यह हमे अपने बच्चो जेसा ही लगता है,आगे हिम्मत रखे

  12. ओह्ह्ह्ह ये तो बहुत दुखद हुआ.
    भगवान् उसकी आत्मा को शान्ति दे और महफूज़ जी को ये असीम दुःख झेलने की शक्ति प्रदान करे.
    मुझे इस दुःख का भली-भाँती एहसास हैं, मैं इस दुखद दौर से कई बार बड़ी मुश्किलों से गुज़र चुका हूँ.
    धन्यवाद.
    http://WWW.CHANDERKSONI.BLOGSPOT.COM

  13. बहुत दुखद..

    महफूज का दर्द महसूस कर सकता हूँ, मैने अहसासा है इसे.

  14. जैंगो से हमारी पहचान उतनी ही है जितनी महफूज़ जी से है…और महफूज़ जी को जो भी जानते हैं वो उनके बहुत क़रीब होते हैं…महफूज़ नाम ही है एक बहुत संवेदनशील व्यक्ति का…मुझे याद है, डोक्टर ने कह दिया था जैंगो का ठीक होना मुश्किल है…आपके पैसे ही खर्च होने हैं…लेकिन महफूज़ जी ने कहा था…आप पैसों की फ़िक्र मत कीजिये, जब तक मैं कर सकता हूँ करूँगा….ये बात तब की है, जब मैंने ब्लॉग्गिंग शुरू ही की थी, इस बात को भी अब एक साल से ऊपर हो गए….जैंगो हमेशा हॉस्पिटल में रहा…आख़िर डोक्टर ने जवाब दे ही दिया….रिश्तों की कद्र जितनी महफूज़ जी को है शायद ही किसी को हो…फिर चाहे वो कैसे भी रिश्ते हों…
    जैंगो नाम है एक दोस्त का…जिसे महफूज़ जी नहीं भूल सकेंगे…और शायद हम भी नहीं भूल पायेंगे….और फिर भूलना भी क्यों…जब वो इतना अच्छा दोस्त था तो…याद रखेंगे हम भी…लेकिन सिर्फ़ दोस्त की तरह नहीं…एक वफादार दोस्त की तरह…
    महफूज़ जी आपके दुःख में हम शामिल हैं ….हमेशा की तरह…

  15. यह मूक मगर मासूम जीव हमारे परिवार में सबसे अधिक प्यार करने वाले जीव हैं अगर तुलना की जाए तो हम इंसानों से हज़ारों गुना अधिक अछे ! महफूज़ अली को बहुत बड़ी क्षति हुई है ! परिवार के सदस्य की कमी की तरह ही दुखदायी है यह क्षति ! उनके आंसू हमारे शब्दों से नहीं पोंछे जा सकते !
    महफूज़ के संवेदनशील मन को ईश्वर शांत करे !

  16. जैंगो में महफूज़ की जान बसती थी…ऐसी ही परिस्थितियों में अभी राज भाटिया जी को गुज़रना पड़ा था…पाबला जी ने डेज़ी के जाने पर जो लिखा था, उसे भी कोई नहीं भूल सकता….जैंगो की तकलीफ़ और लाइलाज बीमारी को देखते हुए ही डॉक्टरों ने उसे हमेशा की नींद सुलाने का फैसला किया…

    जय हिंद…

  17. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  18. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  19. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  20. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  21. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  22. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  23. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  24. बहुत दुखद ..ऐसे मूक साथियों को जो साथ रखते हैं वो इस दर्द को भलीभांति महसूस कर सकते हैं …

  25. ओह दुखद खबर , पहले डेज़ी के बारे में सुना फ़िर हैरी और अब जैंगो …लगता है किसी की नज़र लग गई है …बहुत ही अफ़सोसनाक बात है । सच कहा सर , ये दुख वही समझ सकता है जिसने किसी साथी का साथ महसूस किया हो

  26. जबसे हमारे जैमी और डायना गये है तब से मैने पालना ही छोड दिया

  27. अत्यंत दुखद घटना है ! हमारी हार्दिक संवेदनाएं ! जब भी किसीके साथ ऐसा घटित होते देखती हूँ मेरे ज़ख्म भी हरे हो जाते हैं ! मुझे भी अपने बहुत प्यारे और दुलारे "सम्राट" की याद आ जाती है जो दो वर्ष पूर्व मुझे छोड़ कर चला गया ! उसके साथ तेरह वर्ष का समय कैसे बीत गया पता ही नहीं चला अब पल पल भारी लगता है ! महफूज़ जी को ईश्वर सम्हलने का हौसला दें यही पार्थना है !

  28. बहुत ही दुखद खबर है …. महफूज भाई के दुःख में सहभागी हूँ ….

  29. ham log bhi unke gam me shariq hain. maine isi dar ke chalte koi pet nahi liya. mere blog ka blogrol ud gaya, save ki hui template se bhi vaapas nahi aaya, kya koi aisa tarika hai jisse use vaapas paa sakoon.

  30. महफूज़!क्या लिखूं?क्या कहूँ?…

  31. I am speechless… is post ne mujhe mere dost kee yaad dila dee, uska naam Tony tha and wo mujhe meri bahut khas saheli ne mere janmdin par gift kiya tha… mai Mahfooj jee ka dukh samajh saktee hoon…

  32. ओह ! बहुत दुःख हुआ …..महफूज़ भाई के बज़ अपडेट से तो मैं कुछ और ही समझी थी डेट भी नहीं देखि थी ….ईश्वर जैंगो की आत्मा को शांति प्रदान करे

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