2 मिनट में, अपना ब्लॉग गूगल के चंगुल से बचाएँ

आजकल जो हाहाकार मचा हुआ है गूगल खाता बंद होते जाने के कारण, उसी कड़ी में दो दिन पहले गुरूवार की रात ढाई बजे मोबाइल द्वारा हुई एक पुकार पर मुझे गहरी नींद से उठना पड़ा

बड़ी मुश्किल से आँखे खोल कर नाम देखने की कोशिश की पर सब धुंधला नज़र आ रहा था, आखिर बिस्तर पर गया ही 1 बजे जो था। नहीं समझ आया तो, हार कर कान से लगा ही लिया मोबाईल। उधर से पहले तो सॉरी कहा गया इत्ती रात फोन करने के लिए और फिर कातर आवाज़ आई कि मेरे दोनों ब्लॉग गायब हो गए हैं, आप कुछ कर सकते हैं क्या?

सबसे पहले मैंने यही पूछा कि बैक-अप लेते रहे हैं? तो ज़वाब अपेक्षानुसार ही आया- ‘नहीं’। नाराज़ होने का वह कोई वक्त नहीं था। उन्हें अपने ब्लॉग की उस लिंक के अनुसार चलने को कहा जिसमें बताया गया था गूगल द्वारा बंद कर दिए ब्लॉग वापस पाने के उपाय

शुक्रवार दोपहर तक उनके ब्लॉग उनकी झोली में वापस आ गिरे

शाम को सिविक सेंटर की ‘चौपाटी’ में एक पत्रकार ब्लॉगर टकरा गए तो फिर वही विषय। हालांकि उन्होंने एक वर्ष में चार ही ब्लॉग लेख लिखे हैं लेकिन उनकी जिज्ञासा थी कि ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे गूगल द्वारा खाता बंद करने, ब्लॉग छीन लिए जाने के पहले ही कोई ऐसा इंतज़ाम नहीं हो सकता कि उससे गंभीर समस्या होने के पहले ब्लॉग का बैक-अप आदि लिया जा सके ताकि संभावित नुकसान कम किया जा सके?

सामने एक बच्चा बड़े चाव से चाऊमीन गटक रहा था उसे देखते हुए मैंने कहा कि जैसे दो मिनट में मैगी बन जाती है वैसे ही दो मिनट में अपने ब्लॉग बचाए जा सकते हैं। फिर दो मिनट में उन्हें जो बताया वही यह लिख रहा।

सबसे पहली बात तो यह कि जिस ई-मेल आईडी से आपके ब्लॉग चल रहे, उसके अलावा आपके पास जीती जागती काम करती एक अतिरिक्त ई-मेल आईडी हो (नहीं है तो बना लीजिए) अब अपने गूगल ब्लॉगर डैशबोर्ड पर जाए, जिस ब्लॉग को ‘बचाना’ है उसकी सेटिंग पर क्लिक करें।

 

मेन्यू बार के अंत में दिए गए अनुमतियाँ पर क्लिक करें

फिर सामने दिख रहे पृष्ठ में ‘लेखक जोड़ें’ पर क्लिक करें

सामने दिख रहे खाली स्थान पर अपनी ‘अतिरिक्त’ ई-मेल आईडी लिखें, आमंत्रित करें पर क्लिक करें

वहाँ दिखना शुरू हो जाएगा कि आपने किसे खुला आमंत्रण, कब दिया है।

उधर आपकी ‘अतिरिक्त’ ई-मेल आई डी में एक मेल पहुँच चुकी होगी कि आपको फलां ब्लॉग में सहयोग के लिए आमंत्रित किया गया है (जिसे आपने ही भेजा है)। अब चाहे अपनी ‘असली’ वाली मेल से लॉग-आउट हो कर या किसी दूसरे ब्राऊज़र में उस ‘अतिरिक्त’ मेल में आई आमंत्रण वाली लिंक पर क्लिक करें।

पलक झपकते ही मैगी तैयार! ओह आपका ब्लॉग बचाव तैयार। अतिरिक्त मेल से चल रहे ब्लॉगर डैशबोर्ड में आपका ब्लॉग दिख रहा होगा।

उधर ‘असली’ मेल से खुले ब्लॉगर डैशबोर्ड में दिखना शुरू हो जाएगा कि ‘अतिरिक्त’ आई डी वाला आपसे जुड़ चुका है। अब सबसे ज़रूरी काम करना ना भूलें! उस ‘अतिरिक्त’ आई डी के सामने दिए गए ‘व्यवस्थापकीय विशेषाधिकार प्रदान करें’ लिंक पर क्लिक करें

एक चेतावनी सरीखा लिखा आएगा। बेहिचक व्यवस्थापकीय विशेषाधिकार प्रदान करें’ पर क्लिक कर सारा कार्य समाप्त करते हुए चैन की सांस लीजिए।

अब कभी ‘असली’ आई डी वाला खाता बंद हो जाए तो अपनी ‘अतिरिक्त’ आई डी से ब्लॉगर डैशबोर्ड पर जा कर अपना सारा कार्य कर सकते हैं। बेहतर होगा दूसरी आई डी में नाम फोटो वही रखें, जो पहली वाली आई डी में है।

मैं खुद इसी तरीके से अपने ब्लॉग बचा सकने में सफल हुआ हूँ।

कुछ भूल तो नहीं गया बताने से?

2 मिनट में, अपना ब्लॉग गूगल के चंगुल से बचाएँ
लेख का मूल्यांकन करें
Print Friendly, PDF & Email

मेरी वेबसाइट से कुछ और ...

2 मिनट में, अपना ब्लॉग गूगल के चंगुल से बचाएँ” पर 54 टिप्पणियाँ

  1. बढ़िया टोटका …….इससे उपाय से कभी हमने पुरानी आईडी से अपने ब्लॉग को नई आईडी पर ट्रांसफर किया था ….हालाँकि इस प्रक्रिया में ब्लॉगर (या कहें गूगल+ प्रोफाइल) का दिखना बंद हो जाएगा ……और उसकी जगह दोनों प्रोफाइल के लिंक आयेंगे| हालाँकि इसका तोड़ यह है कि एक विजेट के सहारे अपनी प्रोफाइल बनाई जा सकती है !

    हालाँकि गूगल+ के दौर में एक से अधिक गूगल+ प्रोफाइल या ब्लॉगर प्रोफाइल कितनी उचित रहेंगी? सुनते आ रहे हैं कि गूगल+ में गूगल एक ही आइडेंटिटी पर अधिक जोर दे रहा है !

    धन्यवाद इस जुगाड की याद दिलाने के लिए !
    टिप्पणीकर्ता प्राइमरी के मास्साब ने हाल ही में लिखा है: शिक्षकों से एक प्रभावोत्पादक अपीलMy Profile

  2. इस चेतावनी के लिए धन्यवाद सरजी। आपके निर्देशानुसार यह कार्य कुछ देर मे करने की कोशिश करूंगा।
    लगता है गूगल हिन्दी ब्लागों का दुश्मन बन गया है, क्योंकि अन्य किसी प्रकार के ब्लॉग बंद होने की घटना मेरी जानकारी मे नहीं है।

  3. बेहतर होगा दूसरी आई डी में नाम फोटो वही रखें, जो पहली वाली आई डी में है।.

    Kya email id identical hona chaahiye? aur agar asli email id gmail mein hai toh kya doosera id kisi dooseri jagah se banaanaa padhega, identical email id rakhenge toh gmail mein availability nahi hai aisa bataayega na.

  4. Heart

    दोनों ई-मेल्स का एक सरीखा होना कोई ज़रूरी नहीं
    वह तो रुचि पर निर्भर है
    अगर एक आई-डी karina4 है तो दूसरी आई-डी karina7 हो सकती है
    या फिर एक हो karina और दूसरी madhuri

    कोई आवश्यक नहीं कि जी-मेल में ही हो दूसरी आई-डी

    • thank you…vaise comment box ke neeche provision hai ki jab doosera comment aaye toh mujhe email se pataa chal jaaye lekin aisa nahi hua, kyun?

  5. बचाव का एकदम सही तरीका बताया है आपने|

    आज मेरा गूगल एडवर्ड खाता बंद होने की मेल मिली है|
    टिप्पणीकर्ता रतन सिंह शेखावत ने हाल ही में लिखा है: क्यों सिकुड़ते है धुलने के बाद नए कपड़े ?My Profile

  6. पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद पाबला जी ज़िंदाबाद

  7. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति आज के तेताला का आकर्षण बनी है
    तेताला पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से
    अवगत कराइयेगा ।

    http://tetalaa.blogspot.com/

  8. बहुत काम आने वाली है यह जानकारी ।
    लेकिन यह बताएं कि दूसरा खाता / इ मेल आई डी क्या गूगल में ही बनानी पड़ेगी ?

  9. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है!
    आपके ब्लॉग पर अधिक से अधिक पाठक पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

  10. पाबला जी बढ़िया जुगाड़ बताया आपने.कल ही गूगल ने मुझे धोखा दे दिया था.लेकिन केवल जी की मदद से ही बच पाया.

  11. कल्पना मात्र से ही दिल बैठ जाता है। वो तो आप हैं कि फोन उठा लेते हैं। कुछ दूसरे तकनीकी ब्लॉगर बंधु तो ई-मेल तक का जवाब नहीं देते।

  12. बढिया जानकारी।
    पाबला जी, एक जानकारी की अपेक्षा है, क्‍या ब्‍लागस्‍पाट से वेबसाईट में शिफ्ट कर जाने से पुराने पोस्‍ट, टिप्‍प्‍णियां और फालोवर्स की सूची साथ ही शिफ्ट होती है या फिर नए सिरे से शुरू करना होता है…..????
    टिप्पणीकर्ता अतुल श्रीवास्‍तव ने हाल ही में लिखा है: अध्‍ययन यात्रा बनाम दारू पार्टी…. !!!!!My Profile

    • Smile

      ब्‍लागस्‍पाट से वेबसाईट में शिफ्ट कर जाने से
      पुराने पोस्‍ट, टिप्‍प्‍णियां वेबसाइट में शिफ्ट हो जाती हैं
      फोलोअर की सूची शिफ्ट नहीं होती लेकिन फोलोयर को पहले की तरह आपकी (वेबसाइट की) नई पोस्ट मिलती दिखती रहेगी (इसी बहाने नए फोलोयर भी बनने लगते हैं)
      (फीडबर्नर) फीड पाने वालों को भी पहले की तरह फीड मिलती रहेगी
      किसी (स्वचालित) एग्रीगेटर पर भी कोई बदलाव नहीं करना होगा, हमेशा की तरह आपका नया लेख प्रकट हो जाएगा

      यत्र तत्र अन्यत्र बिखरी आपके (ब्लॉग की) लिंक पर क्लिक किए जाने पर पाठक, ठीक उसी लिंक वाले (वेबसाईट) लेख पर लैंड करेगा
      (इस तकनीक का प्रयोग किए जाने पर आपका ब्लॉग दुनिया की नज़रों से अदृश्य हो जाएगा, लेकिन आप लेखक के रूप में उसे कभी भी डैशबोर्ड के सहारे देख सकेंगे)

      यह उपरोक्त सब कुछ, एक सामान्य (गूगल) ब्लॉग प्रक्रिया पर लागू होता है.

  13. बहुत बढि़या मैंने तो अपने सभी ब्‍लॉगों कापरसों ही बैकअप लिया है। और जुडे हुए इतने खाते हैं कि खोते खोते खोया ही बन जाएगा। और खोया अवश्‍य काम आएगा पाने के। जय हो पाबला जी की।

  14. Approve

    अपनी सुरक्षा खुद ही की जा सकती है

    (दो लिंक देते ही टिप्पणी को स्पैम मान लेने कहा गया है कम्प्यूटर जी से!
    इसी चक्कर में आपका कमेन्ट भी रूका रहा)

  15. जब असली वाले को लॉग ऑउट कर दिया तो वहां खुला डैशबोर्ड नहीं दिख रहा है। पहले से चले आ रहे याहू मेल में ब्लॉग दिखा लेकिन आगे वाला काम नहीं कर पाया। याहू मेल में दिये दिये ब्लॉग के लिंक से मेरा ब्लॉग खुला लेकिन जब साइन इन में क्लिक किया तो मेल आई डी पूछ रहा है। डैशबोर्ड नहीं खुल रहा है।

  16. Weary

    ऎसी शिकायतें मिल रहीं हैं कि गूगल मेल के अलावा कोई आई-डी काम नहीं कर रही ‘अतिरिक्त’ मेल के रूप में
    आप कोई नई/ पुरानी जी-मेल आई-डी का प्रयोग कर लें

  17. पहले तो 212 टिप्पणियाँ देखकर ठिठक गया। लेकिन 212 में 150-170 तो 4-5 टिप्पणियाँ ही हैं। …वैसे जानकारी काम की है। एक बार भुगत चुका हूँ, यह उल्लंघन करने का तथाकथित आरोप…धन्यवाद। अब आपके यहाँ आना होगा…
    टिप्पणीकर्ता चंदन कुमार मिश्र ने हाल ही में लिखा है: इस शहर में हर शख़्स परेशान-सा क्यों हैMy Profile

  18. बहुत शानदार पोस्ट ..इनती अच्छी जानकारी देने के लिए धन्यवाद …

इस लेख पर कुछ टिप्पणी करें, प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *


टिप्पणीकर्ता की ताज़ा ब्लॉग पोस्ट दिखाएँ
Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)
[+] Zaazu Emoticons