1996 के बाद का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान ‘लैला’: ताजा जानकारी

लैला का नाम तो आपने सुना ही होगा, मजनू के साथ! लेकिन यहाँ बात उस ‘लैला’ नाम के तूफ़ान की बात है जो आज सबको चिंता में डाल रहा है। खतरे का अंदाज़ शायद आप इसी बात से लगा सकते हैं कि 1996 के बाद से पहली बार इतना शक्तिशाली तूफ़ान आ रहा है और इसकी गति लगातार बढ़ती जा रही है।

तूफ़ान कितना शक्तिशाली है इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि जिस क्षेत्र में इस समय तूफ़ान है उसके केंद्र में 4.5 मीटर ऊँची लहरें उठ रही हैं और हवाओं की गति लगभग 102 किलोमीटर प्रति घंटा है. मौसम विभाग की बुलेटिन में कहा गया है कि तूफान उत्तर की तरफ बढ रहा है।

ताजा हालातों से रूबरू होते रहने के लिए नीचे दो चित्र दिए जा रहे हैं जो स्वयंमेव ‘कल्पना’ सेटेलाईट से लगातार अपडेट होते रहेंगे। दोनों चित्रों में, स्थिति का समय ग्रीनविच मीन टाईम में दर्शाया गया है जिसे भारतीय समय में बदलने के लिए साढ़े पाँच घंटे और जोड़ने होंगे। जैसे पहले चित्र में 20-05-2010 / 03:00Z अर्थात् 20 मई की सुबह 8:30 का चित्र तथा दूसरे चित्र में 20MAY2010 0100UTC अर्थात् 20 मई की सुबह 6:30 का चित्र
भारत का चित्र:
कुछ अधिक नज़दीक का चित्र:
भारतीय मौसम विभाग की ‘तूफ़ानी’ वेबसाईट का लिंक है: http://www.rsmcnewdelhi.imd.gov.in/index.php?lang=en
अपना व अपनों का ख्याल रखिएगा।
1996 के बाद का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान ‘लैला’: ताजा जानकारी
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1996 के बाद का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान ‘लैला’: ताजा जानकारी” पर 16 टिप्पणियाँ

  1. ओह ! यह तो आ ही चुका है ।
    बड़ा विध्वंसकारी है ।
    अच्छी जानकारी , सचित्र ।

  2. बहुत महत्वपूर्ण है.विध्वंस की यह जान कारी मानवता से लगाव है .धन्यवाद्.

  3. आभार, अपडेट देते रहें ! यह तो सचमुच भयानक लगता है !

  4. आज ही हमारे अखबार हरिभूमि में भी लैला की खबर है, जानकारी के लिए आभार

  5. पाबला जी,
    इक गल दस्सो…ये आफ़त के परकालों के नाम इतने खूबसूरत कौन रखता है…लैला, नर्गिस, कैटरीना…

    कोई बहुत ही पहुंचे कलाकार होंगे जिन्हें तबाही में भी हसीनाएं नज़र आती हैं…

    जय हिंद…

  6. नमन है आपको ! बहुत ही बढ़िया जानकारी भरी पोस्ट है !! बस दुआ है कि 'लैला' कम कहर बरपा करे ! चित्र वैसे कुछ और ही बता रहे है !!

  7. पाबलाजी, इस लैला से मैं प्रभावित हूं। आज हर कहीं लैला ही लैला चरचा में हैं। पर मजनू पर कोई बात नही करता। यह नाइंसाफी है।

    रोज रात को छत पर इस आस में सोता हूं कि आज लैला जरूर आएगी पर आती ही नहीं। मैं उस दिन के इंतजार में हूं जब लैला मेरे बरेली शहर में आएगी। तब लैला से बातें करूंगा। पूछूंगा कि अब तक कितनों को तबाह और बरबाद कर चुकी है।

  8. भाई जब १२ मिनट तक फोटो नहीं खुले तो वाह वाह करके जा रहा हूँ

  9. पाबला जी दोनो फ़ोटो नही खुल रहे, जानकारी अचछी दी आप ने, धन्यवाद

  10. प्रति घंटे चित्रों का अपडेट स्वयं ही होता है।

    चित्रों का ना दिखना मुझे भी महसूस हुआ है, किन्तु कुछ किया नहीं जा सकता, यह चित्र भारतीय मौसम विभाग के सर्वर पर हैं

  11. लैला से मुझ जैसे लोग, जो पक्के मकान में हैं, खुश थे कि चेन्नई में गर्मी से राहत तो मिली.. मगर आज देखा फुटपाथ पर पेड़ गिरे हुए थे, जहाँ कल तक लोग सोते थे..

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