2012 तक कारें आपस में बातें करेंगीं

वैज्ञानिकों ने रेडियो आधारित एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसके सहारे कारें आपस में ‘बातचीत’ कर सकेंगी। संभावित दुर्घटनाओं का विश्लेषण करेंगी और चालक को सलाह भी देंगी। आस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों के एक दल ने यह रेडियो तकनीक विकसित की है। यह तकनीक संभावित दुर्घटना, पिछले हिस्से से होने वाली टक्कर और लेन बदलाव के बारे में कार के चालकों को चेतावनी देने में भी सक्षम होगी। रोजमर्रा के वाहनों में यह जल्दी ही उपलब्ध हो सकती है। वैज्ञानिकों की माने तो 2012 तक ऐसी कारें सड़कों पर दौड़ने लगेंगी।

इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों ने इस तकनीक के बारे में बताया कि यह यातायात का प्रबंधन करेगी, चालकों के लिए बेहतर रास्ता चुनेगी, यातायात की भीड़ को कम करने में मददगार होगी और यह ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को भी कम करेगी। UniSA Telecommunication Research Institute के प्रमुख वैज्ञानिक प्रोफेसर एलेक्स ग्रांट ने कहा कि GPS और Wi-Fi Communication की मदद से इस रेडियो तकनीक को विकसित किया गया है। वाहनों को आपस में प्रभावी रूप से बातचीत करने में यह मददगार साबित होगी।
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2012 तक कारें आपस में बातें करेंगीं” पर 3 टिप्पणियाँ

  1. बढ़िया जानकारी ! कार से बात करते भी बड़ा मजा आएगा अकेला आदमी सफर में बोर भी नही होगा !

  2. ओह, रियली?! अभी तो हमारा कम्प्यूटर हमसे बात नहीं करता। फोनेटिक्स इनपुट नहीं लेता।

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